आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

जीता जा सकता है बिना धन और बल के भी चुनाव

Allahabad

Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। यह आम धारणा बन गई है कि धन और मशल्स बल के बिना चुनाव नहीं जीता जा सकता। यहां तक कि कांग्रेस की बैठक में भी यह मुद्दा उठा लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने धारणा को नकार दिया है। कई प्रत्याशियों और संगठनों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तरह पैसा बहाया तो दबंग किस्म के कई छात्र नेताओं की मौजूदगी के कारण गैंगवार की भी आशंका जताई गई लेकिन विद्यार्थियों ने संघर्ष को तवज्जो दी। महामंत्री पद एक अपवाद जरूर हो सकता है लेकिन चुनाव जीतने वाले अन्य पदाधिकारियों में किसी के पिता सरकारी मुलाजिम हैं तो किसी का परिवार छोटी दुकान से चलता है।
सरकारी मुलाजिम का बेटा है दिनेश
अध्यक्ष पद पर निर्वाचित दिनेश यादव के पिता सरकारी नौकरी करते हैं। बड़े भाई भी मुंबई में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। यानी, राजनीति के लिए परिवार से आशीर्वाद और हिम्मतआफजाई के अलावा कुछ नहीं मिलता। दिनेश की छवि भी एक सीधे और मिलनसार नेता के रूप में है। समाजवादी छात्र सभा के पैनल से चुनाव लड़ने के कारण कुछ वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला लेकिन इतनी बड़ी जीत का आधार छात्रहित में दिनेश के संघर्षों के दौरान ही तैयार हो गया था।
महज सवा साल में बन गई नेता
विश्वविद्यालय में तमाम नेता वर्षों की राजनीति के बाद भी सफल नहीं हो पाए लेकिन बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा शालू यादव ने महज सवा साल में उपाध्यक्ष पद तक सफर पूरा कर लिया। इसके पीछे भी कोई धन-बल नहीं बल्कि, संघर्ष है। शालू के पिता का व्यवसाय है और शालू को उनसे मात्र पढ़ाई के लिए पैसा मिलता है। प्रचार अभियान में भी पूरी सादगी दिखी लेकिन इन सभी के बावजूद जेल से चुनाव लड़ने वाले तथा लाव लश्कर के साथ घूमने वाले को पछाड़ दिया।
आर्मी की ट्रेंनिग ने दी ताकत
संयुक्त सचिव चुने गए गया शंकर यादव के पिता राजनारायण आर्मी में सूबेदार हैं। लाजिमी है चुनाव लड़ने के लिए पैसा पिता से नहीं मिला। हां, पिता से कुछ कर गुजरने का जज्बा जरूर मिला। गया ने प्रचार अभियान के दौरान ‘स्वच्छ राजनीति’ के नारे का भी पूरी तरह से पालन किया तथा पत्ते पर लिखकर प्रचार किया, जिसे छात्र-छात्राओं ने भी सराहा और नेता चुना।
संघर्ष से तैयार हुआ जीत का आधार
सांस्कृतिक सचिव चुने गए देवमणि मिश्रा भी बेहद ही सामान्य परिवार से हैं और पिता सरकारी नौकरी करते हैं। प्रचार अभियान के दौरान पूरी सादगी दिखी। देवमणि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्षरत रहे, जो जीत का आधार बना।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

force elections

स्पॉटलाइट

लगने वाली है इन 5 राश‌ियों को शन‌ि की नजर, इन उपयों से बचें

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

'जमाई राजा' की सास ने 19 साल पहले कराया था बोल्ड फोटोशूट, वायरल हुईं तस्वीरें

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

फिल्मफेयर मैग्जीन पर दिखा दीपिका का 'कातिलाना' अंदाज, दिल थाम लीजिए जनाब!

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

'ट्यूबलाइट' के सेट पर कौन है ये बच्चा, गले लगाकर रो पड़े सलमान खान

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

कपिल शर्मा के शो में कुछ ऐसे करतब दिखाएंगे सुपरस्टार जैकी चैन

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अपना दल और भाजपा में दस सीटों पर सहमति 

Uttar Pradesh election BJP Apna Dal Ten seats in agreed
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

सोशल मीडिया पर डीआईजी वाराणसी का 'सियासी एसएमएस' वायरल

social media DIG Varanasi political SMS viral
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top