इतिहास लोकगाथाएं और पुरातात्विक दस्तावेज उत्तराखंड की समृद्घ विरासत की पुष्टि करती हैं। तरक्की और विशेष पहचान की चाहत ने इस क्षेत्र के लोगों को पृथक राज्य के आंदोलन के लिए मजबूर किया।
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वर्तमान चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे उत्तराखंड में राजनीतिक स्थिरता बरकरार है। विकास दर दोहरे अंक को छूने की ओर अग्रसर है, तो साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।
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विकास कभी औद्योगिक शून्य क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले उत्तराखंड में बीते दशक में भारी-भरकम निवेश हुआ है। तमाम चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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समाज उत्तराखंड में निवास करने वाली विभिन्न जनजातियां यहां के समाज का आधार हैं। पारंपरिक रीति-रिवाजों के वाहक इन समुदायों ने आज भी यहां की प्राचीन संस्कृति को बचाए रखा।
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संस्कृति धार्मिक, सांस्कृतिक स्थलों से सुसज्जित लोकपरंपराओं से समृद्घ इस राज्य में संस्कृति के विविध आयाम देखने को मिलते हैं। मेले, पर्व और चार धाम यहां की सांस्कृतिक धरोहर हैं।
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समृद्घि सदियों से पर्यटन का केंद्र रहे उत्तराखंड में चार धाम जहां आस्थावानों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, वहीं पहाड़ और नदियों की वजह से रोमांच प्रेमी पर्यटक खुद-ब-खुद यहां खिंचे चले आते हैं।
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स्वप्न महज एक दशक के भीतर उत्तराखंड ने बहुत कुछ हासिल किया है और काफी कुछ पाने का स्वप्न संजोए हुए है। विजन 2020 इसी को साकार करने की एक परिकल्पना है।
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