आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

संघर्षों में तपकर लिखी सफलता की इबारत

Lucknow

Updated Thu, 11 Oct 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। यूपी कंबाइंड स्टेट अपर सबार्डिनेट सर्विस एग्जाम-2010 के नतीजों में राजधानी के मेधावियों ने अपना दम दिखाया है। दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों नेे विभिन्न पदों के लिए हुई परीक्षा की सफलता सूची में अपना नाम शुमार कराया है। 29 संवर्गों के 407 पदों के लिए इस परीक्षा में 1365 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिया बुलाया गया था। डिप्टी कलक्टर, डिप्टी एसपी, नायब तहसीलदार, असिस्टेंट कमिश्नर आदि विभिन्न पदों पर प्रतियोगी की सफलता मिली है। संघर्षों एवं संसाधनों की कमी को पीछे छोड़ सपनों की राह बनाने वाले मेधावियों ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में साझा किए अपने अनुभव -
भाई ने दिया सफलता का मंत्र : यूपीएससी 2010 में एसडीएम के पर चयनित होने वाले आजाद भगत सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई को देते हैं। कहते हैं उन्होंने हमेशा प्रोत्साहित ही किया, जिससे आज यह मुकाम हासिल हुआ। आजाद के पिता फोटोग्राफर हैं। वह बताते हैं कि कठिनाइयों से लड़ने के लिए उनके पिता ने भी मदद की। अंबेडकरनगर के छोटे से कस्बे से ताल्लुक रखने वाले आजाद वर्तमान समय में असिस्टेंट कमिश्नर कॉमर्शियल टैक्स के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह सहायक चकबंदी अधिकारी भी रहे हैं। 2004 में लखनऊ विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में पीजी करने वाले आजाद 2007 में जेआरएफ की परीक्षा भी पास कर चुके हैं।

असफलता ने गढ़ी सफलता की राह : लखनऊ विश्वविद्यालय में शोधार्थी शशि भूषण त्रिपाठी 2009 की पीसीएस परीक्षा की असफलता को ही सफलता का कारण मानते हैं। बताते हैं कि इस परीक्षा में एक नंबर से सेलेक्शन रुकने पर उन्हें दुख तो काफी हुआ था पर इसी ने परीक्षा की तैयारियों के प्रति नजरिया बदल दिया। शशि भूषण 2010 के परिणाम में असिस्टेंट कमिश्नर सेल्स टैक्स पर चयनित हुए हैं। राजनीतिशास्त्र और दर्शनशास्त्र विषय को परीक्षा की तैयारियों के लिहाज से बेहतर मानते हैं। 2008 में शशि ने आईएएस का भी इंटरव्यू दिया था। साथ ही वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए भी चयनित हुए। उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी जारी रखने और अपनी रैंक को बेहतर बनाने की बात कही।

पिता के जज्बे ने दिया जूझने का हौसला : लविवि में राजनीतिशास्त्र से पीएचडी कर रहे सुरेंद्र यादव अभाव को अपनी सफलता का श्रेय देते हैं। आजमगढ़ के छोटे से गांव इब्राहीमपुर के रहने वाले सुरेंद्र बताते है कि पिताजी ने इंटर कॉलेज की मामूली नौकरी के बावजूद उन्हें पढ़ाने के लिए हर तरह से मदद की। उनके जज्बे ने ही जूझने का हौसला दिया, जिससे उन्हें सफलता मिली। 2010 की पीसीएस परीक्षा में उनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। सुरेंद्र चार बार आईएएस की परीक्षा में मेंस में बैठ चुके हैं, जिसमें तीन बार वह साक्षात्कार के लिए भी बुलाए गए। उन्हें अभी और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, इसलिए वह आगे तैयारी जारी रखना चाहते हैं।

संसाधनों की कमी को छोड़ा पीछे : पीसीएस की परीक्षा में नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए अरविंद की भी पारिवारिक पृष्ठ सामान्य रही है। अरविंद बताते हैं कि उनके पिता एक प्राइवेट कंपनी में वेल्डर थे। फिर भी उन्होंने पढ़ाने के लिए संसाधनों की कमी आडे़ नहीं आने दी। 2003 में आवास विकास में एकांउटेंट की नौकरी पाने के बाद उनकी गाड़ी पटरी पर आई। अरविंद बताते हैं कि उनके मन में सिविल सेवा में जाने की इच्छा नौकरी पाने के बाद ही आई, जिसे उन्होंने साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की। बकौल अरविंद 2011 और 12 की परीक्षा के मेंस के परिणाम आने हैं, जिसमें उनकी रैंक बेहतर होने की उम्मीद है।

सचिवालय की नौकरी ने किया प्रोत्साहित : समाज कल्याण विभाग में समीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात नीरज गौतम का पीसीएस में कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर चयन हुआ है। वह बताते हैं कि सचिवालय की नौकरी ने उन्हें इस क्षेत्र में जाने के लिए हौसला दिया। वह 10 साल से नौकरी कर रहे हैं, सचिवालय की नौकरी ने ही उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। नीरज ने एमबीए भी किया है, उन्होंने लोक प्रशासन और समाज कार्य विषय से परीक्षा दी थी। कहते हैं कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है। कोई भी काम मेहनत और लगन से किया जाता है तो उसका परिणाम सुखद ही होता है।

अनुशासन से मिला परिणाम : 2010 की पीसीएस की परीक्षा में असिस्टेंट कमिश्नर सेल्स टैक्स के पद पर चयनित आशीष शुक्ला संयमित दिनचर्या और कड़ी मेहनत को अपनी सफलता का श्रेय देते हैं। आशीष सोशियोलॉजी से एमए और नेट हैं। उन्होंने सोशियोलॉजी और डिफेंस स्टडीज विषय में परीक्षा दी थी। कहते हैं कि पिताजी और गुरुजनों द्वारा सिखाए गए अनुशासन के पाठ ने परीक्षा की तैयारियों के समय उनकी मदद की। परीक्षा की तैयारियों के लिए विषय का गहन अध्ययन जरूरी है और उस पर मजबूत पकड़ ही सफलता दिला सकती है। उन्होंने भी अपनी तैयारी जारी रखने की बात कही है।

माता-पिता की परंपरा को बढ़ाया आगे : मीनाक्षी द्विवेदी पीसीएस की परीक्षा में नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुईं हैं। माता-पिता दोनों सरकारी सेवा में होने के नाते इनकी भी सरकारी सेवा में जाने की इच्छा हुई। इसके लिए मीनाक्षी ने सिविल सेवा का रास्ता चुना। उन्होंने जूलॉजी से एमएससी किया है, लेकिन परीक्षा के लिए सोशियोलॉजी और ज्योग्राफी को चुनना बेहतर समझा। कहा कि एनालिटिकल एप्रोच और समसामयिक विषयों पर मजबूत पकड़ सफलता के लिए जरूरी है। मीनाक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और साथियों को दिया है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

प्रियंका चोपड़ा ने लाइट जलाकर बनाए हैं संबंध, खुद किया खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

OMG: ये लड़की डॉक्टर से मांग लाई अपना कटा पैर, फिर दिखाए गजब के करतब

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका का सबसे जुदा अंदाज, किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही हैं

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

फैन की खतरनाक धमकी सुन कर उड़ गए अजय देवगन के होश

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

FlashBack : यश चोपड़ा के साथ था इस हीरोइन का अफेयर, हाउसवाइफ बनने के डर से तोड़ दिया था रिश्ता

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 बच्चों की मौत की सूचना, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top


Live Score:

IND69/3

IND v ENG

Full Card