आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

तंगहाली और अपनों के खोने का गम

Agra

Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
आगरा। एक मौत से जूझने को लिया गया कर्ज पूरे परिवार को लील गया। एक साल में अपनी बेटी, पत्नी और जवान बेटे को कांधा देने के बाद खैरी सिंह उर्फ केहरी टूट चुका था। कर्जदारों के तगादों के बीच वह दो बच्चों को पालने की जद्दोजहद में जुटा था, मगर जीते जी वह बेटे का कर्ज नहीं चुका सका। केहरी की मौत के बाद परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था कि तहसील वालों ने केहरी को मार डाला। परिजनों के बिलखते देखकर लोगों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा था।
चक्की पाट का रहने वाला खैरी सिंह जूता कारीगर था। उसके भाइयों ने बताया कि केहरी की पत्नी कमलेश को कैंसर हो गया था। बड़ा बेटा दीपक मां के इलाज को काफी भटका। महंगा इलाज कराने के लिए उसने बैंक से ऋण लिया था। दीपक किसी तरह कर्ज चुकाने में जुटा था मगर घर की तंगहाली और मां की बीमारी में कुछ बचता ही नहीं था। परिजनों ने बताया कि एक साल पहले खैरी की बड़ी बेटी रेनू ने ससुराल में फांसी लगाकर जान दे दी। इस सदमे को कैंसर से जूझ रही मां कमलेश बर्दाश्त नहीं कर सकी। पांच माह पहले उसने दम तोड़ दिया। मां को बचाने के लिए कर्ज लेने वाला दीपक भी मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया। कर्ज का बोझ और आर्थिक तंगी के चलते दो महीने पहले दीपक ने भी फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। एक साल के भीतर अपनी पत्नी, बेटी और जवान बेटे को खोने के गम में खैरी भी डिप्रेशन में आ गया था। तहसील के लोगों के तगादों को लेकर वह आपा खो बैठा था। केहरी की मौत की खबर आने पर परिवार वालों का बुरा हाल था।


तहसील वालों ने मार डाला!
खैरी उर्फ केहरी की मौत की खबर मिलने पर परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था कि तहसील वालों ने उसे मार डाला। सुबह आठ बजे उसे उठाकर ले गए थे। शाम पांच बजे जब भाभी पूनम खाना लेकर तहसील पहुंची तो चौकीदार ने यह कहकर भगा दिया कि यहां कोई कर्जदार बंद नहीं है। भाग जाओ यहां से। इस पर भाभी खाने का टिफिन लेकर लौट आई थी। रात दस बजे प्रशासन ने उसकी मौत की खबर घरवालों को दी। परिजनों का कहना था अब केहरी के दो बच्चे अनाथ हो गए।

बहुत विपन्न है परिवार
केहरी का परिवार कर्ज के बोझ तले डूबा हुआ है। छोटा नाबालिग बेटा केशव जूते का काम करता है। तीन दिन पहले कर्जदारों ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसके बाद से वह घर नहीं आ रहा था। अब घर में उसकी छोटी बहन मंजू और केशव ही बचे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

जनवरी का अंत‌िम सप्ताह हर राश‌ि के ल‌िए है खास जान‌िए, क‌िसे म‌िलेगा लाभ, क‌िसे नुकसान

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

फिल्म में रेप सीन करने के बाद तीना रातों तक रोती रही ये एक्ट्रेस

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top