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मनमौजी मौसम ने घर घर दिया बुखार

Allahabad

Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
वायरल इंसेफ्लाइटिस और बुखार के रोगियों की संख्या हुई तीन गुना
सिविल लाइंस, तेलियरगंज, गोविंदपुर के साथ पुराने शहर में असर ज्यादा
इलाहाबाद। पहले दो माह भयानक गर्मी, उमस और उसके बाद मानसून की धमक ने शहर के बड़े हिस्से में नई परेशानी खड़ी कर दी है। 60 दिन 42 से 46 डिग्री तापमान में पकने के बाद बारिश के साथ ही पारा लुढ़कने से राहत मिली लेकिन सौ फीसदी नमी के कारण वायरल इतनी तेजी से शहर की गली गली में घुसा कि लोगों को शरीर संभालने का मौका नहीं मिला। सिविल लाइंस, कटरा, तेलियरगंज, गोविंदपुर, सलोरी, अल्लापुर समेत शहर के बड़े हिस्से में लगभग हर घर में बुखार के रोगी हैं। ज्यादातर को पिछले दो दिनों के अंदर बुखार ने जक़ड़ा। पारा नीचे जा रहा लेकिन राहत के बजाय शरीर तपने से बेचैनी लगातार बढ़ी है।
पुराने शहर की बंद गलियों में सैकड़ों वायरल रोगी
बुखार का सबसे तगड़ा वार पुराने शहर की बंद गलियों में रहने वालों पर हुआ है। अतरसुइया, नखासकोहना,करेली, खुल्दाबाद, कालाडांडा, चौक, हटिया, कीडगंज, मुट्ठीगंज में बुखार के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली और काल्विन के आंकड़ों से साफ है कि पिछले तीन चार दिनों में रोगियों की संख्या तीन गुना हो गई है। स्वरूपरानी, काल्विन में पिछले तीन दिनों में बुखार से पीड़ित नौ सौ रोगी पहुंचे जो इन्हीं इलाकों से जुड़े हैं। जून के आखिर तक बुखार के रोगियों की संख्या प्रतिदिन औसतन सौ रही।

चार दिन में दिमागी बुखार से गई छह जान
मानसून के साथ वायरल इंसेफ्लाइटिस शहर के कई मोहल्लों में तेजी से हावी हुआ है। अल्लापुर, जोंधवल, नया पुरा, राजापुर, सलोरी, बघाड़ा, साउथ मलाका, दरियाबाद, मीरापुर, सुलेम सराय में दिमागी बुखार से सौ से अधिक रोगी हैं। एसआरएन, चिल्ड्रेन, बेली में 25 मरीज भर्ती हैं जबकि शेष का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। अस्पतालों के रजिस्टर में दर्ज ब्योरे से साफ है कि चार दिनों में छह लोगों की दिमागी बुखार से मौत हो गई। इनमें दो मौते चिल्ड्रेन में हुईं, बाकी प्राइवेट अस्पतालों में। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी और फिजिशियन डॉ.दीपक पांडेय का कहना है कि दिमागी बुखार के लक्षण देख मरीज को तत्काल अस्पताल न पहुंचाया जाए तो बीमारी बेकाबू हो जाती है। जो मौतें हुईं, उनमें ज्यादातर मरीज दो से तीन दिन साधारण बुखार की दवा लेने के बाद अस्पताल पहुंचे।
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