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गुटखे पर प्रतिबंध, नशे पर नहीं...

Agra

Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
आगरा। गुटखे पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद जहां लोग खुश हैं। वहीं नशे के तलबगारों के चेहरे पर मायूसी है। हालांकि लोग कहते हैं कि सरकार ने गुटखे पर प्रतिबंध लगाया है, नशे पर तो नहीं...! ऐसे कई तलबगार हैं जो अभी से अन्य विकल्पों की तलाश में जुट गए हैं।
विकास भवन में कार्यरत एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह जानते हुए कि जीवन के लिए गुटखा बेहद घातक है, लेकिन क्या करें इसको छोड़ नहीं सकते। उनका कहना है कि परिवार के लोग तो फैसले से काफी खुश हैं, पर वे नहीं। उन्हें नहीं लगता कि आदत छूटेगी। वे कहते हैं कि अभी छह महीना है थोक में गुटखा खरीदकर रख लेंगे। इसी तरह मंटोला निवासी रईस अहमद का कहना है कि लत ऐसी पड़ गई है, तो क्या करें। अब सादा पान मसाला या सुपारी में अलग से तंबाकू मिलाकर खानी पड़ेगी। उनके मुताबिक गुटखे पर रोक है। तंबाकू पर नहीं। अलग से वे तंबाकू का सेवन कर सकेंगे।
वहीं शाहगंज निवासी अरविंद पांडे तो कहते हैं कि अभी से ही विकल्प तलाशना शुरू कर दिए हैं। सुपारी खरीदेंगे और अलग से तंबाकू मिलाएंगे। जबकि रॉकी और अर्पित कहते हैं कि अब वे गुटखा हर हालत में छोड़ देंगे। लोहामंडी निवासी सर्वेश यादव कहते हैं कि वे दिनभर में 25 पुड़िया गुटखा खा लेते थे, पर अब वे मन बना चुके हैं कि इसे छोड़ देंगे। छह महीने का मौका है। धीरे-धीरे आदत कम करते जाएंगे। नशा छूट जाएगा तो 20 हजार रुपए सालाना बचत होगी।
इंटरमीडिएट में पढ़ रहे शास्त्रीपुरम् निवासी अंकित कहते हैं कि बगैर गुटखा खाए, कोई काम नहीं होता। लत इतनी पड़ चुकी है, कि गुटखा खाए बिना पढ़ाई भी नहीं होती। अब सोच रहा हूं कि इसे छोड़ ही दूं। परिवार को भी इससे खुशी मिलेगी।
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पनवाड़ियों की चांदी
गुटखे पर प्रतिबंध के बाद पनवाड़ियों के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है। उन्हें उम्मीद है कि अब पान की बिक्री फिर से बढ़ेगी। पान मसाला व्यवसाई बॉबी भाई का कहना है 2002 में एक सर्वे रिपोर्ट में जिले में 40 हजार पान की दुकानें थीं। गुटखा प्रचलन में आने से पान की ब्रिकी में कमी आई, पर अब फिर से पान का कारोबार बढ़ जाएगा। हरीपर्वत चौराहा स्थित पान भंडार के श्याम गुप्ता का कहना है कि इस व्यवसाय में काफी फायदा है। गुटखे ने उनका व्यापार चौपट कर दिया था, पर अब फिर से अच्छे दिन आने वाले हैं। इसी तरह भगवान टाकीज स्थित पान के दुकानदार अरविंद चौरसिया का कहना है कि अब उनके कारोबार में तेजी आएगी।
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