आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

सजग रहें तो बच जाएगी पृथ्वी की ढाल

Lucknow

Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। ओजोन परत का क्षरण लखनऊ के लोगों को क्या नुकसान पहुंचा रहा है यह शहर के चिकित्सकों और पर्यावरणविदों से भलीभांति जाना जा सकता है। अब तक इसे दक्षिणी गोलार्द्ध की समस्या मानकर हम निश्चिंत होते रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सामने आ रहे मामले दर्शाते हैं कि हम भी बहुत सुरक्षित नहीं हैं। इस विश्व ओजोन दिवस पर अमर उजाला ने विभिन्न विशेषज्ञों के जरिए जानने का प्रयास किया कि क्यों राजधानी के लोगों को ओजोन परत को हो रहे नुकसान के प्रति संवेदनशील और सजग रहने की जरूरत है। सूर्य की किरणों में मौजूद अल्ट्रा वायलेट रेज यानी पराबैंगनी किरणें जितनी ज्यादा मात्रा में पृथ्वी पर आएंगी, हमारे लिए उतना ही खतरा पैदा करेंगी। पर्यावरण निदेशालय की उपनिदेशक श्रुति शुक्ला बताती हैं कि इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन अब भी इस दिशा में काफी काम करने की जरूरत है। ओजोन परत को हो रहे नुकसान से पूरे पर्यावरण को नुकसान हुआ है। जीव-जंतुओं की कई प्रजातियां नष्ट हो रही हैं। दूसरी ओर त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों में आ रहे त्वचा रोगों के करीब 15 प्रतिशत मामले पराबैंगनी किरणों से हुए नुकसान के होते हैं। डॉ. रामप्रसाद मौर्य ने बताया कि बीते पांच वर्षों में ‘सन बर्न’ और ‘फोटो डर्मटाइटिस’ के मामले तेजी से बढ़े हैं। लगातार पराबैंगनी किरणों के संपर्क में रहने के चलते ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। विशेषकर गर्मियों के समय ऐसे मामले ज्यादा आते हैं। क्योंकि उस वक्त सूर्य की किरणों सबसे तेज होती हैं और पराबैंगनी किरणों की मात्रा बढ़ जाती है। वे कहते हैं कि इससे सीधे तौर पर बचना संभव नहीं है क्योंकि हम घर में बैठे नहीं रह सकते। बेहतर होगा कि धूप में निकलने से पहले तन ढक कर निकलें। दस्ताने, हैलमेट, फुल स्लीव्ज के कपड़े, स्कार्फ, कैप, समर कोट, आदि इनसे बचाव करते हैं।
सूर्य ग्रहण पर मैकुला-बर्न ः केजीएमयू के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार सूर्य ग्रहण पर आंखों के रोगी बढ़ जाते हैं। डॉ. प्रमोद ने बताया कि लखनऊ में हाल के वर्षों में हुए सूर्य ग्रहण के दौरान जिन लोगों की आंखें सीधे सूर्य की किरणों की चपेट में आई उनमें मैकुला बर्न हुआ। ऐसे दर्जनों मामले अस्पताल में आए। डॉ. प्रमोद ने बताया कि सूर्य ग्रहण पहले भी होते रहे हैं, लेकिन आंखों पर इनका ऐसा असर ओजोन परत के घटने से बढ़ी पराबैंगनी किरणों की मात्रा के कारण हुआ है। मैकुला में आंखों का पर्दा क्षतिग्रस्त होता है जो आगे चलकर ऐसा अंधापन बन जाता है, जिसका इलाज नहीं है। दूसरी ओर मोतियाबिंद के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसा सूरज की पराबैंगनी किरणों की वजह से हो रहा है।
... वह सब, जो आप ओजोन के बारे में जानना चाहेंगे ः ओजोन गैस पृथ्वी की सतह से 10 से 50 किमी ऊंचाई के दायरे में स्ट्रेटोस्फीयर यानी समताप मंडल में पाई जाती है। यह परत सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों की बहुत बड़ी मात्रा को यह एक ढाल की तरह रोक लेती है।
