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साइनसाइटिस में आराम दिलाएंगे ये आसन

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क

Updated Wed, 21 Nov 2012 04:20 PM IST
yoga asanas for sinusitis treatment
वैसे तो साइनसाइटिस या साइनस इन्फेक्शन के मरीजों को मौसम बदलने पर दिक्कत होती ही है लेकिन सर्दियों का महीना अक्सर उनपर ज्यादा भारी पड़ जाता है। साइनसाइटिस आज के समय की एक आम समस्या है जो साइनस में संक्रमण द्वारा होने वाली सूजन से होती है। सर्दी-जुकाम, एलर्जी या नाक के भीतर निकलने वाला फोड़ा आदि में से कुछ भी इस समस्या की जड़ हो सकता है।
कई बार साइनसाइटिस में दवाओं से अधिक आराम नहीं मिल पाता। ऐसे में इसके उपचार के लिए योगासन एक बेहतरीन और कारगर विकल्प है जिसे आप चिकित्सा के साथ लेने में भी कोई नुकसान नहीं है। तो चलिए, आज हम आपको कुछ ऐसे आसनों की जानकारी दे रहे हैं जो साइनसाइटिस में उपचार के लिए काफी मददगार हैं।

पश्चिमोत्तानासन
यह आसन न सिर्फ करने में बेहद आसान है बल्कि इसमें अधिक थकान भी नहीं होती। यह आसन साइनस के साथ-साथ अनिद्रा के उपचार में भी फायदेमंद है। इसके लिए सबसे पहले सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को फैलाकर एक सीध में रखें। दोनों पैर सटाकर रखें। दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और कमर को बिल्कुल सीधा रखें। फिर झुककर दोनों हाथों से पैरों के दोनों अंगूठे पकड़ने की कोशिश करें। ध्यान रहे इस दौरान आपके घुटने न मुड़ें और न ही आपके पैर जमीन से ऊपर उठें। साइनसाइटिस के दौरान सिरदर्द से आराम के लिए भी इसका काफी महत्व है।

हलासन
हलासन साइनसाइटिस के साथ-साथ कमर दर्द, गर्दन में दर्द और अनिद्रा से छुटकारे में काफी मददगार है। इसके लिए पहले जमीन पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं। दोनों हाथों को सीधा जमीन पर रखें। अब धीरे-धीरे सांस छोड़े और दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। फिर पैरों को पीछे की ओर सीधे जमीन पर झुकाएं और पंजों को जमीन से सटाएं रखें। सिर को बिल्कुल सीधा रखें। इस अवस्था में एक से दो मिनट रहें, फिर सांस लेते हुए पैरों को सामान्य अवस्था में ले आएं।

उत्तानासन
उत्तानासन की मदद से साइनसाइटिस में आराम तो होगा ही साथ ही श्वास से संबंधित अन्य बीमारियों में भी यह मददगार है। साथ ही यह आपके मूड को रीफ्रेश कर देगा। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। लंबी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर आकाश की ओर ले जाएं। फिर आगे झुककर दोनों हाथों से जमीन छुएं। इस दौरान घुटने न मोड़ें। कुछ देर इस मुद्रा में रहने के बाद हाथ पुनः ऊपर की ओर ले जाएं और श्वास छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में खड़े हो जाएं।

अनुलोम-विलोम

अनुलोम-विलोम की क्रिया सांस संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद तो है ही, साथ ही यह सर्दी-जुकाम और साइनसाइटिस से होने वाली दूसरी दिक्कतों को भी दूर करती है। इसे करने के लिए सबसे पहले पद्मासन या सुखासन की अवस्था में बैठ जाएं। फिर अपना दाएं हाथ के अंगूठे से नाक के के दाएं छिद्र को बंद कर लें और बाएं छिद्र से भीतर की ओर सांस खीचें। अब बाएं छिद्र को अंगूठे के बगल वाली दो अंगुलियों से बंद करें। दाएं छिद्र से अंगूठा हटा दें और सांस छोड़ें। अब इसी प्रक्रिया को बाएं छिद्र के साथ दोहराएं। इसे 3 मिनट से 10 मिनट तक रोज करना साइनसाइटिस के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है।  
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