उम्मीदों के मुताबिक वाडा ने देश की चार टॉप एथलीटों पर नाडा की ओर से लगाए गए एक साल के प्रतिबंध को कटघरे में खड़ा कर चुनौती दे दी है। वाडा ने एशियाई खेलों की डबल गोल्ड मेडलिस्ट अश्वनी अकुंजी, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली रिले टीम की सदस्य सिनी जोस, यूपी की प्रियंका पंवार और टियाना मेरी थामस पर दो साल का प्रतिबंध लगाने की वकालत की है। उसने यह अपील मंगलवार को नाडा के अपील पैनल के समक्ष की है। इस अपील का फैसला वाडा के पक्ष में जाता है तो इन चारों के लंदन ओलंपिक में खेलने की बची-खुची उम्मीदें पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी।
अपील करने का अधिकार आईएएएफ को
सूत्र बताते हैं कि वाडा की ओर से भेजी गई अपील में कहा गया है कि वाडा नियमों के तहत नाडा के हियरिंग पैनल की ओर से इन चारों पर सुनाया गया एक साल के प्रतिबंध का फैसला खरा नहीं बैठता है। इन्हें कोच की ओर से जिनसिंग सप्लीमेंट खिलाए जाने के लिए एक साल के प्रतिबंध का लाभ दिया गया है। खिलाड़ी के सैंपल में स्टेरायड पाए जाने की स्थिति में उसका पहला अपराध होने पर दो साल का प्रतिबंध बनता है। इसमें राहत नहीं दी जा सकती है। वाडा की अपील को नाडा ने स्वीकार कर लिया है। वाडा ने अपील में मंदीप कौर और जोना मुर्मू को शामिल नहीं किया है। ये दोनों इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन की सैंपलिंग में पकड़ी गई थीं। इसलिए इन दोनों के निर्णय के खिलाफ अपील करने का अधिकार आईएएएफ को है।
एथलीटों की अपील पर अभी फैसला आना बाकी
खास बात यह है कि उक्त चारों एथलीटों ने ही नाडा की ओर से लगाए गए एक साल के प्रतिबंध को नाडा अपील पैनल में खुद चुनौती दे रखी है। जिसकी सुनवाई पूरी हो गई है। लेकिन वाडा की अपील पर नाडा ने अलग से सुनवाई का निर्णय लिया है। जबकि एथलीटों की अपील पर अभी फैसला आना बाकी है। एथलीटों ने एक साल का प्रतिबंध कम करने की अपील की है। ऐसा होने पर उनका ओलंपिक में खेलना लगभग पक्का हो जाएगा। अश्वनी, प्रियंका, टियाना पर प्रतिबंध तीन जुलाई को समाप्त हो रहा है। जबकि दो जुलाई को अंतिम ओलंपिक क्वालीफायर है।
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