आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

नन्हीं कली पर बंदिशों का बोझ

Agra

Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
आगरा। मम्मी! मुझे बाहर खेलने क्यों नहीं जाने देती? क्या जवाब इस सवाल का। मेेरे अंदर के डर को वो कैसे समझेगी। मीठी मीठी बातों से बहला देती हूं लेकिन देखती हूूं कि वह बुझ सी जाती है। यह व्यथा उस मां का है जिसकी बच्चियां हैं। बढ़ती सामाजिक विकृति से बच्चियों का बचपन छिन गया है। गुड़िया रानी हर पल नजरों में है तो ठीक नहीं तो दिल में धुकधुकी होने लगती है।
सात वर्षीय इशिका बसंल की मां सरिता, संत नगर ने बताया कि मुझसे ज्यादा पति बेटी को लेकर परेशान रहते हैं। जब तक वह स्कूल से घर नहीं आ जाती, चिंता बनी रहती है। छुटपन में मुझ पर कोई रोक नहीं थी लेकिन आज मजबूरन अपनी बच्ची पर बंदिशें लगानी पड़ती हैं।

जॉब करने वाली सोनी, संत नगर अपनी 12 साल की बेटी दीया को लेकर बहुत कॉन्सस हैं। उन्होंने बताया कि जरा सी देर होने पर आटो वाले का फोन खटखटाना शुरू कर देती हूं। वह गेट पर भी खड़ी हो तब भी मुझे डर लगता है।

साढे़ आठ साल की जूही की मां मोना, कमला नगर के अनुसार क्राइम बहुत बढ़ गया है। अब बेटी आंखों के सामने ही सेफ है। मैं जूही को अपने साथ ही पार्क में खेलने के लिये ले जाती हूं। हर वक्त एक डर लगा रहता है।

फूल वाटिका निवासी अविका की दो बेटियां श्रेया और हिति (8 व 4 वर्षीय) हैं। उन्होंने बताया कि बेटियों को लेकर दिमाग में नकारात्मक विचार बहुत आने लगे हैं। जब तक वे घर नहीं आ जाती, चैन नहीं पड़ता।


हमारे समाज में लड़की और लड़के का दर्जा बराबर नहीं है। भेदभाव की यह मानसिकता ही अपराधों की जड़ है। बच्चियों के साथ बढ़ते दुराचारों का प्रमुख कारण गांवों से शहरों की तरफ तेजी से बढ़ता पलायन भी है। निर्धन वर्ग बिना परिवार के माइग्रेट हो रहा है। सेक्सुअल आउटलेट नहीं होने से वह जानवर की तरह व्यवहार करने लगता है।
समाजशास्त्री मोहम्मद अरशद।

जो पीढ़ी इस समय से गुजर रही है, वह आगे चलकर ट्रबल करेगी। कम उम्र में हो रही घटनाएं बच्चियों के मन में अपने जेंडर के प्रति हीन भावना पैदा करती है। उनमें कुंठा घर कर जाती है। युवावस्था में नये रिश्ते में प्रवेश के बाद इंटीमेसी, डिपेंडेंसी कम रहती है। मां को अपनी बदलाव के बारे में बेटी को एजूकेट करना चाहिए।
मनोचिकित्सक विशाल
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

nanhin bud

स्पॉटलाइट

भारी भरकम लहंगों में नहीं अब इन ड्रेसेज के साथ खेलें डांडिया..

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

पत्नी ने पति को थमाई सब्जियों की ये लिस्ट, इस वजह से हो रही है वायरल

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

'बाहुबली' पर भारी पड़ गया ये 'मुंगेरीलाल', नेपाली लड़की से शादी के बाद जिंदगी हो गई थी नर्क

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

दोस्तों की ये 5 आदतें आपको कर सकती हैं परेशान, बच कर रहें

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

होटल में जाकर लोग करते हैं ये 5 काम, बताने में आती है शर्म

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

Most Read

लिखित परीक्षा से होगी बेसिक शिक्षकों की भर्ती, सिर्फ एकेडमिक मेरिट काफी नहीं

Basic teacher recruitment in uttar pradesh by written test
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

J&K: भारतीय सुरक्षाबलों ने BAT हमले को किया नाकाम, 2 जवानों के घायल होने की खबर

indian troops failed pak border action team attack ik kupwara
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

कश्मीर: सेना को मिली बड़ी कामयाबी, आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम का प्रमुख ढेर

J&K Infiltration bid foiled in Uri One terrorist killed
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

..तो यहां से चुनाव लड़ेंगे विक्रमादित्य सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने लिया ये बड़ा फैसला

shimla rural block congress committee meeting decision
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

चीन की जानी मानी मोबाइल कम्पनी पर बड़ी कार्रवाई, अॉफिस सीज

Big action on Chinese mobile company Vivo, head office season
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

छुट्टी नहीं लेने वाले कर्मचारियों पर होगी ईनामों की बौछार, लेकिन पूरी करनी होगी ये शर्त

uttarakhand roadways declared prize for employee if no leave was fullfilled
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!