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आशियाना बना रहे या लाक्षागृह

Lucknow

Updated Fri, 31 Aug 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। शहर के हर इलाके में शानदार बहुमंजिली इमारतें तामीर की जा रही हैं। इन इमारतों में बाकी सुविधाएं भले ही मुहैया करा दी गईं हों लेकिन आग से बचाव के नियमों की हर तरफ अनदेखी की गई। बहुमंजिला भवनों में जितना खतरा आग से है उतना ही खतरा उसके धुएं से है। देर से ही सही अग्निशमन विभाग अब जागा है और उसने बिल्डरों या भवनों का रखरखाव करने वाली हाउसिंग सोसायटी को नोटिस जारी कर महीने भर में सारे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। अग्नि शमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन भवनों में फायर से ज्यादा नो स्मोक जोन ने खतरा कई गुना बढ़ा दिया है। लग्जरी फ्लैट के नाम पर उपयोग आने वाला प्लास्टिक पेंट, फॉल्स सीलिंग, मॉड्यूलर किंचन व केंद्रीयकृत एयरकंडीशन सिस्टम ने इन बहुमंजिला आवासीय भवनों को आधुनिक जमाने के लाक्षागृह के बतौर तब्दील कर दिया है। इससे इन बहुमंजिला फ्लैट्स में मामूली अग्निकांड भी बड़ा खतरा ढा सकता है। दमकल विभाग ने हजरतगंज, महानगर, न्यू हैदराबाद के अलावा शहर भर में स्थित करीब ढाई दर्जन से ज्यादा बहुमंजिला आवासीय भवनों को आग से बचाव के तय मानक पूरे न होने पर धारा पांच के तहत नोटिस जारी किया है। हजरतगंज फायर स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने बताया कि इन भवनों को बिल्डरों अथवा संचालित हाउसिंग सोसायटियों को नोटिस जारी करते हुए एक माह में अग्नि निवारण व अग्नि सुरक्षा अधिनियम के मानक पूरे करने को कहा गया है। उन्हें फायर एनओसी का नवीनीकरण कराने अथवा नई एनओसी लेने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि तय मियाद में फायर एनओसी न लेने वाले बहुमंजिला आवासीय भवनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
पतले तारों की वायरिंग खतरनाक ः निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने महानगर व न्यू हैदराबाद में कुछ बिल्डरों द्वारा महज मोटा मुनाफा कमाने के नाम पर इन आवासों में फ्लैट लेने वालों के जिंदगी दांव पर लगाने का मामला भी उजागर हुआ। इन भवनों में सिर्फ ढाई से तीन इंच मोटे वायर से ही पूरे फ्लैट की वायरिंग निपटा दी गयी। इसमें भी एसी अथव हाई वोल्टेज वाले अन्य बिजली के उपकरण को संचालित करने के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं किए गए। ऐसे में अगर कोई आवंटी इसी वायरिंग से एसी इत्यादि चलाएगा तो तार के गर्म होने के बाद अंडरग्राउंड वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लगने का खतरा सत्तर से अस्सी फीसदी तक बढ़ जाना तय है। इतना ही नहीं इन भवनों में लगे बिजली के उपकरण व अग्निशमन रोधी यंत्र भी आईएसआई मानक के नहीं पाए गए। ऐसे भवनों को बनाने वाले बिल्डरों के साथ ही यहां संचालित हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी के लोगों को भी जमीनी सच्चाई से रूबरू कराते हुए सेफ्टी मानकों को पूरा कराने को कहा गया है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फिलहाल किसी भी तरह का पैनिक न फैलने की बात कहते हुए ऐसे असुरक्षित बहुमंजिला आवासीय भवनों के नाम का खुलासा करने से इंकार कर दिया।

डूप्लीकेट फायर रोधी उपकरण लगा रहे बिल्डर ः आग बुझाने के लिए भवनों में लगने वाले अग्निरोधक यंत्र (फायर एक्सटिंग्यूशर) की खरीद में भी व्यापक गड़बड़ी होती है। अग्निशमन अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने बताया कि बाजार में मुनाफा कमाने के नाम पर अनेक बिल्डर सस्ते उपकरण भी धड़ल्ले से खरीदते हैं। आईएसआई मार्क उपकरण के मुकाबले सस्ते होने के साथ ही इनकी रसीद भी दुकानदार नहीं देता। अक्सर ये उपकरण बिना पर्याप्त सेफ्टी जांच और तय मानक से पतली शीट व प्रेशर वॉल्व युक्त होने के कारण प्रयोग करते समय ही हाथ में फट जाते हैं। इसलिए उपकरण की खरीद के समय आईएसआई मार्क जांचने के साथ दुकानदार से खरीद रसीद अवश्य लेनी चाहिए।
इन मानकों की होती है अनदेखी
... दस हजार लीटर युक्त पानी के टैंक की व्यवस्था हर फ्लोर पर होना
... इमारत में संवेदनशील स्थानों पर बालू भरी बाल्टी रखना
... बेसमेंट में इंडोर खेल का लकड़ी युक्त कोर्ट बनवा कर प्रयोग में लाना
... आवासीय इकाइयों में छज्जा, रोशनदान व हवा बाहर निकलने के इंतजाम का अभाव
... फर्स्ट एड होजरील का न मिलना
... बिजली वायरिंग व उपकरण में आईएसआई मानक की अनदेखी
... कई भवनों में ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन व फायर एलार्म सिस्टम खराब मिलना
... परिसर में संवेदनशील स्थानों पर मार्किंग फायर साइन न पाया जाना
... बहुमंजिला इमारतों में फायर लिफ्ट व फायरमैन स्विच की अलग व्यवस्था न होना।
... बाहर निकलने को 500 वर्ग मीटर में दो अलग अलग सीढ़ी न होना
... सैटबैक क्षेत्र का न पाया जाना। इसके तहत भवन के चारों तरफ छह मीटर स्थान छोड़ना जरूरी है।
... वार्षिक फायर सेफ्टी ऑडिट का न होना व कई उपकरण के आउटडेटेड होने के बाद नष्ट न किए जाना।
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