खतरा क्यों : इंसानों द्वारा उपयोग किए जा रहे रसायनों से ओजोन का क्षरण हो रहा है। सीएफसी, हैलोन, कार्बन टेट्रा क्लोराइड आदि तत्व ओजोन डिस्ट्रायर सब्सटेंस कहलाते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से एअर कंडीशनर्स, चीजों को ठंडा करने वाले यंत्रों, अग्निशमन, फोम, स्प्रे, आदि में होता है। कई उपकरणों के निर्माण के दौरान फ्री क्लोरीन और ब्रोमीन जैसे तत्व बनते हैं। ये स्ट्रेटोस्फीयर में पहुंचते हैं और ओजोन के अणुओं से मिलकर केमिकल रिएक्शन को जन्म देते हैं। इस रिएक्शन में ओजोन तेजी से खत्म होती है। क्लोरीन या ब्रोमीन का एक अणु स्ट्रेटोस्फीयर में पहुंचकर अगले 100 साल तक ओजोन अणुओं का क्षरण करता रहता है। यानी आपका डियोड्रेंट भी ओजोन के लिए खतरा है, आप जितना ज्यादा इनका उपयोग करेंगे, उतना ही ओजोन को नुकसान पहुंचेगा।
प्रभावित कौन : दक्षिणी गोलार्द्ध को इससे बड़ा खतरा माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, आदि देश इससे प्रभावित होंगे। इसकी वजह है कि हमारे वायुमंडल में गतिविधियां एक पैटर्न में होती हैं। ऐसे में क्लोरीन के अणु अक्सर दक्षिणी गोलार्द्ध में मौजूद अंटार्कटिक महाद्वीप के ऊपर बर्फीले बादलों में पहुंच जाते हैं। यानी यहां वे ओजोन का क्षरण ज्यादा तेजी से करने लगते हैं। वैज्ञानिकों ने 2010 में पाया कि अंटार्कटिक के ऊपर मौजूद ओजोन परत इतनी पतली हो रही है कि इसमें एक गैप तक उन्हें मिला।
हम कितने सुरक्षित : हम कतई सुरक्षित नहीं कहे जा सकते। क्योंकि ओजोन परत जितनी पतली होती जाएगी, हमारे वातावरण में पराबैंगनी किरणें उतनी ही ज्यादा मात्रा में पहुंचेगी। चिकित्सक पुष्टि कर चुके हैं कि इनके चलते अब तक स्किन एलर्जी और आंखों की समस्या तो होती ही रही हैं, लेकिन अब त्वचा का कैंसर और अनुवांशिक रोगों के मामले भी सामने आ रहे हैं।
यह हैं उपाय
- ऐसी चीजें खरीदें जितमें ओडीएस न हो। चीजों के इंग्रीडिएंट्स पढ़ें, पता चल जाएगा।
- एयर कंडीशनर की जरूरत न होते तो खरीदने से बचें।
- एसी और फ्रिज का बेहद संभल का उपयोग करें, ये जितना खराब होंगे उतनी ही ओजोन खतरे में पड़ेगी।
- फोम के गद्दों और तकियों के बजाए जूट-रुई के गद्दे-तकिए अपनाएं।
- स्टाइरोफोम के बर्तनों के बजाए कांच या स्टील के बर्तन उपयोग करें।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

earths shield

स्पॉटलाइट

अब ज्वेलरी खरीदने पर लगेगा टैक्स, देख लें कितना?

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

भारत के कई शहरों में बढ़ रहा सेक्स का ये नया तरीका

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

इस गर्मी में बड़े सस्ते दामों पर AC बेचेगी सरकार

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

'मुझे टेप लगाना पसंद नहीं , बिना कपड़ों के इंटीमेट सीन करना अच्छा लगता है'

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी लगाते हैं डियोड्रेंट ? तो जरूर पढ़ें ये खबर

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

जबर ख़बर

30 शौचालयों के गड्ढों की सफाई में जुटे केंद्रीय सचिव '

Read More

Most Read

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

वोट डालने के बाद ये क्या कह गईं डिम्पल यादव

after vote saying dimple yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

मुलायम ने डाला वाेट, भाई शिवपाल के लिए कर दिया ये बड़ा एलान

mulayam singh yadav statement for shivpal singh yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

सीएम अखिलेश ने चाचा शिवपाल काे डाला वाेट, बाेले, बुअा जी रेस से बाहर

akhilesh yadav voting in etawah
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top