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जान‌िए आखिर क्या है फॉर्मूला वन

इंटरनेट डेस्‍क/ विक्रांत चतुर्वेदी

Updated Sat, 27 Oct 2012 02:19 PM IST
interesting facts about formula one
रफ्तार की दुनिया की सबसे बड़ी प्रतियोगिता को फॉर्मूला वन कहा जाता है। इस प्रतियोगिता को फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल नाम की संस्‍था आयोजित कराती है। जिसकी स्‍थापना 1904 में की गई थी। यह खेल तकनीक और स्पीड के तारतम्य पर निर्भर करता है। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के ‌लिए एफ-1 ड्राइवरों को 'सुपर लाइसेंस' लेना होता है जो फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल द्वारा दिया जाता है। 'फॉर्मूला' शब्द ड्राइवरों के लिए निर्धारित नियमों से बना है जिसका बड़ी ही सख्ती से पालन करना होता है।
टीम और अंक का खेल
हर फॉर्मूला वन प्रतियोगिता में 12 टीमें हिस्सा लेती है। रेस के लिए प्रत्येक टीम से 2 ड्राइवरों का चुनाव होता है अर्थात एक टीम रेस में अपनी दो गाड़ियों को ट्रैक पर उतारती है। इसके साथ ही टीम में एक प्रिंसिपल होता है जिसे 'टीम प्रिंसपल' के नाम से जानते है। उसी की निगरानी में सभी तकनी‌की कार्यों को किया जाता है। एक टीम में लगभग 150 से 200 सदस्य होते है। जीत का निर्धारण अंकों के आधार पर होता है। जिस टीम का ड्राइवर सर्वाधिक अंक प्राप्त करता है उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है। और इसी क्रम में अन्य टीमों को भी अंकों का वितरण होता है।

क्या है ग्रैंडस्टैंट और पिट स्टॉप
फॉर्मूला वन रेस शुरु होते ही हम ग्रैंडस्टैंट और पिट स्टॉप जैसे शब्दों को सुनते है। पिट स्टॉप ट्रैक का वह हिस्सा होता है जहां पर रेस के दौरान ड्राइवर गाड़ी के टायरों को बदलते है और ईंधन भराते है। वहीं ग्रैंडस्टैंट पिट स्पॉट के सामने वाले स्टैंड को कहा जाता है। चूंकि यहां से रेस और उससे जुड़ी गतिविधियों को सबसे अधिक अच्छे से देखा जा सकता है, इसलिए यहां का टिकट सबसे महंगा होता है।

फॉर्मूला वन की कारों का राज
फॉर्मूला वन में जिन गाड़ियों का प्रयोग किया जाता है वह आम गाड़ियों से अलग होती है। इनकी रफ्तार क्षमता 200 से 360 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो सकती है। गाड़ियों का निर्माण एरोडाइनेमिक प्रणाली के आधार पर किया जाता है ताकि गाड़ी जमीन से लगी रहे। इनके इंजन का निर्माण विशेष रूप से रेस के लिए ही किया जाता है और इनमें इतनी क्षमता होती है कि यह टायर को 1 सेकेंड में लगभग 50 बार घूमता है। गाड़ी का इंजन सिर्फ एक रेस के लिए तैयार होता है, रेस के बाद यह बेकार हो जाता है।
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