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बयानबाजी तक सिमटी उपद्रवियों पर कार्रवाई

Lucknow

Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। अलविदा की नमाज के बाद बेकाबू हुई भीड़ को रोकने में अफसरों ने जो ढिलाई बरती वैसा ही रवैया अब कार्रवाई में भी दिख रहा है। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहने वाले अफसरों ने दो दिन बाद भी कुछ नहीं किया। न उपद्रव की जांच शुरू हो पाई और न ही बलवा व तोड़फोड़ से संबंधित मामलों की विवेचना। ईद के मद्देनजर प्रशासन के सामने शांति-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती और भी बढ़ गई है। इसके बावजूद गत शुक्रवार को शहर के बड़े हिस्से में अराजकता का माहौल पैदा करने वाले असामाजिक तत्व पर शिकंजा कसने जैसा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। सिर्फ रोजाना कड़ी कार्रवाई के दावे करने वाले बयान दिए जा रहे हैं। नमाज के बाद शुक्रवार को शहर में हुए उपद्रव पर चौबीस घंटे बाद पुलिस-प्रशासन का रुख सख्त दिखा। शनिवार को डीएम, एसएसपी, डीआईजी, कमिश्नर सहित सभी वरिष्ठ अफसरों ने कहा कि उपद्रव करने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनकेखिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उससे पहले शासन ने कमिश्नर को घटना की जांच करने केनिर्देश दिए। लेकिन कार्रवाई करने के सवाल पर अफसरों का रवैया अभी भी ढिलमुल ही बना है। यह स्थिति तब है जबकि प्रशासन के सामने ईद को सकुशल संपन्न कराने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में शुक्रवार की तरह असामाजिक तत्वों ने कोई हरकत कर दी तो शांति-व्यवस्था बिगड़ने में समय नहीं लगेगा। क्योंकि शहर के संवेदनशील इलाकेमें एक ही समुदाय के दो गुटों में एक धार्मिक संगठन की सियासत को लेकर काफी दिनों से तनाव है। उनमें एक गुट के द्वारा गत शुक्रवार को अलविदा की नमाज के बाद प्रदर्शन की संभावना थी लेकिन उनका कार्यक्रम वापस हो गया। उपद्रव वहां से शुरू हुआ जहां से प्रशासन को किसी गड़बड़ी की आशंका नहीं थी। प्रशासन के सामने इस लिहाज से भी बड़ी चुनौती है क्योंकि उपद्रव करने वाले असामाजिक तत्व अभी पकड़े नहीं गए। साथ ही प्रशासन भी यह मान रहा है कि शुक्रवार की घटना सुनियोजित थी। उस घटना को लेकर पुराने लखनऊ के कई इलाकों में तनाव जैसे हालात हैं। इसलिए एडीएम सिटी सहित उस इलाके सभी प्रशासनिक अधिकारी दिन-रात निगरानी में लगे हैं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी कहते हैं कि उपद्रवियों के खिलाफ ईद तक कोई कार्रवाई करना शांति-व्यवस्था बनाए रखने की एक रणनीति है। त्यौहार के माहौल में किसी आरोपी पर हाथ डालने से उसके समर्थक हालात बिगाड़ सकते हैं। इसलिए ईद के बाद उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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