आपका शहर Close

कथाकार शिवमूर्ति को लमही सम्मान

Lucknow

Updated Tue, 09 Oct 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर सोमवार को कथाकार व उपन्यासकार शिवमूर्ति को लमही सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि व आलोचक अशोक वाजपेयी ने कहा कि आज हर पुरस्कार संदेह पैदा करता है। पुरस्कार इतने अधिक हो गए हैं कि कोई लेखक ऐसा नहीं होगा जिसे कोई पुरस्कार न मिला हो। ऐसे में पुरस्कारों की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता को लेकर सवाल भी उठते हैं। वास्तव में पुरस्कार और सम्मान की विश्वसनीयता इसी में है कि वह किसे दिया जा रहा है। बली प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि वाजपेयी ने चुटकी भी ली कि पुरस्कार मिलने से मित्रों की संख्या कम होने लगती है और शत्रु बढ़ने लगते हैं। समारोह में साहित्य में यथार्थ के चित्रण को लेकर वक्तव्यों में विरोध भी उभरा। ग्रामीण यथार्थ के चित्रण के लिए प्रशंसित साहित्यकार शिवमूर्ति ने कहा कि साहित्य आम आदमी का रोजनामचा है। इसके माध्यम से आम आदमी के जीवन और समाज को जाना जा सकता है। वहीं वाजपेयी का कहना था कि सिर्फ यथार्थ का चित्रण करना ही साहित्य का काम नहीं है। यथार्थ इतिहास रचता है। साहित्य का यथार्थ से संबंध संवाद का भी हो सकता है और द्वंद्व का भी। उन्होंने कहा कि साहित्य में प्रतियथार्थ रचना अधिक यथार्थवादी कार्य हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि साहित्य ही एकमात्र राजनीतिक प्रतिपक्ष है। बाकी प्रतिपक्ष तो दिखावे का है। राजनेता एवं राजनीतिक दल केवल अपनी बारी की प्रतीक्षा में रहते हैं।
महत्वपूर्ण होने के लिए ज्यादा लिखना जरूरी नहीं ः वाजपेयी ने कहा कि शिवमूर्ति से हमें इस बात की भी प्रेरणा मिलती है कि महत्वपूर्ण होने के लिए ज्यादा लिखना जरूरी नहीं है। उन्होंने खुद का उपहास उड़ाते हुए कहा कि हम तो बेकार ही हजार कविताएं लिख बैठे हैं। समारोह में शिवमूर्ति को लमही परिवार की ओर से लमही सम्मान के अंतर्गत स्मृति चिह्न, मानपत्र, 15 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। इस मौके पर सुशील सिद्धार्थ के अतिथि संपादन में निकले लमही के शिवमूर्ति विशेषांक का लोकार्पण भी हुआ। समारोह में मानपत्र का वाचन कथाकार किरण सिंह ने किया। आरंभ में संयोजक विजय राय ने स्वागत किया। समारोह में वैभव सिंह ने शिवमूर्ति पर आधारित वक्तव्य दिया। संचालन ओम निश्चल ने किया।

अच्छी रचनाएं पीछा करती हैं : चित्रा मुद्गल
समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कथाकार, उपन्यासकार चित्रा मुद्गल ने कहा कि अच्छी रचनाएं आपका पीछा करती हैं और परिवर्तन की पृष्ठभूमि रचती हैं। उन्होंने कहा कि शिवमूर्ति का गांव कुरंग मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही का ही प्रतिरूप है, हालांकि आज का समाज प्रेमचंद के समाज से अलग है। उन्होंने शिवमूर्ति द्वारा साहित्य में भरे पेट के लोगों के शगल पर आधारित रचनाओं को गैर महत्वपूर्ण बताए जाने से असहमति जताते हुए कहा कि साहित्य में हर तरह का समाज आना चाहिए जिससे पता चले कि क्या हो रहा है।

शोषण ने कलम उठाने को प्रेरित किया : शिवमूर्ति
इससे पहले शिवमूर्ति ने कहा कि गांव के दुख-दर्द, अन्याय, असमानता, शोषण ने उन्हें कलम उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस बात पर तो विवाद हो सकता है कि साहित्य से क्रांति होती है या नहीं लेकिन यह जरूर है कि इससे क्रांति की जमीन तैयार होती है। साहित्य सबको प्रिय लगे यह जरूरी नहीं लेकिन इसमें सबके हित की भावना जरूर होनी चाहिए। समाज में व्याप्त असमानता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भोज में एक थाली की कीमत सात हजार रुपये से अधिक होती है जबकि एक ऐसे आदमी जिसकी रोज की आमदनी 28 रुपये है, उसे गरीबी रेखा से ऊपर माना जाता है। एक वक्त की थाली के लिए सात रुपये ही आते हैं। आज समाज में गरीब और अमीर के बीच का अंतर हजार गुना, लाख गुना होता जा रहा है। साहित्य में विचारधारा के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह उसी प्रकार होनी चाहिए जिस प्रकार चीनी पानी में पूरी तरह घुलकर शर्बत बन जाता है। हर गलत का प्रतिरोध ही लेखक की राजनीति होनी चाहिए।

