आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

...तो गांधीजी सबसे पहले फेसबुक-ट्विटर अकाउंट बनाते

Lucknow

Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। ‘लोगों तक अपनी बात पहुंचाने में गांधीजी माहिर थे। 1903 में उन्हाेंने प्रेस का महत्व समझा और तमाम मुश्किलों और संघर्षों के बीच भी इंडियन ओपिनियन अखबार निकाला। जब भारत आए तो यहां भी दर्जनों अखबारों में संपादक रहे। आज अगर वे होते तो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर न केवल सबसे पहले अकाउंट बनाते, बल्कि करोड़ों लोग उनसे जुड़ते।’ अपने परदादा के विषय में यह मानना है कीर्ति मेनन गांधी का। सोमवार को वे राजधानी मेें थीं और टीसीएस में आयोजित कार्यक्रम ‘द मेकिंग ऑफ महात्मा गांधी अंडर साउथ अफ्रीकन स्काइज’ के दौरान गांधीजी द्वारा अफ्रीका में किए गए कार्यों व उनकी रणनीति के बारे में उन्हाेंने विस्तार से बताया।
जोहानिसबर्ग की विट्स यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार कीर्ति मेनन गांधी ने बताया कि बचपन में वे जहां जाती हर जगह गांधीजी की तसवीर लगी देखकर जानती थीं कि उनके परदादा कोई खास व्यक्ति हैं, लेकिन उनके विचारों को करीब से समझने में वक्त लगा। वे सिर्फ 23 साल के थे, जब वे व्यवसायिक कारण से दक्षिण अफ्रीका गए। सप्ताह भर में उन्हें फर्स्ट क्लास का टिकट होने के बावजूद ट्रेन से उतारकर फेंक दिया गया, इस घटना ने उन्हें मानवाधिकारों और समानता जैसे विचारों पर सोचने को मौका दिया। कीर्ति ने बताया कि गांधीजी की प्रपौत्री होने की वजह से सभी उनसे गांधीजी से जुड़े हर तरह के सवालों के संतोषजनक जवाब की अपेक्षा करते हैं। कार्यक्रम से पहले टीसीएस रीजनल हैड जयंत कृष्णा ने कीर्ति मेनन और लखनऊ मेयर डॉ. दिनेश शर्मा का अभिनंदन किया। इस दौरान रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी के महत्वपूर्ण दृश्य दिखाए गए तो कीर्ति मेनन ने व्यक्तिगत संग्रह से महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास से जुड़ी तस्वीरें सभी के सामने प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में अकादमिक, शिक्षा, समाज सेवा जैसे क्षेत्रों के लखनऊ के नागरिकों से लेकर नौकरशाह और प्रोफेशनल्स भी शामिल हुए। जिन्हाेंने गांधीजी से जुड़े विभिन्न सवाल उनसे पूछे।
गांधीजी आज : कीर्ति ने बताया कि एक सवाल जो उनसे अक्सर पूछा जाता है कि ‘आज गांधीजी कितने प्रासंगिक हैं।’ उन्हाेंने अपना अनुभव बताया कुछ वक्त पहले भारत से दक्षिण अफ्रीका लौटते समय उन्हें आयकर विभाग से एक प्रमाणपत्र चाहिए था। इसके लिए मुंबई में एक अधिकारी ने उन्हें आवेदनपत्र में कमियां निकाल-निकाल कर लटकाया। उनके पति ने समझाया कि यह भारत है, यहां रिश्वत देनी ही पड़ती है। उन्हाेंने बताया कि रिश्वत देंगे तो नोटों पर जिन गांधीजी की तस्वीर है, यह उनके विचारों का अपमान होता। उन्हाेंने रिश्वत नहीं दी, नियमों के अनुसार काम आखिरकार 3 हफ्ते में हो गया। वे बताती हैं कि गांधीजी की प्रासंगिकता उनकी मूर्ति या तस्वीरों में नहीं जीवन में उतारे गए विचारों में है।
विभाजन से दुखी रहे मरते दम तक: कीर्ति का कहना है कि गांधीजी ने भले ही कांग्रेस कमेटी की बैठक में विभाजन को सहमति दी, लेकिन वे मरते दम तक इससे दुखी रहे।
जीवनशैली का हिस्सा : एक ओर यूएस के कैलिफोर्निया में गांधीजी की प्रतिमा को हटाकर डॉ. अंबेडकर या भगत सिंह की प्रतिमा लगाने की मांग कुछ तबके उठा रहे हैं तो भारत में भी 2 अक्तूबर को रस्मी तौर पर गांधीजी को स्मरण किया जा रहा है, लोकप्रियता के मामले में कई और व्यक्तित्व आगे निकल रहे हैं। इन सवालों पर लोगों ने कीर्ति से उनकी राय पूछी। जवाब में उन्हाेंने कहा कि गांधीजी जीवनशैली का हिस्सा बने हुए हैं, वही उनकी लोकप्रियता है। जब लोगों को कहीं से कोई राहत नहीं मिलती तो गांधीजी की ओर लौटना जड़ों में लौटने जैसा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

फिल्मफेयर मैग्जीन पर दिखा दीपिका का 'कातिलाना' अंदाज, दिल थाम लीजिए जनाब!

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

'ट्यूबलाइट' के सेट पर कौन है ये बच्चा, गले लगाकर रो पड़े सलमान खान

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

कपिल शर्मा के शो में कुछ ऐसे करतब दिखाएंगे सुपरस्टार जैकी चैन

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

हर किसी में होती हैं ये आदतें जो बना सकती हैं डिप्रेशन का शिकार

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS: मोनालिसा ने तोड़ा मनु का दिल, नजदीकियों को 'मजाक' कह डाला

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

सोशल मीडिया पर डीआईजी वाराणसी का 'सियासी एसएमएस' वायरल

social media DIG Varanasi political SMS viral
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

अपना दल और भाजपा में दस सीटों पर सहमति 

Uttar Pradesh election BJP Apna Dal Ten seats in agreed
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

पीएम के संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को ढूंढे़ नहीं मिल रहे उम्मीदवार

PM's constituency Varanasi Congress dont have candidate
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top