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सीबीएसई दसवीं के छात्रों ने बोर्ड परीक्षा से बनाई दूरी

Lucknow

Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। राजधानी के सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) के स्कूलों की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र बोर्ड परीक्षा के नाम से भागने लगे हैं। बोर्ड और गृह परीक्षा का विकल्प शुरू होने के तीसरे वर्ष भी अंकों के प्रतिशत के मामले में अन्य बोर्ड के छात्रों से आगे रहने वाले सीबीएसई छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल होने में पीछे हैं। दसवीं में पढ़ने वाले 90 फीसदी से भी अधिक छात्रों ने सीबीएसई की 2013 में होने वाली बोर्ड परीक्षा को न कह दिया है। उन्होंने बोर्ड के बजाय गृह परीक्षा का विकल्प चुना है। इसी के चलते पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार बोर्ड परीक्षा से भागने वाले छात्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। राजधानी में सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त करीब 90 स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में करीब 12,000 बच्चे दसवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। आगामी मार्च में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा प्रस्तावित है। तीन साल पहले सीबीएसई की ओर से शुरू की गई व्यवस्था के तहत परीक्षा से पहले बच्चों से घरेलू स्वकेंद्र और और बोर्ड परीक्षा (केंद्र बने दूसरे स्कूल) का विकल्प भरवाया गया है। इसमें 90 प्रतिशत से भी अधिक छात्रों ने घरेलू परीक्षा का विकल्प चुना है। सिर्फ कुछ ही छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की हिम्मत दिखाई है। इनमें भी ज्यादातर बच्चे या तो केन्द्रीय विद्यालयों के हैं या फिर सिटी इंटरनेशनल सरीखे स्कूलों के कुछ गिने-चुने स्कूलों के। राजधानी के एक निजी स्कूल के प्रबंधक बोर्ड परीक्षा से इस दूरी के लिए सिर्फ बच्चों को ही नहीं बल्कि सीबीएसई को भी जिम्मेदार मानते हैं। उनके मुताबिक बोर्ड की ओर से लगातार गृह परीक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं तमाम स्कूल सिर्फ अपने परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए बच्चों पर गृह परीक्षा में शामिल होने का दबाव बनाते हैं।
स्कूलों में लगाई जा रहीं एक्स्ट्रा क्लासेज ः सीबीएसई के शहर समन्वयक डॉ. जावेद आलम खान ने बताया कि दोनों परीक्षाओं में कोई ज्यादा अंतर नहीं है। घरेलू परीक्षा में भी बोर्ड के प्रश्न पत्र का प्रयोग किया जाता है। छात्र दूसरे विद्यालय में परीक्षा देने के बजाय अपने स्कूल में परीक्षा देने में ज्यादा सुविधा महसूस करते हैं। उधर, परीक्षाएं नजदीक होने के चलते राजधानी के स्कूलों में तैयारियां भी तेज हो गई है। केन्द्रीय विद्यालय समेत निजी स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। वहीं कमजोर और सामान्य बच्चों की मदद देने के लिए भी स्कूलों की ओर से एक्स्ट्रा क्लासेज लगाई जा रही हैं।
वर्ष कुल छात्र संख्या गृह परीक्षा बोर्ड परीक्षा
2011 करीब 8,500 7,700 8,00
2012 करीब 12,000 11,000 1,000
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