आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

दूसरों के भीतर गुण देखिए, दुर्गुण नहीं

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

Updated Tue, 06 Nov 2012 01:39 PM IST
look at the positive side of people
कबीरदास जी ने कहा है, 'बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय। जो दिल ढूंढ़ा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।' कबीरदास जी अपने इस दोहे से जीवन के उस आर्दश को व्यक्त करते हैं जिसकी आज के मनुष्य को बड़ी जरूरत है।
ध्यान कीजिए पूरे दिन में आप दूसरों के कितने गुणों को पहचानते हैं। शायद दो या एक अथवा एक भी नहीं। लेकिन बुराई पर ढेरों गिन लेंगे। यही व्यक्तित्व की सबसे बड़ी कमी है। हम सभी को दूसरों के गुण देखने चाहिए न कि अवगुण। जो मनुष्य यह कला सीख लेता है उसके लिए न कोई शत्रु होता है न नफरत का पात्र। ऐसे व्यक्ति के सभी मित्र होते हैं और लोक-परलोक में उनकी कीर्ति बनी रहती है।

ऐसे ही एक गुणवान व्यक्ति थे संत उड़िया बाबा। यह असहायों, गरीबों और बीमार व्यक्ति की सहायता को ही सबसे बड़ा धर्म बताया करते थे। दुनियादारी, लोभ-मोह से इनका कोई वास्ता नहीं था। आज के संतों की भांति यह सिर्फ उपदेश नहीं देते थे बल्कि, व्यवहारिक जीवन में खुद भी अपने उपदेश के अनुसार चलने की कोशिश करते थे। इनका कहना था प्रत्येक प्राणी में ईश्वर है। इसलिए किसी के दोष को नहीं देखना चाहिए। दूसरों में दोष ढूंढना ईश्वर में कमी निकालना है।

एक समय उड़िया बाबा बदायूं स्थित गंगा के किनारे कुटिया बनाकर उसमें रह रहे थे। इनके आश्रम में एक बीमार व्यक्ति आया। बाबा ने इस व्यक्ति के लिए दूध एवं फल की व्यवस्था करवा दी। एक दिन आश्रम का सदस्य बाबा के पास आकर बोला 'बाबा, आप जिस बीमार व्यक्ति को दूध और फल दिलवा रहे हैं, वह तो कई दुर्गुणों से भरा है। हम चाहते हैं कि आप उस व्यक्ति को आश्रम से निकाल दें।

उड़िया बाबा ने आश्रम के सदस्य की ओर गौर से देखा और मुस्कुराकर बोले, 'जब सृष्टि के मालिक भगवान ने दुर्गुण से भरे उस व्यक्ति को संसार से नहीं निकाला तो हम उसे इस छोटे से आश्रम से निकालने वाले कौन होते हैं। बाबा ने कहा, 'भैया, संसार में ऐसा कौन प्राणी है, जिसमें तमाम गुण ही हैं, दुर्गुण एक भी नहीं है। क्या तुम यह समझते हो कि तुममें और मुझमें कोई दुर्गुण नहीं है। सत्संग से दुर्गुण कम करने का प्रयास करना चाहिए, न कि तिरस्कार करके दुख पहुंचाना चाहिए।'
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

कंगना के घर में आई खुशियां, जल्द आएगा नन्हा मेहमान

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

मोबाइल के टेक्स्ट मैसेज को दूसरे फोन में कैसे करें ट्रांसफर

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

ब्लू आर1 प्लस स्मार्टफोन लॉन्च, जानें क्या है स्पेसिफिकेशन

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

'नो एंट्री' के सीक्वल में सलमान खान का डबल धमाका

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

मेष राशि वालों को इस सप्ताह होगा अपनी गलतियों का अहसास, जानें अपना प्रेम राशिफल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

ऐसी मिट्टी पास रखने से चमक जाता है भाग्य, मिलती है दौलत भी

soil colour can change your life
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

कहीं आप भी तो रविवार को नहीं खाते ये दाल, परेशानियां नहीं छोड़ेंगी पीछा

never eat these things on sunday
  • गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
  • +

फूलेरी महोत्सव में टोलियां सम्मानित

Foliosi felicitated in the Foolery Festival
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

रसोई में कभी ना करें ये काम, हो जाएंगे कंगाल

vaastu for kitchen
  • बुधवार, 15 मार्च 2017
  • +

समृद्धि और खुशहाली लाता है ये कछुआ, घर में रखें और कमाल देखें

Turtle In Feng Shui Brings Good Luck And Prosperity
  • शनिवार, 4 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top