आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

जर्जर मकान की छत गिरी, मां-बेटे की मौत

Lucknow

Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। हसनगंज में सोमवार दोपहर बाद जर्जर मकान के दूसरे तल की छत भरभरा कर ढह गई। इससे नीचे कमरे में बैठे मां और बेटे दब गए। दिल दहला देने वाली इस वारदात से घबराए मकान में रह रहे छह अन्य परिवार कमरों से बाहर भाग कर आ गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। मोहल्ले वालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को निकालने के लिए दूसरे थानों की फोर्स बुलाई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों समेत महापौर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लगभग चार घंटे बाद मलबे में दबे मां व बेटे को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने मां को मृत घोषित कर दिया, जबकि बेटे को अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, हसनगंज के आईटी चौराहा निवासी प्रो. काली प्रसाद के मकान के दो कमरों में पिछले कई वर्षों से वायरलेस में तैनात रश्मी श्रीवास्तव (49) अपने लड़के नितिन (22) और प्रशांत के साथ रहती थीं। इस मकान में सात और किराएदार रहते हैं। प्रशांत सोमवार सुबह बाराबंकी गया था, जबकि पिछले सप्ताह उसकी बहन पारुल अपनी ससुराल से आई थी और दोपहर में वह पड़ोस में रहने वाली अमिता के घर बैठी थी। रश्मी और छोटा लड़का नितिन बेडरूम में थे। इसी दौरान अचानक दूसरे तल पर बने कमरे की छत भरभरा कर भूतल पर बने कमरे के लिंटर व दीवार को तोड़ते हुए नीचे आ गिरी। इस मलबे के नीचे मां-बेटे दोनों दब गए। तेज आवाज सुनकर मकान के अन्य हिस्से में रह रहे किराएदार कमरों से बाहर निकल आए। बाहर का दृश्य देख उनके होश उड़ गए। रश्मी का बेडरूम मलबे के ढेर में तब्दील हो गया था। घटना की जानकारी होने पर पारुल मौके पर पहुंची। वह मां और भाई के मलबे मेें दबे होने की बात कह कर उन्हें बचाने के लिए चीखने लगी। मकान में रह रहे अन्य परिवार शोर मचाते हुए ईंटों के ढेर के पास पहुंचे। मलबे में मां व बेटे का कहीं पता नहीं चल रहा था। चीख-पुकार सुनकर राहगीर व स्थानीय लोग भी पहुंच गए। लोगों ने इसकी जानकारी देकर पुलिस को बुलाया। सूचना मिलते ही हसनगंज पुलिस व फायर की गाड़ी पहुंच गई। इंस्पेक्टर हसनगंज ने मलबे का बड़ा ढेर देख अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और कई अन्य थानों की पुलिस को बुलाया। मौके पर महापौर डॉ. दिनेश शर्मा, महानगर सीओ हबीबुल हसन समेत काफी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। करीब चार घंटे बाद मां व बेटे को बाहर निकाला जा सका। मौके पर ही मौजूद डॉक्टरों की टीम ने मां को मृत घोषित कर दिया, जबकि बेटे को मरणासन्न हालत में अस्पताल भेजा गया है।
हर चेहरे पर नजर आई दहशतः जर्जर मकान में सात लोगों के परिवार रहते हैं। रश्मी के पड़ोस में सुरेश उर्फ दद्दू का परिवार रहता है। उनके पड़ोस में चांदी बी, बीना शुक्ला, अभिषेक, महेश व कमल के परिवार रहते हैं। इन लोगों ने जैसे ही तेज आवाज में कुछ गिरने जैसा सुना। भाग कर अपने कमरों से बाहर आए तो रश्मी के कमरे को खंडहर में तब्दील देखा। इनके होश उड़ गए। चांद बी बदहवाश होकर गिर गईं। रश्मी की बेटी पारुल बस यही चीख रही थी कि कोई मेरे भाई व मां को बचाओ। खुद भी दौड़ कर मलबे पर जा रही थी। उसे लोग पकड़ कर लाए। इस हादसे की दहशत मकान में रह रहे लोगों में इतनी ज्यादा थी कि वह घर के अंदर नहीं घुस रहे थे। अपने बच्चों को मकान से दूर रहने की हिदायत दे रहे थे।

