आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

नदी का लेवल कम तो पानी खतम

Agra

Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
आगरा/बाह। खरीफ फसलों को पानी मुहैया कराने की सोचकर चंबल नहर की नींव रखी गई। पर, यह मई, जून, जुलाई और अगस्त में अधिकतर बंद रहती है। रही बात रबी फसल की, तो यह पानी के लेवल के आधार पर तय किया जाता है कि पानी मिलेगा या नहीं।
दो ब्लाकों के लिए बेहतर विकल्प
चंबल नहर, पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी से निकलती है। इस नहर से आठ रजवाहे और एक माइनर निकलती है। ये रजवाहे और माइनर बाह और पिनाहट दोनों ही ब्लाकों में सिंचाई की आपूर्ति के लिए पर्याप्त हैं।

पंप से मिलता है पानी
चंबल नहर को नदी से पानी पंपों के जरिये दिया जाता है। नदी के तट पर दो बड़ी पंप लगी हैं, जिसमें प्रत्येक की क्षमता 150 क्यूसेक है। इस तरह से नहर को 300 क्यूसेक पानी मिलता है। यह पानी कैंजरा, विप्रावली और अछुआ माइनर होते हुए किसानों के पास पहुंचता है।

मुख्य समस्या
- इस नहर को पानी मुहैया कराने वाले स्थानीय अधिकारी आगरा में डटे रहते हैं। ऐसे में पंप चलाने की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।
- चंबल नहर की पटरी काफी कमजोर है, किसानों ने बताया कि पानी वाले सीजन में अधिकतर पटरी टूटती है, ऐसे में पंप बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता।
- चंबल नहर को सिर्फ एक ही सूरत में पानी मिलता है, जब नदी का लेवल 111.50 या उससे अधिक हो। खरीफ की फसल में नहर को पानी न मिल पाने का यही सबसे बड़ा कारण भी है।

मौजूद हाल
नहर और माइनरों की सफाई के लिए सिंचाई विभाग को 278 लाख रुपये का धन आवंटित किया गया है। रबी की फसल के लिए नहर में 18 से पानी छोड़ा जाना था, लेकिन अभी सफाई चल रही है। अगले तीन से चार दिन में पानी छोड़े जाने की संभावना है।

संभावित निदान
- नहर और रजवाहों की पटरियों को दुरुस्त किया जाए, ताकि पानी छोड़े जाने पर बार-बार पंप बंद न करनी पड़े।
- नदी के तट पर नहर में पानी छोड़ने के लिए तीन पंप लगी हैं, लेकिन दो से ही पानी खींचा जाता है। तीसरी पंप शुरू होने से 150 क्यूसेक पानी अतिरिक्त मिलेगा इससे टेल तक पानी सुचारू रूप से पहुंच सकेगा।
- स्थानीय अधिकारी मौके पर रहकर प्रत्येक सीजन में पंप चलवाएं, ताकि किसानों को सिंचाई का पानी मिल सके।

नहर की सफाई चल रही है। तीन से चार दिन में पानी छोड़ दिया जाएगा। मैं नहर पर लगे तीसरे पंप को चलवाने का प्रयास कर रहा हूं, जल्द ही पंप शुरू किया जाएगा।
रमाकांत रस्तोगी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग आगरा
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

river levels

स्पॉटलाइट

सलमान के चलते घुटनों पर बैठ फूट-फूटकर रोए थे करण जौहर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

पीरियड्स के दर्द से छुटकारा दिलाएगा पपीता, ये नुस्खे भी हैं कारगर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

ये हैं वो सस्ती कारें जिनका माइलेज है शानदार

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

दिल्ली पुलिस महिला कर्मियों के लिए रखेगी 'नाम शबाना' की स्पेशल स्क्रीनिंग

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

मुंह में छाले हैं तो ना करें नजरअंदाज, हो सकता है कैंसर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

Most Read

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

जानिए इस मुस्लिम युवती ने क्यों की हिंदू रीति से शादी

Muslim women marry Hindu Riti
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

सीएम ऑफिस के शुद्धिकरण पर लालू ने कसा तंज, बोले- योगी तो...

Lalu Yadav target cm yogi, what did he say about purification read
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top