आपका शहर Close

बिना डीजल के भी चलेंगे मोबाइल टावर?

waseem ansari

waseem ansari

Updated Fri, 24 Jan 2014 03:12 PM IST
mobile indian, green energy mobile
भारत में करीब 90 करोड़ मोबाइल यूज़र हैं और सेलुलर नेटवर्क की एक पूरी कड़ी लगातार सक्रिय रहती है ताकि लोग जब चाहें तब कॉल कर पाएं।
लेकिन इस नेटवर्क के सबसे अहम हिस्से, मोबाइल टावर को 24 घंटे - 365 दिन चालू रखने में काफ़ी ऊर्जा चाहिए होती है।

शहरी इलाकों में लगे टावरों को आम तौर पर सार्वजनिक ग्रिड से ही बिजली मिल जाती है।

लेकिन भारत में ज़्यादातर जगहों पर बिजली की सुचारू व्यवस्था नहीं होने की वजह से 60 प्रतिशत से मोबाइल टावर डीज़ल जेनरेटरों के भरोसे चलते हैं।

हर टावर को लगभग उतनी ही बिजली चाहिए होती है जितनी आम तौर पर किसी शहरी घर में खर्च होती है।

मोबाइल टिप्स! ताकि सही वक्त पर साथ दे जीपीएस

देशभर में चार लाख से अधिक मोबाइल टावर हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। शायद यही कारण है कि इन टावरों को अब साफ-सुथरी ऊर्जा से चलाए जाने की मांग की जा रही है।

भारत में हर साल अकेले टेलिकॉम उद्योग दो अरब लीटर डीज़ल खर्च कर देता है।

सोलर ऊर्जा क्यों पीछे?
देश के टेलिकॉम विभाग ने भी मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों को निर्देश जारी कर कहा है कि वे डीज़ल की खपत कम करे और ऊर्जा के नए स्रोत खोजें।

ग्रामीण इलाकों में 50 फ़ीसदी और शहरी इलाकों में 20 फ़ीसदी की कार्बन उत्सर्जन में कटौती के भी निर्देश दिए गए हैं।

कंपनियों के पास जो रास्ता बचा है वो है हाईब्रिड ऊर्जा यानी ग्रिड और दोबारा प्रयोग किए जाने वाली ऊर्जा के मिश्रण कर टावरों को संचालित करें।

लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये आसान नहीं होगा।
tower














मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कंपनी एटी कर्नी से जुड़े मोहित राणा कहते हैं, “सोलर ऊर्जा सबसे अच्छी है, लेकिन इसका उत्पादन, खासतौर पर शुरुआती खर्च बहुत ज़्यादा है।”

हालांकि डीज़ल खपत कम करने के उपायों पर उद्योग लगातार काम कर रहा है।

डीजल बढ़ा रहा कार्बन उत्सर्जन
एटी कर्नी के एक अनुमान के अनुसार टेलिकॉम उद्योग के कुल कार्बन उत्सर्जन का आधा डीज़ल उपयोग की ही वजह से होता है।

भारती इंफ्राटेल उन कंपनियों में से एक हैं जो इस लक्ष्य को पाने के लिए कोशिश कर रही है। इस कंपनी से 33 हज़ार से ज़्यादा मोबाइल टावर है जिनमें से नौ हज़ार से ज़्यादा ग्रिड की स्थाई बिजली से दूर हैं। ऐसे में डीज़ल ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है जो महंगा भी है।

आपके इंटरनेट की स्पीड इतनी कम क्यों है?

भारती इंफ्राटेल के देवेंद्र सिंह रावत बताते हैं, “ईंधन हमारे ख़र्च का एक अहम हिस्सा है। प्रत्येक टावर पर हर दिन पांच से 40 हज़ार तक का ईधन खर्च होता है।”

एक हजार टावरों से अधिक पर कंपनी ऊर्जा के दूसरे स्रोतों का प्रयोग शुरू कर चुकी है। लेकिन ये काम टेलिकॉम कंपनिया अकेले नहीं कर सकती हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में नए मौके
बिजली उत्पादन के नए तौर तरीकों ने उद्योगपतियों और नया सोचने वालों के लिए एक मौका उपलब्ध किया है। ऐसे लोग जो तकनीक को दो तरह से देखते हैं- इससे पैसा बनाया जा सकता है और जंगलों-वातावरण को बचाया जा सकता है।

ओएमसी पावर एक ऐसी ही कंपनी है जो कि ग्रामीण इलाक़ों में टेलीकॉम कंपनियों के लिए छोटे छोटे पावर प्लांट बना रही है।

ये खरीदा वो खरीदा, आखिर गूगल का इरादा क्या है

इन छोटे पावर प्लांटों में सूरज, हवा और बायोगैस जैसे स्त्रोतों का उपयोग कर के दूर-दराज़ के इलाकों में साफ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

