आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

घोषणा के दो वर्ष बाद भी कागजों में नए जलकल

Lucknow

Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। राजधानी में आने वाले समय का सबसे बड़ा संकट पानी का होगा। दिन ब दिन मांग और आपूर्ति में बढ़ते अंतर के बावजूद चौथे और पांचवें वाटर वर्क्स (जलकल) की घोषणा के दो वर्ष बाद भी जल निगम जमीनी रूप से काम शुरू नहीं कर सका है। निगम अधिकारियों का साफ कहना है कि इसके लिए जमीन और पानी दोनों की उपलब्धता पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। एलडीए जलकल के लिए चिह्नित जमीन को किसानों से विवाद के चलते उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। जबकि पानी मिलने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में दोनों जलकल को बनाने के लिए कोई भी खाका तक नहीं खींचा जा कसा है। वर्तमान स्थिति में शहरवासियों को जरूरत के मुकाबले आधे से भी कम पानी मिल पा रहा है।
सबसे बड़ी समस्या से मुंह मोड़ा
आने वाले समय में पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी समस्या होगी, बावजूद इसके सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। राजधानी की कुल आबादी 35 लाख के आंकड़े को छू रही है। वर्तमान में बालागंज, ऐशबाग और कठौता तीनों जलकल अपनी पूरी क्षमता से काम करें तो भी 510 एमएलडी से अधिक पानी की सप्लाई नहीं की जा सकती है। इसके अलावा करीब 90 एमएलडी पानी अतिरिक्त साधनों से सप्लाई किया जाता है। जानकारों के मुताबिक राजधानी की जरूरत को देखते हुए रोज कम से कम 500 एमएलडी पानी की और जरूरत है। दूसरी ओर तेजी से फैलते शहर, निजी टाउनशिप और अन्य कारणों से पानी की मांग दिन ब दिन बढ़ती जा रही है।
कहां से मिलेगा कच्चा पानी
ऐशबाग और बालागंज जलकल में कच्चा पानी गोमती से आता है। जबकि कठौता में पहले से ही झील थी। झील में शारदा नहर से पानी आता है। नहर बंद होने पर जलाशय में जमा किए गए पानी से गोमती नगर और इंदिरा नगर में आपूर्ति की जाती है। जबकि चौथे और पांचवें जलकल के लिए फिलहाल पानी का कोई विकल्प नहीं है। इस संबंध में जल निगम ने कई बार सरकार को विकल्पों पर विचार के लिए प्रस्ताव भेजा लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा जमीन की समस्या बनी हुई। अल्लू नगर डिगुरिया में मास्टर प्लान-2021 के तहत एलडीए ने एक स्थान पर चौथे जलकल के जमीन चिह्नित की है। मगर किसानों से विवाद के चलते मामला फंस गया। दूसरी ओर पांचवें जल कल के लिए मोहान रोड पर भूमि मिलनी है, हालांकि इस दिखा में अभी कोई कदम नहीं उठाया गया है।
तीनों जल कल की क्षमता का ग्राफ
बालागंज जलकल-------------------------- 200 एमएलडी
ऐशबाग जलकल------------------------------ 230 एमएलडी
कठौता जलकल------------------------------ 80 एमएलडी
कुल ---------------------------------------510 एमएलडी
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

रेखा का शाही लाइफस्टाइल देख अच्छे अच्छों के छूट जाते हैं पसीने

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

इस नक्षत्र में जन्मे लोग आम और आंवले के पेड़ से रहें दूर, फायदे में रहेंगे

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

गॉडफादर न होने पर क्या होता है, कोई इस हीरोइन से पूछे! पहली फिल्म में कुछ यूं हुई थी बेबस

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

ईद पर सलमान खान से लेकर शबाना आजमी के घर बनता है ये लजीज खाना

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

बिग बॉस प्रतियोगी मोनालिसा ने शेयर की ऐसी तस्वीर, लोग कर रहे भद्दे कमेंट

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: शव अभी भी अस्पताल में, आज भी तनाव के हालात

tension still in anandpal village, family refuse to take body
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर:सोए हुए थे गृहमंत्री,एक फोन आया और फिर

home minister gulabchand kataria briefed about anandpal encounter case
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top