आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

कुपोषित पहचान होने के बाद घटा 400 बच्चों का वजन

Allahabad

Updated Thu, 12 Jul 2012 12:00 PM IST
प्रशासन की तरफ से दी गई पीली पर्ची, गायब हो गया पोषाहार, अब हालत गंभीर
गंभीर कुपोषित बच्चों को बचाने के बजाय लीपापोती में जुटे अधिकारी
इलाहाबाद। गोदाम में जगह न होने का बहाना बनाकर किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले जिले के अधिकारियों ने बच्चों के पोषाहार में भारी गोलमाल किया है। जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ने और कुपोषण से जुड़ी बीमारियों से मौत के मामले की जांच में सामने आ रहा है कि पोषाहार में करोड़ों का गोलमाल हुआ है। कागजों पर जिन गांवों में पोषाहार का लगातार वितरण दिखाया गया है, वहां बच्चों का भार कम हुआ है। मसलन छह माह पहले जिन बच्चों का वजन चार किलोग्राम था, वर्तमान में साढ़े तीन किलोग्राम रह गया। एक दो नहीं, यमुनापार के गांवों में लगभग 400 बच्चों का वजन पिछले छह महीनों में घटा जबकि इन सभी बच्चों के पास पीली पर्ची है। पीली पर्ची का मतलब बच्चे कुपोषित की श्रेणी में चिन्हित हैं और उन्हें दोगुना पोषाहार मिलना चाहिए। दोगुना पोषाहार मिलने के बाद भी बच्चों का वजन लगातार कैसे कम हो रहा, समझा जा सकता है। कुछ बच्चे जो छह माह पहले साधारण तौर पर कुपोषित थे, अब ठीक होने के बजाय गंभीर कुपोषित हो गए। यह जानकर किसी को भी हैरानी होगी कि जिन बच्चों को जनवरी मे सामान्य कुपोषित के तौर पर चिन्हित किया गया, उन्हें पोषाहार दिया गया तो जून तक उनमें से 80 अतिकुपोषित कैसे हो गए?

बच्चों को बचाने केबजाय लीपापोती में जुटे अधिकारी
डीएम के आदेश पर कुपोषण के शिकार बच्चों की मौत के मामले में भले ही जांच शुरू करा दी गई लेकिन अफसरों की पूरी कोशिश है कि किसी भी तरह मामला दबा दिया जाए या जांच की दिशा मोड़ दी जाए। अफसरों को पता है कि बच्चों की मौत में कुपोषण की वजह साबित हो गई तो कई अधिकारी नप जाएंगे। नौकरी बचाने में जुटे अधिकारी उन बच्चों को लेकर बेसुध हैं जो गंभीर कुपोषण के शिकार हैं और अभी जिंदा है।
प्रशासन की तरफ से जो लिस्ट पहले बनाई गई, उसमें हजारों कुपोषित बच्चों का ब्योरा है। जिन बच्चों की मौत हुई, वे गंभीर कुपोषण के शिकार थे, यह बात उनकी पर्ची में दर्ज की गई थी लेकिन इसके बाद भी अधिकारी यह साबित करने में जुटे हैं कि मौत की असली वजह कुपोषण के बजाय कुछ और थी। रिपोर्ट तैयार करने का बाद अफसरों ने यह जानने की जरूरत नहीं समझी की इन कुपोषित बच्चों को पेट भर भोजन मिला या नहीं। अब मौत के मामले का खुलासा हो गया तो अफसर लीपापोती में जुट गए हैं। गांव वालों ने बताया कि अफसरों के वहां आने से पहले ग्राम पंचायत सचिव पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि अफसरों को कुछ न बताएं ताकि उनकी नौकरी बची रहे। गांव वालों का ही आरोप है कि अफसर उन पर गलत बयान देने का दबाव बना रहे हैं। अगर अफसर इसमें सफल हो गए तो बच्चों की तरह इस घटना की जांच भी दफन हो जाएगी और लापरवाह अफसर खुद को कार्रवाई से बचाने में सफल हो जाएंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

400 weight

स्पॉटलाइट

'फिल्लौरी' का नया गाना 'साहिबा' हुआ रिलीज, दिखेगा अनुष्का और दिलजीत का रोमांस

  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

'सरकार 3' का पहला पोस्टर जारी, नहीं देखा होगा बिग बी का ऐसा रूप

  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

Toyota Camry Hybrid: नो टेंशन नो पोल्यूशन

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या करीना कपूर ने बदल दिया अपने बेटे तैमूर का नाम ?

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Oscars 2017: घोषणा किसी की, अवॉर्ड किसी को

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा मंत्री के काफिले पर हमला, 9 भाजपाई गिरफ्तार

attack on  sp minister awadesh prasad
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top