आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मंत्री जी, कहां से निकलेगा महाकुंभ का रेला

Allahabad

Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। महाकुंभ के दौरान शहरियों को जाम से बचाने के लिए करोड़ों की लागत से बना अलोपीबाग फ्लाईओवर मेले के लिए सबसे बड़ी परेशानी साबित होने जा रहा है। फ्लाईओवर का निर्माण जिस तरीके से किया गया है, उसके कारण शहर से संगम की तरफ जाने वाली दो प्रमुख सड़कों की चौड़ाई चौथाई रह गई है। फ्लाईओवर के नीचे जो हाल है, वहां से महाकुंभ का रेला निकलने पर भारी अफरातफरी होना तय है। सड़कों की चौड़ाई इतनी कम रह गई है कि वहां से सामान्य मेले की भीड़ भी निकलना मुश्किल है, महाकुंभ की भीड़ को इस रास्ते से गुजारना खराब सपने से कम नहीं होगा। बड़ी परेशानी यह है कि अलोपीबाग फ्लाईओवर जिन दो चौराहे के ऊपर बना है, वही संगम की तरफ जाने के मुख्य रास्ते थे। वहां चौराहे नहीं बचे और शहर से संगम की तरफ जाने को जो सड़क बची है, वह इतनी भर है कि रोज का ट्रैफिक किसी तरह निकाला जा सके। भीड़ को निकालने का क्या इंतजाम किया गया, इस पर किसी का ध्यान ही नहीं है। नगर विकास मंत्री आजम खां रविवार को इलाहाबाद आ रहे हैं। उन्होंने पहले भी फ्लाईओवर को लेकर नाराजगी जताई थी। उम्मीद है कि महाकुंभ के दौरान संभावित इस परेशानी पर उनकी नजर जरूर जाएगी।
फ्लाईओवर के कारण होगा भारी जाम
जो फ्लाईओवर जाम से निजात के लिए बनाया गया, वही जाम की सबसे बड़ी वजह बनने जा रहा है। फ्लाईओवर के नीचे सोहबतियाबाग से अलोपीबाग और हर्षवर्धन चौराहा से सोहबतियाबाग की तरफ जाने वाला मोड़ इतना पतला हो गया है कि जाम की समस्या कम होने के बजाय और बढ़ना तय है। हाल यह है कि वहां से किसी तरह दोपहिया ही निकल पाती है। फ्लाईओवर अब अफसरों के गले की हड्डी बन चुका है। फ्लाईओवर पर और उसके नीचे यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए नई-नई तरकीबें खोजी जा रही हैं लेकिन अफसरों की लाख कोशिशों के बावजूद रास्ता साफ होता नजर नहीं आ रहा है। नगर विकास मंत्री फ्लाईओवर के ऊपर और नीचे की स्थिति देखेंगे तो उन्हें एहसास होगा कि फ्लाईओवर की योजना में कितनी बड़ी भूल हुई। करोड़ों रुपए फूंक दिए गए और शहरियों को उससे फायदा होने के बजाय केवल नुकसान होने जा रहा है।
यातायात को सुगम बनाने के लिए योजनाएं-
झूंसी से फ्लाईओवर पर चढ़ने वाले वाहन सोहबतियाबाग की तरफ न मुड़ सकें और दुर्घटना को टाला जा सके, सो महज साढ़े सात मीटर चौड़े फ्लाईओवर पर डिवाइडर बनाया जाएगा।
हर्षवर्धन चौराहा से सोहबतियाबाग और अलोपीबाग से सोहबतियाबाग आने वाले संकरे मोड़ को चौड़ा किया जा सके, इसके लिए नाले पर स्लैब डाला जाएगा।
पार्किंग की समस्या न हो, सो हर्षवर्धन चौराहे की दक्षिण दिशा में पार्किंग स्थल के लिए जमीन तलाशी जा रही है।
हवाहवाई योजनाओं से नहीं मिलेगी राहत
पुल पर डिवाइडर बना तो एक तरफ के रास्ते की चौड़ाई महज साढ़े तीन मीटर रह जाएगी। ऐसे वाहनों के चलने की जगह आधी रह जाएगी। एक मोटरसाइकिल भी ट्रक को ओवरटेक नहीं कर सकेगी। कोई ट्रक खराब हुआ तो पुल पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
नाले पर स्लैब बनाकर मोड़ को चौड़ा करने का निर्णय तो लिया गया लेकिन यह काम कब शुरू होगा और कब पूरा, अब तक इसकी कोई योजना नहीं बनी। नाले की हालत भी बदतर है। ऐसे में स्लैब बनाने से पहले नाले की मरम्मत करानी पड़ेगी। मेले से पहले यह काम पूरा होना मुश्किल लग रहा।
अफसर यह भूल गए कि हर्षवर्धन चौराहे की दक्षिण दिशा में सेना की जमीन है। पार्किंग स्थल का चयन तो कर लिया जाएगा लेकिन सेना अपनी जमीन पार्किंग के लिए देगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है। ऐसे ढेरों उदाहरण मिल जाएंगे, जहां सेना की आपत्ति के कारण योजनाएं अधर में लटक गईं।
फ्लाईओवर बनाने का मकसद
फ्लाईओवर बनाने का एकमात्र मकसद यही था कि नैनी, वाराणसी और लखनऊ की तरफ से आने वाले जो वाहन फोर्ट रोड चौराहे से निकलते हैं, फ्लाईओवर के जरिये डायवर्ट कर दिए जाएंगे। ऐसे में फ्लाईओवर के नीचे वाली सड़क की चौड़ाई कम भी हो जाती है तो कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि बड़े वाहन तो फ्लाईओवर पर चढ़ जाएंगे और नीचे वाली सड़क पर छोटे वाहन ही रह जाएंगे।
मकसद से ही भटक गई योजना
फ्लाईओवर जिस उद्देश्य से बनाया गया, अब वह पूरा नहीं हो सकेगा। सब कुछ उल्टा-पुल्टा हो गया। वाराणसी से झूंसी पुल होकर सोहबतियाबाग आने वाले और सोहबतियाबाग से वाराणसी एवं नैनी की ओर जाने वाले बड़े चार पहिया वाहन फ्लाईओवर पर नहीं चढ़ सकेंगे। इन वाहनों को फ्लाईओवर के नीचे वाली सड़क से होकर ही निकलना पडे़गा। ऐसे में फ्लाईओवर के नीचे की सड़क पर भी नो-इंट्री छूटने के बाद जाम जैसी स्थिति बन जाएगी। इस सड़क पर मेले के कारण दुर्घटना रोकना भी प्रशासन के लिए चुनौती होगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

