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कुनबे संग एनआरआई भी लगाएंगे डुबकी

Allahabad

Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा आदि देशों में बसे श्रद्धालु करेंगे कल्पवास
पितरों के लिए कर्मकांड, याज्ञिक अनुष्ठान संग अन्न क्षेत्र भी चलाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अबकी महाकुंभ में संगम में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं में से बड़ी संख्या अप्रवासी भारतीयों की भी होगी जो न सिर्फ अकेले नहीं बल्कि पूरे कुनबे के साथ संगम की रेती पर आने को आतुर हैं। इसके लिए उन्होंने अपने तीर्थपुरोहितों को अभी से सूचित कर दिया है ताकि ऐन कुंभ मेले में न उन्हें किसी तरह की दिक्कत हो और न ही उनके तीर्थपुरोहितों को ही उनकी व्यवस्था के लिए किसी तरह की भागदौड़ करनी पड़े।
वैसे तो इनमें तकरीबन सभी प्रांतों के लोग शामिल हैं, पर इनमें गुजरात से जुड़े अप्रवासी भारतीयों की संख्या ज्यादा है जो अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा आदि देशों में बसे हैं। उन्होंने अपने तीर्थ पुरोहित को अपनी जरूरत की चीजों सहित खानपान की व्यवस्था भी बताई है।
अहमदाबाद के जयकृष्ण भाई ठक्कर के बेटे हरीश भाई, आनंद भाई के संग कनाडा से कार्तिक भाई भी आएंगे जो पूर्वजों के लिए कर्मकांड और कई अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त माह भर अन्नक्षेत्र भी चलाएंगे। अमेरिका से मिनजी मामा का कुनबा भी कुंभ में आएगा। उनकी बहू ने अपने स्टॉफ के साथ मेले की जानकारी लेते हुए अपने तीर्थपुरोहित को व्यवस्थाओं के बाबत बताया है।
कभी कोठापारचा में रहे गुजरात के आनंद के करीब बोरसद गांव के रहने वाले विठ्ठल भाई दशकों पहले बेटियों के पास इंग्लैंड चले गए थे। अबकी वे भी बेटे पप्पू और बेटियों के साथ कुंभ में कल्पवास के लिए आएंगे। हाथी निशान वाले वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित संतोष गोर कहते हैं, कुंभ के दौरान वे न सिर्फ संगम में डुबकी लगाएंगे बल्कि अपने पुरखों के निमित्त अनेक कर्मकांड और कई तरह के अनुष्ठान भी कराएंगे। कुनबे के साथ आने का उद्देश्य यह भी कि विदेशों में पली-बढ़ी नई पीढ़ी भारतीयों संस्कारों से परिचित हो सके।
संतों के शिविरों में भी ठौर लेंगे अप्रवासी
गुजरात के अनेक प्रसिद्ध संतों के शिविरों में भी अप्रवासी भारतीयों का डेरा जमेगा। सारसा के संत अलख जी के साथ दो सौ से ज्यादा अप्रवासी भारतीय होंगे। तीर्थ पुरोहित विमल पांडेय के मुताबिक गुजरात के आनंद के कैवल्य आश्रम के संस्थापक संत अविचल दास के शिविर में भी याज्ञिक अनुष्ठान के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा होगा।
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