आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

व्रत पालन से ही जीवन में मिलती है सफलता: आचार्य विद्यासागर

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क

Updated Fri, 26 Oct 2012 11:31 AM IST
self discipline leads to a successful life acharya vidyasagar
व्रत से अभिप्राय नियम, कानून अथवा अनुशासन से है। जिस जीवन में अनुशासन का अभाव है वह जीवन निर्बल है। नीति का मतलब है जीवन अस्त-व्यस्त न हो, शांत और सबल हो। नीति के अनुसार व्रत पालन से अद्भुत बल की प्राप्ति होती है। रावण के विषय में विख्यात है कि वह दुराचारी था किंतु वह अपने जीवन में एक प्रतिज्ञा से आबद्ध था।
उसका व्रत था कि वह किसी नारी का बलात्कार नहीं करेगा, उसकी इच्छा के विरुद्ध नहीं भोगेगा यही कारण था वह सीता को हरण करके ले तो आया किंतु उसका शील भंग नहीं कर पाया। इसका कारण केवल उसका व्रत था, उसकी प्रतिज्ञा थी। यद्यपि यह सही है कि सीताजी के साथ बलात्कार का प्रयास भी करता तो भस्मसात हो जाता किंतु ऐसा करने से उसकी प्रतिज्ञा ने उसे रोक लिया। निरतिचार शब्द बडे़ मार्के का शब्द है।

व्रत के पालन में कोई गड़बड़ी न हो तो आत्मा और मन पर एक ऐसी छाप पडती है कि खुद का तो निस्तार होता ही है, अन्य भी जो इस व्रत और व्रती के सम्पर्क में आ जाते हैं, वे भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते। जैसे कस्तूरी को अपनी सुगन्ध के लिये किसी तरह की प्रतिज्ञा नहीं करनी पड़ती, उसकी सुगन्ध स्वतः चारों ओर व्याप्त हो जाती है, ऐसे ही इस व्रत की महिमा है।

‘अतिचार’ और ‘अनाचार’ में भी बडा अंतर है। ‘अतिचार’ व्रतों मे लगने वाले दोष को कहते हैं। ‘अतिचार’ दोष लगाया नहीं जाता, प्रमादवश लग जाता है। किंतु अनाचार तो सम्पूर्ण व्रत को विनष्ट करने की क्रिया है। सच्चे भक्त नीति के अनुसार व्रत का पालन करने की पूरी चेष्टा करते हैं। नीति अनुसार किये गये व्रत की महिमा अद्भुत है।

एक भिक्षुक था। झोली ले कर एक द्वार पर रोटी मांगने पहुँचा। रूखा जवाब मिलने पर भी नाराज नहीं हुआ बल्कि आगे चला गया। एक थानेदार को उसपर तरस आ गया और उस भिक्षुक को रोटी देने के लिये बुलाया। भिक्षुक थोडा आगे जा चुका था इसलिये उसने अपने नौकर को रोटी देने भेज दिया। “मैं रिश्वत का अन्न नहीं खाता भैया!” ऐसा कह कर भिक्षुक आगे बढ गया।

नौकर ने वापस आकर थानेदार को भिक्षुक द्वारा कही गयी बातें सुना दी। भिक्षुक की बात थानेदार के मन में अंदर तक उतर गयी। उसने सदा-सदा के लिये रिश्वत लेना छोड़ दिया। भिक्षुक की प्रतिज्ञा ने, उसके निर्दोष व्रत ने थानेदार की जिन्दगी सुधार दी। जो लोग गलत तरीके से रुपये कमाते हैं, वे दान देने में अधिक उदारता दिखाते हैं। वे सोचते हैं कि इस तरह थोडा़ धर्म इकट्ठा कर लिया जाये, किंतु धर्म ऐसे ही नहीं मिलता। धर्म तो अपने श्रम से निर्दोष रोटी कमाकर दान देने में है।

आज हम मात्र शरीर के भरण-पोषण में लगे हैं। व्रत, नियम और अनुशासन के प्रति भी हमारी रुचि होनी चाहिये। अनुशासन विहीन व्यक्ति सबसे गया-बीता व्यक्ति है। अरे भैया! तीर्थंकर भी अपने जीवन में व्रतों का निर्दोष पालन करते हैं। हमें भी करना चाहिये। हमारे व्रत ऐसे हों जो स्वयं को सुखकर हो और दूसरों को भी सुखी करे। एक सज्जन जो संभवतः ब्राह्मण थे, मुझ से कहने लगे- महाराज, आप बडे़ निर्दयी हैं।

देनेवाले दाता का आप आहार नहीं लेते। मैनें उन्हें समझाया- “भैया! देनेवाले और लेने वाले दोनों व्यक्तियों के कर्म क्षमोपशम होनी चाहिये। दाता का दानांतर कर्म का क्षमोपशम होना आवश्यक है, पर लेनेवाले का भोगांतराय कर्म का क्षमोपशम होना चाहिये। दाता लेनेवाले के साथ जबर्दस्ती नहीं कर सकता क्योंकि लेने वाले के भी कुछ नियम या प्रतिज्ञाएं होती हैं, जिन्हें पूरा करके ही वह आहार ग्रहण करता है।

सारांश यही है कि सभी को कोई न कोई व्रत अवश्य लेना चाहिये, व्रत-नियम बडे़ मौलिक हैं। सभी यदि व्रत ग्रहण करके उनका निर्दोष पालन करते रहें तो कोई कारण नहीं कि सभी कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न न हों।

आचार्य विद्यासागर
10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक प्रांत के सदलगा ग्राम में आचार्य विद्यासागर का जन्म हुआ। आचार्य जैन धर्म में दिगम्बर संप्रदाय के संत हैं। जीवन मूल्यों को प्रतिष्ठित करने वाले संत आचार्य विद्यासागर बाल ब्रह्मचारी हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

एक ही फिल्‍म कर गुमनाम हुई ये 'गांव की छोरी', अब विदेश में खड़ा किया अरबों का साम्राज्य

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

#Menstrual hygiene day: पीरियड्स में रखें इन बातों का ख्याल, वरना हो सकती हैं ये दिक्कतें

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

कई फिल्मों में काम कर चुकीं इस पॉपुलर एक्ट्रेस के साथ बेटे ने किया कुछ ऐसा, फूट-फूट कर रोईं

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

'मि. इंडिया' से स्टार बनी थी नन्ही 'टीना', अब कर रही है ये काम

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

रमजान से जुड़ी इन बातों को नहीं जानते होंगे आप

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

Most Read

भूलकर भी पूजा के दौरान ना करें ये गलतियां, होता है अपशगुन

aviod five mistakes during chanting and worship
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

ऐसे तिल वाले लोगों को मिलता है बीवी से बेशुमार प्यार

mole indicate your character
  • सोमवार, 15 मई 2017
  • +

कहीं आप भी तो रविवार को नहीं खाते ये दाल, परेशानियां नहीं छोड़ेंगी पीछा

never eat these things on sunday
  • गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
  • +

रावण संहिता के उपाय बना देंगे धनवान, बस करना होगा यह आसान काम

ravan samhita tips for financial status
  • रविवार, 7 मई 2017
  • +

भूलकर भी एक- साथ ना पहनें दो रत्न, बिगड़ सकता है काम

do you know about gemstones
  • शुक्रवार, 12 मई 2017
  • +

किस्मत बदल देती है विंड चाइम,भूलकर भी ना बैठें इसके नीचे

feng shui tips for wind chimes
  • शनिवार, 6 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top