आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सच्चे मन से पुकारें भगवान जरूर सुनेंगेः तरूण सागर

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।

Updated Sat, 24 Nov 2012 01:52 PM IST
how number one benefits house
पुकार और प्रार्थना दोनों ही सुनने वाले को द्रवित कर देते हैं। इनसे भक्त का भगवान तक सीधा संबंध रहता है। इन्हें पहुंचाने के लिए किसी डाकिये अथवा बिचौलिये की जरूरत नहीं होती। शास्त्रों में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जब संकट आने पर भक्त ने कोई पुकार अथवा प्रार्थना की हो और भगवान ने उसकी नहीं सुनी हो।
प्रार्थना अथवा पुकार सच्चे मन से की जानी चाहिए। मीराबाई का दृष्टान्त याद करिए, जब मीरा अपने आराध्य कृष्ण को पुकारती तो भाव विह्वल हो भजन गाती थी। एक बार मीरा भक्ति में लीन हो आंखें बन्द कर भजनानंद में खोई हुई थी तभी पास में खडा एक संगीत विशारद उसे सुन रहा था। उसने पाया कि वह भजन रागबद्ध नहीं है अतः उसने दीवार पर लिख दिया कि इस भजन में कोई राग नहीं है। जब मीरा की आंख खुली और उन्होंने दीवार पर लिखा हुआ पढ़ा तो तुरन्त राग से पूर्व अनु जोड़ दिया और लिखा कि प्रभु भक्ति में राग से ज्यादा महत्वपूर्ण अनुराग होना चाहिये क्योंकि राग से तो जगत प्रसन्न होता है जबकि अनुराग से जगदीश प्रसन्न होते हैं।

दान, वैराग्य और आत्महत्या करने का फैसला तुरंत एक ही झटके में होता है। जो इनके बारे में सोचते हैं वे कभी इन कामों में सफल नहीं हो पाते। स्वस्थ एवं संयमित जीवन के लिए खाना जरूरी है, लेकिन खाने के लिए जीना जरूरी नहीं है। जो लोग ऐसा करते हैं वे पाप के भागी बनते हैं। व्यक्ति दिन में तीन बार भोजन कर लेगा लेकिन एक बार जब उसे भजन करना पड़ता है तो हजार झंझट खडे़ हो जाते हैं। जब भजन के प्रति ऐसी प्रवृति होगी तो भगवान के प्रति अनुराग कैसे जगेगा। फिर आपक कहोगे कि भगवान को पुकारते हैं तो भगवान नहीं सुनते हैं। अपने अंदर अनुराग पैदा करो भगवान तुम्हारी जरूर सुनेंगे।

तरूण सागर परिचय
क्रांतिकारी राष्ट्रसंत के रूप में विख्यात आचार्य तरूण सागर जी महाराज का जन्म मध्यप्रदेश के दामोह जिले में हुआ है। माध्यमिक स्कूल तक की पढ़ाई के बाद इन्हों घर का त्याग कर दिया और संत बन गये। 1988 में इन्होंने मुनि की दीक्षा ली। तरूण सागर जी देश के प्रथम मुनि हैं जिन्होंने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया था।

इसके अलावा ये ऐसे पहले मुनी हैं जिन्होंने भारतीय सेना को भी संबोधित किया और सेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर का सम्मान भी पाया। सेना ने पहली बार किसी धर्म गुरू को ऐसे किसी भी सम्मान से सम्मानित किया। सेना के अलावा मुनि तरूण सागर ने लगभग हर जिले के पुलिस मुख्यालयों पर पुलिस अधिकारियों और जवानों को संबोधित किया है। इन्होंने गुरुमंत्र दीक्षा देकर जैन परंपरा में विधिवत गुरुदीक्षा की शुरुआत की।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Nokia 3310 की कीमत का हुआ खुलासा, 17 मई से शुरू होगी डिलीवरी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

फॉक्सवैगन पोलो जीटी का लिमिटेड स्पोर्ट वर्जन हुआ लॉन्च

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

सलमान की इस हीरोइन ने शेयर की ऐसी फोटो, पार हुईं सारी हदें

  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

इस बी-ग्रेड फिल्म के चक्कर में दिवालिया हो गए थे जैकी श्रॉफ, घर तक रखना पड़ा था गिरवी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

विराट की दाढ़ी पर ये क्या बोल गईं अनुष्का

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

कहीं आप भी तो रविवार को नहीं खाते ये दाल, परेशानियां नहीं छोड़ेंगी पीछा

never eat these things on sunday
  • गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
  • +

ऐसी मिट्टी पास रखने से चमक जाता है भाग्य, मिलती है दौलत भी

soil colour can change your life
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

फूलेरी महोत्सव में टोलियां सम्मानित

Foliosi felicitated in the Foolery Festival
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

रसोई में कभी ना करें ये काम, हो जाएंगे कंगाल

vaastu for kitchen
  • बुधवार, 15 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top