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सितंबर से महंगे हो जाएंगे मोबाइल फोन!

Rakesh Jha

Rakesh Jha

Updated Tue, 31 Jul 2012 11:43 AM IST
mobile phones become expesive from september
मोबाइल कंपनियों को रेडिएशन नियम लागू करने के सरकार के आदेश के बाद मोबाइल के दामों में इजाफा हो सकता है। सरकार के इस आदेश के बाद आशंका जताई जा रही है कि नोकिया और सैमसंग समेत कई मोबाइल कंपनियां कीमतों में 5 से लेकर 30 फीसदी तक का इजाफा कर सकती है।
सितंबर से मोबाइल निर्माता कंपनियों को नए नियम के मुताबिक हैंडसेट के रेडिएशन में बदलाव करना होंगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी बाजार में बिकने वाले करीब 88 फीसदी मोबाइल नए रेडिएशन नियमों के विपरीत है। इस पर नोकिया और सैमसंग का तर्क है कि उनके फोन यूरोपियन रेडिएशन स्टैंडर्ड के अनुसार हैं।

भारत में अब अमेरिकी रेडिएशन स्टैंडर्ड लागू किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर कंपनियों को अपने मॉडल दोबारा डिजाइन करना पड़ेंगे। टेलीकॉम विभाग सभी कंपनियों को फोन पर रेडिएशन टैग लगाने का निर्देश जारी कर चुका है। इससे मोबाइल को देखकर उसके रेडिएशन का स्तर पता चल सकता है।

बाजार में मौजूद मोबाइल हैंडसेट की स्पेसिफिक एबसॉर्प्शन रेडिएशन (एसएआर) लिमिट 2 वॉट प्रति किलोग्राम है, जिसे घटाकर 1.6 वॉट प्रति किलोग्राम करना होगा। हैंडसेट की एसएआर लिमिट डिस्पले पर ही देनी होगी। इसके अलावा इसकी जानकारी मोबाइल के साथ दी जाने वाली बुकलेट और कंपनी की वेबसाइट पर भी देनी होगी।

सभी हैंडसेट के साथ हैंड-फ्री डिवाइस भी जरूरी कर दी गई है। सरकार का मानना है कि बाजार में बिक रहे कई मोबाइल फोन से निकलने वाला रेडिएशन लेवेल ज्यादा है। जो कि लोगों पर विपरीत असर डालता है। जानकारों का मानना है कि इससे चीन से आ रहे घटिया क्वालिटी वाले सस्ते हैंडसेट्स पर रोक लगेगी।

क्या है रेडिएशन?
रेडिएशन का प्रसार दो तरह से होता है, मोबाइल टावर से और मोबाइल फोन से। मोबाइल रेडिएशन का सीधा ताल्लुक स्पेसिफिक एबसॉर्प्शन रेडिएशन (एसएआर) से है। एक तय वक्‍त के अंदर किसी इंसान या जानवर के शरीर में प्रवेश करने वाली इलेक्ट्रो मैग्नेटिक तरंगों की माप को एसएआर कहा जाता है।

एसएआर संख्या वह ऊर्जा है, जो मोबाइल के इस्तेमाल के वक्‍त इंसान का शरीर सोखता है। मतलब यह है कि जिस मोबाइल की एसएआर संख्या जितनी ज्यादा होगी, वह शरीर के लिए उतना ही ज्यादा नुकसानदेह होगा। आसान शब्दों में कहे तो मोबाइल का ज्यादा रेडिएशन स्वास्‍थय के लिए खतरनाक है।
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