पुरस्कारों पर ली चुटकी ः साहित्य के सम्मानों, पुरस्कारों को लेकर समारोह में एक-दूसरे की खूब चुटकी ली गई। अशोक वाजपेयी ने शिवमूर्ति को सलाह दी कि उन्हें भविष्य में पुरस्कारों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए और इसके चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। हिन्दी संस्थान का नाम न लेते हुए उन्होंने यह भी कहा कि मुझे लखनऊ से ही एक पुरस्कार मिला था। यह ढाई लाख रुपये का था लेकिन जब मुझे पता चला कि कई साहित्यकारों के पुरस्कारों को खारिज करते हुए केवल तीन लोगों को पुरस्कार दिए जा रहे हैं तो मैंने इसे लौटा दिया। लेकिन समारोह में चित्रा मुद्गल ने पुरस्कारों को लेकर इशारे-इशारे में अशोक वाजपेयी की भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों को न लेने की बात वे ही लोग करते हैं जो हर रोज पुरस्कार लेते रहते हैं। कुछ लोगों को रोज पुरस्कार मिलते हैं और कुछ को कभी नहीं मिलते। जिन्हें मिलते हैं वे तभी इनकार करते हैं जब उन्हें इसमें साजिश की दुर्गन्ध आती है। हालांकि बाद में उन्होंने वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्हें अपना मानने के लिए दो प्रदेशों के लोग झगड़ते रहते हैं।

शिवमूर्ति के गांव से भी जुटे लोग ः समारोह में शिवमूर्ति के गांव से भी काफी लोग शामिल हुए। सुल्तानपुर के कुरंग, नरवहनपुर, ओरझा से रामकरन यादव, भीष्मप्रताप सिंह, जमुना प्रसाद, राम पियारे, राम खेलावन, जोखू पाल समारोह में उपस्थित थे। अपने उद्बोधन में शिवमूर्ति ने उनका नाम लेकर सबसे परिचय कराया और उनसे जुड़े किस्से भी सुनाए। शिवमूर्ति ने बताया कि किस प्रकार वे अपने साथियों के साथ साइकिल पर बैठकर कई किलोमीटर चले जाते थे। एक बार वे अपने गांव के साथी के साथ उपेंद्रनाथ अश्क से मिलने गए थे और उन्हें एक पराठे से काम चलाना पड़ा।
Comments

स्पॉटलाइट

Big Boss 11: अखाड़े में अर्शी ने किया कुछ ऐसा जिसे देख हिना ने उठाया ये खतरनाक कदम!

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

26 अक्टूबर को शनि बदलेंगे अपनी चाल, 3 राशि से हटेंगी शनि की तिरछी नजर

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने सात वचन निभाने की खाई कसमें

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

डेटिंग पर जाने से पहले हर लड़की करती है ये 4 काम, जानकर यकीन नहीं होगा

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

इस तेल से नहीं टूटेंगे बाल, एक बार लगाकर तो देखें जनाब

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

भाजपा के बाद अब कांग्रेस में भी उठे बगावत के सुर, पांच सीटों पर विरोध

himachal assembly election 2017 rebels pose threat to Congress contesting as an independent
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

क्लीनिक के अंदर छप रहे थे जाली नोट, एक चूक से हुआ खुलासा

Fake currency gang caught by police
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

शहीद पुलिस कर्मियों को सीएम योगी की श्रद्धांजलि, 20 से बढ़ाकर 40 लाख की सहायता राशि

cm yogi attended police smriti diwas programme
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

यूपी सरकार ने किए 18 पीसीएस और 16 एसडीएम के तबादले

Up government transferred pcs and sdm
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल प्रदेश: मिनटों में गिरा करोड़ों का पुल, हवा में 'लटके' ट्रक और कार

Six injured after a bridge collapsed in Chamba of Himachal Pradesh
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल प्रदेश: खाई में गिरी बस, 2 लोगों की मौत, 10 घायल

bus fell into a gorge in Nankhari of Himachal Pradesh
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!