आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सरकारी बकाएदारों पर प्रशासन सख्त

Lucknow

Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। बिजली, स्टाम्प शुल्क, गृहकर, व्यापार कर के बड़े बकाएदारों के लिए दीपावली के बाद का समय अच्छा नहीं है। वर्षों से सरकारी देय के लाखों-कराड़ों रुपये दबाए बैठे लोगों के अब हवालात जाने का नंबर आने वाला है। प्रशासन ने बकाएदारों से वसूली के लिए सख्त रुख अपनाते हुए त्यौहार के बाद अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नोटिस व विभागीय कार्रवाई के बाद भी भुगतान न करने पर बड़े बकाएदारों की गिरफ्तारी की जाएगी।
जिला प्रशासन के रुख में सख्ती सालाना वसूली लक्ष्य पिछड़ने के चलते आई है। गत नौ नवंबर को राजस्व वसूली की समीक्षा में पता चला कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के सात महीने बीतने के बावजूद जनपद में लक्ष्य की तुलना में वसूली केवल 20 प्रतिशत ही हुई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस अवधि में 40 प्रतिशत तक वसूली होनी चाहिए। वसूली के लिए राजस्व परिषद के निर्देश भी ऐसे हैं। समीक्षा के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) उदयवीर सिंह यादव ने जनपद के तहसील स्तरीय राजस्व अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने के लिए वसूली बढ़ाने की सख्त हिदायत दी है। राजस्व अधिकारियों को दीपावली के बाद टीमें बनाकर अभियान के तौर पर वसूली करने को कहा गया है।
वसूली का सबसे ज्यादा दबाव शहरी क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों पर है क्योंकि सबसे ज्यादा व बड़े बकाएदार इसी क्षेत्र में हैं। जनपद की कुल वसूली लक्ष्य 18582.06 लाख रुपये में से 17143.89 लाख रुपये शहरी क्षेत्र से वसूले जाने हैं। शहरी क्षेत्र के राजस्व अधिकारी वित्तीय वर्ष के सात महीने में बकाएदारों की जेब से केवल 3371 लाख रुपये ही निकाल पाए हैं। सदर तहसीलदार अबुल कलाम के मुताबिक दीपावली के बाद संग्रह अधिकारियों व कर्मचारियों की टीमें बनाकर बकाएदारों से वसूली का अभियान चलाया जाएगा। कानूनी कार्रवाई के तहत बड़े बकाएदारों की गिरफ्तारी भी होगी। कुछ माह पूर्व चलाए गए अभियान के तहत हजरतगंज, गोमतीनगर में कई व्यापारियों के प्रतिष्ठान सील किए गए थे। निरालानगर व आलमबाग के बड़े बकाएदारों ने भी सख्ती के बाद भुगतान किया था।

तहसीलवार राजस्व की स्थिति
बकाया व अब तक वसूली
सदर-17143.89 लाख बकाया, 3371.79 रुपए वसूली
मलिहबाद-433.46 लाख रुपए बकाया, 52,39 लाख रुपए वसूली
मोहनलालगंज-736.55 लाख रुपए बकाया, 77,93 लाख रुपए वसूली
बीकेटी -268.16 लाख रुपए बकाया, 72.76 लाख रुपए वसूली
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

strict administration

स्पॉटलाइट

शिव पर चढ़ने वाला बेलपत्र इन बीमारियों का भी करता है इलाज

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

हर हीरो के लिए खतरा बन गया था ये सुपरस्टार, मिली ऐसी मौत सकपका गए थे सभी

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

इस मेकअप ने बदल डाला स्टार्स का लुक, जिसने भी देखा पहचान नहीं पाया

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

सेल्फी लेने वालों के लिए बड़ी बात, कैमरा छीन रहा है आपकी उम्र

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

'अनुष्का शर्मा' की दिलकश अदाओं और परफेक्ट फिगर का ये है राज

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

Most Read

नीतीश के इस्तीफे पर अखिलेश का तंज, ट्वीट किया ये गाना

akhilesh yadav tweets about bihar matter
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

ये है बिहार का राजनीतिक गणित, जानिए किसके साथ बन सकती है सरकार

What will be bihar's new political equations after nitish kumar's resignation
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पहुंचे यूपी के शिक्षामित्र, जोरदार प्रदर्शन

Shikshamitra reached PM Modi parliamentary office in Varanasi
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

समायोजन रद्द होने पर यूपी के शिक्षामित्रों में उबाल, कई जगह प्रदर्शन

Shiksha Mitra Upon cancellation of the adjustment of UP education, stir in many places
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

बिहार सीएम पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार के बयान की 20 बड़ी बातें

Bihar Chief Minister Nitish Kumar's statement after resignations
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!