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बाजार से तय होंगे नान सब्सिडी सिलेंडरों के दाम

Lucknow

Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। घरेलू एलपीजी में नान सब्सिडी सिलेंडरों के रेट पर अब सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा। तेल कंपनियां प्रीमियम पेट्रोल प्रोडक्ट की तरह हर माह अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर नान सब्सिडी सिलेंडरों के दाम तय करेंगी। इसके लिए एलपीजी आपूर्ति करने वाली तेल कंपनियां हर माह नान सब्सिडी कोटे के सिलेंडरों की बाजार कीमत की समीक्षा करेंगी। इसके चलते नान सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दामों में अब हर माह व्यवसायिक सिलेंडरों की तरह कुछ घट-बढ़ होती रहेगी। इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारी हर्ष मोहन ने बताया कि एलपीजी वितरण की नई व्यवस्था लागू होने के बाद नान सब्सिडी वाले हर श्रेणी के सिलेंडरों का मूल्य निर्धारण तेल कंपनियों के स्तर पर होगा। अब इनकी विक्रय दर का निर्धारण सरकारी नियंत्रण से मुक्त रहेगा। सिर्फ सब्सिडी युक्त श्रेणी के एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री दर ही सरकारी दर के हिसाब से तय होगी। भारत पेट्रोलियम के धर्मेंद्र बेहुरा ने बताया कि नई व्यवस्था के बाद अब एलपीजी आपूर्ति करने वाली तेल कंपनियां नान सब्सिडी सिलेंडरों का बाजार दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों के आधार पर तय करेगी। इसके लिए व्यवसायिक श्रेणी के सिलेंडरों की तरह अब हर माह नान सब्सिडी वाले सभी श्रेणी के एलपीजी सिलेंडरों की बाजार दर की भी हर माह मुख्यालय से समीक्षा होगी।
स्थानीय खर्च जुड़ने से अलग हुई कीमतें ः एलपीजी फेडरेशन की यूपी इकाई के अध्यक्ष डीपी सिंह ने बताया कि नान सब्सिडी श्रेणी के सिलेंडरों की विक्रय दर सीधे कंपनी स्तर से तय होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी कीमत कम होने का सीधा फायदा रेट कम होने से उपभोक्ताओं को मिलेगा। उन्होंने बताया कि नान सब्सिडी सिलेंडरों की दर कंपनियों के स्तर से निर्धारित होने के कारण ही प्रदेश के हर जिले में इसके दाम अलग-अलग है। तेल कंपनियों ने हर जिले में वितरण पर आने वाले खर्च को जोड़ कर ही नान सब्सिडी सिलेंडर के दाम तय किए हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर पड़ने वाले भाड़े व अन्य तरह के प्रत्यक्ष खर्च का हिस्सा प्रमुख है। इसी कारण प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नान सब्सिडी सिलेंडर की वितरण दर में अंतर दिख रहा है।
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