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चूके तो मल्टीपल कनेक्शन पर नहीं मिलेगा सब्सिडी सिलेंडर

Lucknow

Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। रसोई गैस के मल्टीपल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं की जरा सी चूक सब्सिडीयुक्त सिलेंडर पर ग्रहण लगा सकती है। अलग नाम और एक ही एड्रेस पर जारी मल्टीपल कनेक्शनों के संबंध में अगर 31 दिसंबर तक नो योर कस्टमर (केवाईसी) फॉर्म में उल्लेखित शर्तों को पूरा नहीं किया गया तो सब्सिडीयुक्त सिलेंडर दिए जाने की सुविधा पर रोक लग जाएगी। इसके दायरे में ऐसे उपभोक्ता भी आएंगे जिन्होंने वर्तमान में केवाईसी फॉर्म तो भर दिया है लेकिन एक ही पते पर अलग-अलग नाम से जारी गैस कनेक्शन के उपयोग संबंधी प्रामाणिकता प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। गैस कनेक्शन का उपयोग अलग किचन में किए जाने संबंधी प्रमाण को संबंधित एजेंसी पर 31 दिसंबर तक अपडेट कराया जा सकता है। यह जानकारी घरेलू एलपीजी आपूर्ति करने वाली हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के रीजनल मैनेजर आरके तिवारी ने शनिवार को दी।
समान नाम व पता तो सिर्फ एक पर ही सब्सिडी ः आरके तिवारी ने बताया कि तेल कंपनियों ने एक ही नाम व एक ही पते पर जारी मल्टीपल कनेक्शनों में से सिर्फ एक पर ही सब्सिडीयुक्त सिलेंडर की सुविधा बहाल रखते हुए बाकी कनेक्शनों पर सब्सिडीयुक्त सिलेंडर की सुविधा पर रोक लगा दी है। ऐसे उपभोक्ता को अपने अन्य कनेक्शन पर एक्जेम्पटेड श्रेणी की दर वाले सिलेंडर लेने की छूट रहेगी।
रीजनल मैनेजर ने बताया कि अलग-अलग नाम लेकिन एक ही पते पर गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडीयुक्त सिलेंडर सुविधा बहाल रखने के लिए केवाईसी फॉर्म भरने के दौरान अधूरी छूट गई सूचनाओं को 31 दिसंबर तक भरना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर 31 दिसंबर के बाद पूरी सूचना के अभाव में तेल कंपनियां ऐसे कनेक्शनों पर सब्सिडीयुक्त सिलेंडर देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा देंगी।

फॉर्म में अलग कि चन का दें हवाला ः तिवारी ने साफ किया कि किसी संयुक्त परिवार में अलग-अलग नाम से एक ही एड्रेस पर मल्टीपल गैस कनेक्शन हो तो केवाईसी फॉर्म भरते समय एड्रेस में प्रथम तल, द्वितीय तल अथवा मकान के पूर्व अथवा पश्चिम में संचालित अलग कि चन में गैस कनेक्शन के उपयोग का हवाला अवश्य देना चाहिए। ऐसे कनेक्शनों पर अलग-अलग किचन के उपयोग का सत्यापन गैस एजेंसी स्तर पर नामित सर्वेयर द्वारा की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर सब्सिडीयुक्त सिलेंडर सुविधा देने अथवा रोक लगाने का निर्णय होगा।
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