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मंत्रालय की नजरों में खिलाड़ी नहीं बन पाई अरुणिमा

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो

Updated Mon, 01 Oct 2012 11:55 PM IST
arunima sinha is not player according to ministry
ट्रेन से फेंके जाने पर अपनी टांग गंवानें वाली अरुणिमा सिन्हा ने हौसले की अजब मिसाल कायम कर चामसेर कांगड़ी पर्वत श्रंखला पर चढ़ाई भले कर ली हो। लेकिन दर्द भरी जिंदगी से लोहा लेने वालों और विकलांगों के लिए मिसाल बन गई अरुणिमा के साहस को खेल मंत्रालय ने अब तक एक खिलाड़ी का दर्जा नहीं दिया है।
संसद ने वॉलीबाल की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी के हौसले को सलाम करते हुए बुधवार व बृहस्पतिवार को होने वाली लिंगभेद संवेदनशील संसद में बतौर वक्ता बुलाने की ठानी लेकिन खेल मंत्रालय से उनका पता नहीं मिलने के चलते उन्हें न निमंत्रण भेजा गया और न ही बुलाया जा सका।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बुधवार को शामिल होने जा रहे हैं। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक अरुणिमा के साथ इस कार्यक्रम में साइना नेहवाल, एमसी मैरी काम, दीपिका कुमारी, अंजलि भागवत, बछेंद्री पॉल, ज्वाला गट्टा, सानिया मिर्जा, अंजू बॉबी जॉर्ज, कोनेरू हंपी के साथ अरुणिमा को बुलाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए इन सभी खिलाड़ियों के पते व मोबाइल नंबर खेल मंत्रालय से मांगे गए। मंत्रालय ने उक्त नौ खिलाड़ियों के पते दे दिए। लेकिन अरुणिमा के बारे में कहा गया कि उनके बारे में उनके पास किसी तरह का रिकार्ड मौजूद नहीं है। नतीजन उन्हें इस समारोह के लिए आमंत्रित नहीं किया जा सका है।

अरुणिमा के साथ मंत्रालय का यह सौतेला व्यवहार पहली बार नहीं है। बीते वर्ष अप्रैल माह में जब उन्हें पद्मावती एक्सप्रेस से बरेली में ट्रेन से फेंका गया था। तब मंत्रालय ने महज कुछ हजार रुपये की राशि उन्हें देने की घोषणा की। बाद में हंगामा मचने पर यह राशि सवा दो लाख रुपये में तब्दील कर दी गई। एम्स में जिंदगी और मौत से जूझते हुए अरुणिमा दोबारा अपने पैरों पर तो नहीं खड़ी हो सकीं।

बावजूद इसके उन्होंने बछेंद्री पाल का दामन थामा। न सिर्फ उत्तरकाशी में पर्वतारोहण का कोर्स किया बल्कि लद्दाख की चामसेर कांगड़ी पर्वत श्रंखला पर 21 हजार फुट की चढ़ाई कर डाली। ऐसा आज तक किसी विकलांग ने नहीं किया है। खेल मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि अरुणिमा का सीनियर या जूनियर स्तर पर किसी खेल में भाग लेने का रिकार्ड उनके या साई के पास मौजूद नहीं है। इसलिए उनका पता भी उनके पास नहीं है।
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