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बारगाह में सजदा, मांगी मुल्क में अमन की दुआ

Allahabad

Updated Sun, 28 Oct 2012 12:00 PM IST
ईद-उल-अजहा
कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा शनिवार को पूरी अकीदत और संजीदगी के साथ मनाया गया। सभी ने खुदा की बारगाह में सजदा किया। वापसी पर पूरी पाबंदी से अल्लाह के हुक्म की तामील करते हुए जानवरों की कुर्बानी कराई और उसकी रजामंदी हासिल की गई। बाद नमाज लोगों ने एक दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी। कुर्बानी का यह सिलसिला अगले दो दिनों तक जारी रहेगा।
इलाहाबाद। ईदगाह, जामा मस्जिदों सहित शहर की तमाम मस्जिदों में बकरीद की खास नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। खुदा की बारगाह में सजदे के साथ लोगों ने बकरीद के वाकये के साथ इसका मकसद जाना और बेहतर इंसान बनने का सबब भी हासिल किया। ईद के बाद एक बार फिर बकरीद पर लोगों ने एक दूसरे को मुबारकबाद दी। मुबारकबाद देने के लिए बारगाहों के बाहर अनेक दलों के नेता और गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।
वापसी पर लोगों ने दुआ पढ़कर जानवरों की कुर्बानी करवाई। शरीयत के मुताबिक गोश्त को तीन हिस्सों में से एक हिस्से को गरीबों, जरूरतमंदों जबकि दूसरे हिस्से को परिचितों, रिश्तेदारों के बीच भिजवाया गया। तीसरा हिस्सा अपने इस्तेमाल में रखा गया। गोश्त के साथ ही घरों में किसिम-किसिम की सेवइंया और कई तरह के नमकीन पकवान बनवाए गए। पर्व पर दोस्तों, परिचितों, मित्रों, रिश्तेदारों से मिलने और उन्हें मुबारकबाद देने के लिए लोगों का एक-दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
होती रही बकरों की खरीद
इलाहाबाद। कुर्बानी का त्योहर ईद-उल-अजहा अगले दो दिनों तक मनाया जाएगा, सो शनिवार को भी रसूलपुर, चौक, नखासकोहना, हटिया आदि मंडियों में बकरे की खरीद की गई। हालांकि दूसरे दिन बाजार कुछ नरम दिखा। लोगों ने मोलभाव करके मनमुताबिक बकरे खरीदे।
चखी सेवइंया, बांटी मिठास
वैसे तो बकरीद पर गोश्त ही खास रहा, पर ईद की तरह की घरों में तरह-तरह की सेवइंयां भी पकाई गईं। लोगों को अपने गैर मुस्लिम दोस्तों का खास तौर पर इंतजार रहा। उनके आने पर उन्हें खास तवज्जो दी गई और उनके संग सेवइयंों की मिठास बांटी गई।
बिकी छूरी, चिकवों की मांग
बकरीद पर जानवरों को जिबह कराने के लिए चिकवों की खूब मांग रही। हालांकि पहले ही उन्हें लोगों ने अपने-अपने घरों के लिए बुक कर रखा था, पर इसके अतिरिक्त भी उन्हें कई घरों से बुलावा रहा। इस काम के लिए लोगों ने उन्हें मुंहमांगी कीमत भी दी। वहीं बकरा मंडियों के पास ही छूरी भी बिकी।
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