ओएमसी पावर के अनिल राज कहते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत में ऊर्जा खपत में एक बड़ा बदलाव आने वाला है।

वो कहते हैं, "इस समय अवधारणा ये है कि बड़े-बड़े ऊर्जा संयंत्र होंगे लेकिन उनकी ट्रांसमिशन की प्रणाली अप्रभावी होगी। असल में इस समय हो ये रहा है कि जहां पावर संयंत्र हैं वहां से वो जगहें बहुत दूर हैं जहां बिजली को जाना है। इसके लिए ट्रांसमिशन लाइनें बिछानी होती हैं।ये बात अब बदल रही है। हम कोशिश कर रहे हैं कि छोटे छोटे जगहों पर ही संयंत्र बनाए जाएं जिससे वहां की ज़रुरतें पूरी हों।"

हालांकि अभी भी इसमें सबसे बड़ी चुनौती स्वच्छ ऊर्जा की है और वो भी स्वच्छ ऊर्जा के लिए पैसे मिलने की।

कंपनियों को उम्मीद है कि फोन लाइनें उपलब्ध कराने वाले टावर उनके उपभोक्ताओं में होंगे और जो अतिरिक्त ऊर्जा बजेगी वो आस पास के रिहाइशी इलाक़ों में बांटी जा सकेगी।

राज का कहना है कि वो जितनी ऊर्जा का उत्पादन करेंगे वो टेलीकॉम कंपनियों और स्थानीय समुदाय के बीच साझा की जाएगी। स्थानीय समुदाय को छोटे छोटे बैटरी पैक दिए जा सकेंगे जिससे वो अपने घरों में बत्तिया जला पाएंगे और इलेक्ट्रानिक चीज़ों को चार्ज भी कर सकेंगे।

दोबारा प्रयोग किए जाने योग्य ऊर्जाएं
ओएमसी पावर को उम्मीद है कि अलग अलग तरह की तकनीकों का इस्तेमाल कर के कीमतों को कम रखा जा सकेगा और इस प्रक्रिया में कुछ भी बेकार नहीं जाएगा।

भारतीय टेलीकॉम बाज़ार में कीमतें तय करना सबसे कठिन काम रहा है। पिछले कुछ समय में टेलीकॉम कंपनियों का फायदा कम हुआ है और उन्हें कड़ी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ रहा है।

इस बाज़ार को बढ़ाने के लिए आने वाले दिनों में भारत में तीन लाख से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए जाने हैं।

अगर इन टावरों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए कोई स्वच्छ ऊर्जा का कोई खाका नहीं तैयार होता है तो कई लोगों को डर है कि पहले से ही खस्ताहाल टेलीकॉम बाज़ार की स्थिति बद से बदतर होती चली जाएगी।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live update of latest gadget news and mobile reviews, apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more news in Hindi.

Comments

स्पॉटलाइट

19 की उम्र में 27 साल बड़े डायरेक्टर से की थी शादी, जानें क्या है सलमान और हेलन के रिश्ते की सच

  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफलः इन 5 राशि वालों के बिजनेस पर पड़ेगा असर

  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

ऐसे करेंगे भाईजान आपका 'स्वैग से स्वागत' तो धड़कनें बढ़ना तय है, देखें वीडियो

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

सलमान खान के शो 'Bigg Boss' का असली चेहरा आया सामने, घर में रहते हैं पर दिखते नहीं

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

आखिर क्यों पश्चिम दिशा की तरफ अदा की जाती है नमाज

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

Most Read

Xiaomi के इन 6 स्मार्टफोन को MIUI 9 के बाद नहीं मिलेगा अपडेट

Xiaomi MIUI 9 to Be Last Update for these 6 Smartphones
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

5जी तकनीक ला रही एयरटेल, एरिक्सन के साथ हुआ करार

Ericsson partnered with Bharti Airtel for 5G technology in India
  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

मोबाइल में मुस्लिमों के लिए अलार्म फंक्शन, चीनी कंपनी हुआवेई ने किया खंडन

Huawei denies its phone alarm function favours Muslims
  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

रिलायंस जियो ने चुपके से लॉन्च किया 91GB डाटा वाला प्लान

Reliance Jio Silently Introduces a Rs 499 Plan Offering 91GB Data for 91 Days
  • बुधवार, 25 अक्टूबर 2017
  • +

वोडाफोन का बड़ा दांव, 399 में 6 महीने के लिए 90GB डाटा और अनलिमिटेड कॉलिंग

To counters Jio and Airtel, Vodafone offers 90GB data, unlimited calls for 6 months at Rs 399
  • रविवार, 15 अक्टूबर 2017
  • +

Vodafone ने लॉन्च किया 84GB डाटा और अनलिमिटेड कॉलिंग वाला प्लान

Vodafone offer Rs 496 and Rs 177 Tariff Plans With Unlimited Voice Calls
  • शनिवार, 28 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!