आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सच्ची हँसी ही सच्ची प्रार्थना हैः श्री श्री रविशंकर

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।

Updated Tue, 11 Dec 2012 11:32 AM IST
laugh is real pray of god thought sri sri ravi shankar
यदि आपका कभी ईश्वर से मिलना हो तो जानते हैं आप उन्हें क्या कहेंगे? ‘‘अरे! मैं तो अपने भीतर आप से मिल चुका हूं। ‘‘ ईश्वर आप में नृत्य करते हैं, उस दिन जिस दिन आप हँसते और प्रेम में होते हो। सुबह हँसना ही सच्ची प्रार्थना है। ऊपरी हँसना नही बल्कि अंदर की गहराई से हँसना। वास्तविक हँसी आपके भीतर से आपके हृदय से आती है।
सच्ची हँसी ही सच्ची प्रार्थना है। जब आप हँसते हो तो सारी प्रकृति आपके साथ हँसती है। यही हँसी प्रतिध्वनि होती है और गूंजती है, यही वास्तविक जीवन है। जब सब कुछ आपके अनुसार हो रहा हो तो कोई भी हँस सकता है, लेकिन जब सब कुछ आपके विपरीत हो रहा हो और आप हँस सके तो समझो विकास हो रहा है।

तो आपके जीवन में आपकी हँसी से मूल्यवान और कुछ नही। चाहे जो हो जाये इसे किसी के लिये खोना नही है। घटनाएं आती हैं और जाती हैं। कुछ तो सुखद होगी और कुछ दुखद, लेकिन जो कुछ भी हो आपको वे छू न पाये। आपके अस्तित्व के भीतर ऐसा कुछ है जो कि अनछुआ है। उस पर ही रहे जो अपरिवर्तनशील है। तभी आप हँसने के योग्य होंगे।

हँसने में भी भेद है। कभी कभी आप अपने आपको नही देखने के लिये या कुछ सोचने से बचने के लिये हँसते हो। लेकिन जब आप हर क्षण यह देखते हो और अनुभव करते हो कि जीवन हर क्षण है और जीवन का हर क्षण अपराजेय है तो आपको कोई परेशान नही कर सकता। आपने एक नवजात हो देखा होगा, छ माह का या एक वर्ष का। जब वे हँसते हैं तो उनका पूरा शरीर हिलता और कूदता है। उनकी हँसी उनके मुंह से ही नही आती, उनके शरीर का हर एक कण हँसता है। यह समाधि है। यह हँसी अबोध है, शुद्ध है, बिना किसी तनाव की है। हँसी हमें खोलती है, हमारे दिल को खोलती है।

स्रोत: आर्ट ऑफ लिविंग

श्री श्री रविशंकर
मानवीय मूल्यवादी, शांतिदूत और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर, का जन्म 13 मई 1956 को तमिलनाडु के पापानासम में हुआ था। इनके पिता आरएसवी रत्नम ने इनकी आध्यात्मिक रुचि को देखते हुए इन्हें महर्षि महेश योगी के सान्निध्य में भेज दिया। महर्षि के अनेकों शिष्यों में से रवि उनके सबसे प्रिय थे। 1982 में रवि शंकर दस दिन के मौन में चले गए। कुछ लोगों का मानना है कि इस दौरान वे परम ज्ञाता हो गए और उन्होंने सुदर्शन क्रिया (श्वास लेने की तकनीक) की खोज की।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

एक ही फिल्‍म कर गुमनाम हुई ये 'गांव की छोरी', अब विदेश में खड़ा किया अरबों का साम्राज्य

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

#Menstrual hygiene day: पीरियड्स में रखें इन बातों का ख्याल, वरना हो सकती हैं ये दिक्कतें

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

कई फिल्मों में काम कर चुकीं इस पॉपुलर एक्ट्रेस के साथ बेटे ने किया कुछ ऐसा, फूट-फूट कर रोईं

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

'मि. इंडिया' से स्टार बनी थी नन्ही 'टीना', अब कर रही है ये काम

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

रमजान से जुड़ी इन बातों को नहीं जानते होंगे आप

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

Most Read

भूलकर भी पूजा के दौरान ना करें ये गलतियां, होता है अपशगुन

aviod five mistakes during chanting and worship
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

ऐसे तिल वाले लोगों को मिलता है बीवी से बेशुमार प्यार

mole indicate your character
  • सोमवार, 15 मई 2017
  • +

कहीं आप भी तो रविवार को नहीं खाते ये दाल, परेशानियां नहीं छोड़ेंगी पीछा

never eat these things on sunday
  • गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
  • +

रावण संहिता के उपाय बना देंगे धनवान, बस करना होगा यह आसान काम

ravan samhita tips for financial status
  • रविवार, 7 मई 2017
  • +

भूलकर भी एक- साथ ना पहनें दो रत्न, बिगड़ सकता है काम

do you know about gemstones
  • शुक्रवार, 12 मई 2017
  • +

किस्मत बदल देती है विंड चाइम,भूलकर भी ना बैठें इसके नीचे

feng shui tips for wind chimes
  • शनिवार, 6 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top