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जनगणना को लगा बिजली का झटका

Allahabad

Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। जाति, सामाजिक और आर्थिक आधार पर जारी जनगणना को बिजली ने झटका दे दिया है। ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती की जबर्दस्त समस्या के आगे जनणगना कर्मियों ने घुटने टेक दिए हैं। लैपटॉप और पीसी बंद पड़े हैं जबकि पूरी जनगणना इन्हीं दोनों उपकरणों के जरिये की जानी है। हालत इतनी खराब है कि अब तक शहर की जनगणना शुरू भी नहीं कराई जा सकी जबकि 15 सितंबर तक यह काम पूरा कर लेना था।
वैसे तो कई और कारणों से भी जनगणना का काम धीमा है लेकिन बिजली कटौती इस काम में सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई है। जनगणना का पूरा काम लैपटॉप और टैबलेट के माध्यम से रहा है। इसके लिए जनगणना कर्मियों को तकरीबन 1400 टैबलेट, लैपटॉप दिए गए हैं। जनणगना संबंधित सभी जानकारियां इन्हीं उपकरणों में सीधे दर्ज की जानी हैं जबकि ग्रामीण इलाकों में महज तीन से चार घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में सभी लैपटॉप और टैबलेट शोपीस बन गए हैं, क्योंकि उन्हें चार्ज करने के लिए पर्याप्त बिजली ही नहीं मिल रही। थोड़ी देर के लिए बिजली आती भी है तो उससे एक-दो घंटे से ज्यादा लैपटॉप, टैबलेट नहीं चलाया जा सकता। प्रशासन की मंशा थी कि जुलाई तक ग्रामीण इलाकों में जनगणना का काम पूरा कर शहरी क्षेत्र में 21 अगस्त से जनगणना शुरू करा दी जाएगी लेकिन ग्रामीण इलाकों में ही अभी यह काम अधूरा है। समय तेजी से बीत रहा है। प्रशासन ने अब पहली अक्तूबर से शहरी क्षेत्र में जनगणना का काम शुरू कराने का निर्णय लिया गया है।
मॉनीटरिंग की भी कमी
जनगणना के काम की मॉनीटरिंग भी बिल्कुल नहीं हो रही। प्रशासन के आला अधिकारी शहर में बैठक कर जनगणना की समीक्षा कर रहे हैं जबकि जनगणना ग्रामीण इलाकों में हो रही है और शहर का अभी नंबर ही नहीं आया। जनगणना की हकीकत जानने के लिए अब तक किसी भी उच्चाधिकारी ने मौके पर जाकर समीक्षा नहीं की।
कई योजनाएं हो सकती हैं प्रभावित
जनगणना का काम पूरा करने के लिए तय समय सीमा बीत चुकी है। मॉनीटरिंग पहले से नहीं हो रही और समय तेजी से बीतने के कारण जनगणना का काम अब और जल्दबाजी में होगा। ऐसे में जनगणना के दौरान तमाम गलत आंकड़े दर्ज किए जाने की आशंका बढ़ गई है। अगर फर्जीवाड़ा ज्यादा हुआ तो शहर को कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से हाथ धोना पड़ा सकता है, क्योंकि सरकार की तमाम योजनाएं जाति, सामाजिक और आर्थिक आधार पर ही लागू की जाती हैं।
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