नाखून चबाने की लत को छूमंतर कर देगें ये टिप्स

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

बॉडी बिल्डिंग में पनीर से भी ज्यादा फायदेमंद ये फूड, होगा चमत्कारी असर

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

रोमांस के मामले में चंचल होती हैं इस राशि की लड़कियां, जानिए दूसरी राशियों के बारे में सब कुछ

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

असल जिंदगी में बेहद शर्मीले ये एक्टर टीवी शो में हुए न्यूड, तस्वीरें आईं सामने

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

सलमान की पहली फिल्म में काम कर चुकी इस हीरोइन ने की ऐसी गलती, खानी पड़ी थी जेल की हवा

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

Most Read

MCD उपचुनावः भाजपा का नहीं खुला खाता, आप को मिली जीत

mcd bypoll on 2 seats: know results here as aap won a seat
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

ED का शिकंजा, मीसा भारती का CA गिरफ्तार

ED arrested Misa Bharti's chartered accountant Rajesh Agarwal in money trail scam
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

11 सुरक्षाकर्म‌ियों से घ‌िरे रहेंगे श‌िवपाल, योगी सरकार ने दी जेड श्रेणी सुरक्षा

 shivpal and suresh khanna gets z security
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश: बलिया में सपा नेता की गोली मारकर हत्या

UP: SP leader Sumer Singh shot dead by motorcycle borne miscreants in Ballia
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

योगी सरकार ने बदला पेंशन योजना का नाम, अब मिलेंगे एक हजार रुपये

 UP govt to give 1000 rps under pension yojna.
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top