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सभी हाउसिंग स्कीम में लागू होंगे ईसीबीसी मानक

Lucknow

Updated Fri, 21 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। प्रदेश में प्रस्तावित सभी हाउसिंग स्कीमों व मल्टी स्टोरी ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियों के निर्माण में जल्द ही एनर्जी कंजर्वेशन एंड बिल्डिंग कोड (ईसीबीसी) के मानकों को लागू किया जाएगा। इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है। प्रदेश सरकार जल्द ही इसे लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करने की कवायद में है। यूपी पावर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर व ईसीबीसी ड्राफ्ट तैयार करने के लिए नामित राज्य एजेंसी के समन्वयक एसपी श्रीवास्तव ने गुरुवार को एलडीए व सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायर्नमेंटल (सीएसई) के तत्वावधान में आयोजित ‘ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा’ विषयक वर्कशॉप में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी गठित हुई थी। ड्राफ्ट की खास बात है कि यह ऊर्जा संरक्षण के नाम पर सिर्फ बिजली की खपत कम करने तक ही सीमित नहीं है। इसमें ऐसे उपायों को अपनाने पर जोर दिया गया है जिनसे बिजली के साथ ही डीजल व अन्य ईंधनों की खपत में भी कमी लाई जा सके। इसमें विकास प्राधिकरणों, आवास विकास परिषद व नगर निगम के सुझावों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में बिजली की खपत कम करने के लिए बल्ब की बजाय सीएफएल लगवाने का अभियान चलाया गया। सीएफएल के प्रयोग से बिजली की खपत में 20 से 30 फीसदी तक की कमी आई।
30 से 35 फीसदी तक होगी ऊर्जा की बचत ः ईसीबीसी के मानकों के लागू होने पर प्रस्तावित हाउसिंग स्कीमों में अनिवार्य तौर पर एनर्जी इंसेंटिव मैटीरियल, विंड एनर्जी के अधिकाधिक प्रयोग, वाटर कंजर्वेशन, स्ट्रीट लाइट के लिए अनिवार्य तौर पर सोलर लाइटिंग सिस्टम लगाने, सोडियम लैंप की जगह एईडी लगाना व प्लांटेशन करना होगा। उन्होंने दावा किया कि ईसीबीसी के मानकों को कड़ाई से लागू किया गया तो 30 से 35 फीसदी तक ऊर्जा की बचत होगी।
सरकारी भवनों में घटी बिजली की खपत ः एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि ईसीबीसी के सुझावों को अपनाने से सरकारी भवनों की बिजली खपत में कमी आई है। एनेक्सी भवन में बिजली खपत में कमी से हर माह 7.50 लाख, बापू भवन में 2.50 लाख और शक्ति भवन में हर माह 2.75 लाख रुपए की बचत हो रही है। बिजली खपत में कमी लाने के लिए इन भवनों में सीएफल इस्तेमाल के साथ पावर कट व ऑफ के ऑटोमेटिक सिस्टम को बेहतर तरीके से प्रयोग में लाया गया।
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