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नदी का लेवल कम तो पानी खतम

Agra

Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
आगरा/बाह। खरीफ फसलों को पानी मुहैया कराने की सोचकर चंबल नहर की नींव रखी गई। पर, यह मई, जून, जुलाई और अगस्त में अधिकतर बंद रहती है। रही बात रबी फसल की, तो यह पानी के लेवल के आधार पर तय किया जाता है कि पानी मिलेगा या नहीं।
दो ब्लाकों के लिए बेहतर विकल्प
चंबल नहर, पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी से निकलती है। इस नहर से आठ रजवाहे और एक माइनर निकलती है। ये रजवाहे और माइनर बाह और पिनाहट दोनों ही ब्लाकों में सिंचाई की आपूर्ति के लिए पर्याप्त हैं।

पंप से मिलता है पानी
चंबल नहर को नदी से पानी पंपों के जरिये दिया जाता है। नदी के तट पर दो बड़ी पंप लगी हैं, जिसमें प्रत्येक की क्षमता 150 क्यूसेक है। इस तरह से नहर को 300 क्यूसेक पानी मिलता है। यह पानी कैंजरा, विप्रावली और अछुआ माइनर होते हुए किसानों के पास पहुंचता है।

मुख्य समस्या
- इस नहर को पानी मुहैया कराने वाले स्थानीय अधिकारी आगरा में डटे रहते हैं। ऐसे में पंप चलाने की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।
- चंबल नहर की पटरी काफी कमजोर है, किसानों ने बताया कि पानी वाले सीजन में अधिकतर पटरी टूटती है, ऐसे में पंप बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता।
- चंबल नहर को सिर्फ एक ही सूरत में पानी मिलता है, जब नदी का लेवल 111.50 या उससे अधिक हो। खरीफ की फसल में नहर को पानी न मिल पाने का यही सबसे बड़ा कारण भी है।

मौजूद हाल
नहर और माइनरों की सफाई के लिए सिंचाई विभाग को 278 लाख रुपये का धन आवंटित किया गया है। रबी की फसल के लिए नहर में 18 से पानी छोड़ा जाना था, लेकिन अभी सफाई चल रही है। अगले तीन से चार दिन में पानी छोड़े जाने की संभावना है।

संभावित निदान
- नहर और रजवाहों की पटरियों को दुरुस्त किया जाए, ताकि पानी छोड़े जाने पर बार-बार पंप बंद न करनी पड़े।
- नदी के तट पर नहर में पानी छोड़ने के लिए तीन पंप लगी हैं, लेकिन दो से ही पानी खींचा जाता है। तीसरी पंप शुरू होने से 150 क्यूसेक पानी अतिरिक्त मिलेगा इससे टेल तक पानी सुचारू रूप से पहुंच सकेगा।
- स्थानीय अधिकारी मौके पर रहकर प्रत्येक सीजन में पंप चलवाएं, ताकि किसानों को सिंचाई का पानी मिल सके।

नहर की सफाई चल रही है। तीन से चार दिन में पानी छोड़ दिया जाएगा। मैं नहर पर लगे तीसरे पंप को चलवाने का प्रयास कर रहा हूं, जल्द ही पंप शुरू किया जाएगा।
रमाकांत रस्तोगी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग आगरा
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