काश चेत गए होते, पहले भी गिरी थी दीवारः रश्मी के हिस्से में बने बाथरूम की दीवार व छत सात दिनों पहले बरसात में गिर गई थी। यही नहीं पिछले माह सुरेश के हिस्से में छज्जा गिरा था। इससे बच्चा चोटिल भी हो गया था। इन दो हादसों के बाद अगर चेते होते तो शायद बचाव हो सकता था। मकान विवादित होने की वजह से इसमें निर्माण कार्य कराने में समस्या थी। पुलिस का कहना है कि इस मकान में रह रहे लोग अपना किराया कोर्ट में जमा करते हैं। प्रो. काली प्रसाद की मौत के बाद उनके बेटे राजेंद्र इस मकान पर अपना हक जताते हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि जर्जर मकान में जिंदगी दांव पर लगा कर लोग रह रहे हैं।

एक घंटे बाद पहुंची जेसीबी-दमकलः हादसे के बाद कई थानों की पुलिस एकत्र हो गई। पुलिस को देख लोगों को उम्मीद थी कि शायद दोनों जीवित निकाल लिए जाएंगे। पर हुआ कुछ और। इंस्पेक्टर हसनगंज शैलेंद्र सिंह खुद पुलिसकर्मियों के साथ मलबा हटाते रहे। फोन लगाकर वह बार-बार फायर व जेसीबी को बुलाते रहे, लेकिन एक घंटे बाद जेसीबी व दमकल पहुंची। जेसीबी से मलबा हटाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। फावड़े व तसलों से लोग मलबा हटाने लगे। इंस्पेक्टर को जूझता देख, पुलिस व स्थानीय लोग भी जुट गए। इस दौरान पुलिस के पास ड्रिल मशीन समेत अन्य कोई ऐसा साधन नहीं था, जिससे मलबे को हटाया जा सके और उसके नीचे दबे लोग बाहर निकाले जाएं। उजाले की व्यवस्था के नाम पर भी पुलिसकर्मी बगले झांकने लगे। रात में उजाले की व्यवस्था स्थानीय नागरिक शिवाकांत मिश्रा ने संभाली। उन्होंने अपनी दुकान से बिजली की लाइटें लाकर लगाई।

किस्मत की धनी थी पारुलः हादसे से पहले पारुल चाय बनाने वाली थी। इसी बीच पड़ोसी ने उसे बुला लिया। पारुल पड़ोसी के घर चली गई। इस बीच, हादसा हो गया। अगर पारुल रुक गई होती तो वह भी हादसे का शिकार हो जाती।


  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

यहां हुआ अनोखे बच्चे का जन्म, गांव वालों का डर 'कहीं ये एलियन तो नहीं'

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कोहली और KRK पीते हैं ऐसा खास पानी, एक बॉटल की कीमत 65 लाख रुपये

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कहीं गलत तरह से शैम्पू करने से तो नहीं झड़ रहे आपके बाल, ये है सही तरीका

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

मसाज करवाकर हल्का महसूस कर रहा था शख्स, घर पहुंचते हो गया पैरालिसिस

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

यहां खुद कार चलाकर ऑपरेशन थियेटर में जाते हैं बच्चे

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

Most Read

सेना में भर्ती रैली की तारीखों में हुआ बदलाव, यहां जानिए नई तारीखें...

army recruitment in lucknow and faizabad
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का आदेश जारी, अभी करना होगा इंतजार

Arrears of seventh pay commission will be paid from December
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

जानिए, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर क्या बोले रोहिंग्या ?

Know, what did Rohingya say on the statement of Home Minister Rajnath Singh
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

लाल किले के पास सेल्फी लेते-लेते ही चोरी हो गया यूक्रेन के राजदूत का मोबाइल

 Ukraine ambassador to India Igor Polikha's cellphone stolen while taking selfie near Red Fort
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

1991 बैच के आईएएस एल वेंकटेश्वरलू बने प्रदेश के नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी

Appointment of new election commissioner of Uttar Pradesh
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!