आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

खुश रहना है तो ना करना सीखें

राकेश/इंटरनेट डेस्क

Updated Sat, 20 Oct 2012 12:17 PM IST
want to be happy learn say no
हम सब इंसान हैं और हम सभी की एक सीमा निर्धारित है। हमारे पास निश्चित समय और परिश्रम करने की क्षमता होती है। अगर इन क्षमताओं का जरूरत से अधिक प्रयोग करेंगे तो कहीं न कहीं हमारी उत्पादकता पर प्रभाव पड़ेगा और इसका नुकसान भी हमें ही उठाना पड़ेगा।
इसलिए अपनी क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए। इसके लिए भले ही हमें अपने दोस्तों, रिश्तेदारों अथवा कार्य क्षेत्र में सहकर्मियों एवं अधिकारियों से ना कहना पड़े तो बेहिचक ना कहना सीखें, क्योंकि आमतौर बहुत से लोग ऐसा नहीं कर पाते हैं। 

रोजमर्रा के जीवन में अक्सर ऐसी बातें हम सभी के साथ होती है कि नाते रिश्तेदार कोई काम कह देते हैं। रिश्तेदारों के सम्मान एवं उनकी नाराजगी से बचने के लिए न चाहते हुए भी हम हां कह देते हैं। नाते-रिश्तेदार हां सुनकर भले ही खुश हो जाएं लेकिन अपना मन अंदर से परेशान हो जाता है।

जरूरी काम करते समय भी बार-बार ख्याल आता है रिश्तेदार का काम है समय निकालकर उसे भी करना है। इससे हम अपने जरूरी काम पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं क्योंकि दिमाग दो तरफ बंटा रहता है। इस स्थिति में मानसिक तनाव बढ़ जाता है।

कार्य क्षेत्र में अपने ऊपर काम का दबाव होने के बावजूद अगर अधिकारी ने एक और काम दे दिया तो मन को मारकर अधिकारी से हां कह देते हैं। जबकि व्यवहारिकता यह है कि अधिकारी आपके व्यस्त होने के बाद भी नया काम देते हैं उन्हें बताएं कि आपके पास वर्तमान में कितना काम है।

अगर वह काम का दबाव जानने के बाद भी अतिरिक्त काम सौंपते हैं तो अधिकारी से प्राथमिकता पूछ लें कि कौन सा काम ज्यादा जरूरी है। इससे मानसिक तनाव कम होगा और जो भी काम करेंगे उसे अच्छी तरह पूरा कर पाएंगे।

शालीन और नम्र होना अच्छी बात है लेकिन जरूरत से अधिक शालीन बनने पर लोग इसे व्यक्ति की कमजोरी समझने लगते हैं। लोगों को लगता है कि अमुक व्यक्ति के पास पैसा है या खाली समय है तो उस पैसे और खाली समय से अपना हित साधने की कोशिश करते हैं।

जब आप अपने चारों तरफा ना की दीवार खड़ी कर देते हैं तो लोग किसी अन्य व्यक्ति की तलाश करते हैं जहां से उनका हित पूरा हो सकता है। इसलिए भला बनने से ज्यादा जरूरी है कि व्यवहारिक बनें और जरूरत के अनुसार ना भी कहें।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

कुछ लड़कियां क्यों नहीं करतीं जिंदगीभर शादी, लड़के जान लें

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

IndVsAus: अश्विन, जडेजा, जयंत से नहीं, कंगारुओं को इससे है डर

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

रिसर्च: मोटे मर्दों की सेक्स लाइफ होती है शानदार

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

सेल्फी के शौकीनों के लिए खुशखबरी, इस फोन में होगा 3D कैमरा

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

रजनीकांत की दीवानी है ये हीरोइन, अब साथ में करेगी काम

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

Most Read

इसे आजमाकर देख‌िए ज‌िंदगी में कभी दुख और तकलीफ से परेशान नहीं होंगे

mantra of happiness in life
  • गुरुवार, 8 सितंबर 2016
  • +

भारत के एक फकीर ने ऐसे स‌िकंदर का अभ‌िमान क‌िया चूर

moral story what happen when alexander came in india
  • गुरुवार, 8 सितंबर 2016
  • +

आप भी आजमाकर देख‌िए, आपका कोई भी काम तब नहीं रुकेगा

one tips for success in every work
  • सोमवार, 5 सितंबर 2016
  • +

कबीर दास ने कहा है ऐसे लोग ही पढ़ने ल‌िखने के बाद भी बेकार रह जाते हैं

kabir vani on knowledge
  • बुधवार, 27 जुलाई 2016
  • +

यहां कोई भी जवानी में नहीं मरता, कारण बस इतना सा है

tips for long life
  • मंगलवार, 30 अगस्त 2016
  • +

मंद‌िर बनाने वाले मजदूर की आंखों में चमक का क्या राज था?

story of vivekanand
  • शनिवार, 6 अगस्त 2016
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top