आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सूर्य पूजा का पर्व इसलिए कहलाता है छठ पर्व

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

Updated Mon, 19 Nov 2012 04:20 PM IST
why surya pooja called chaath parv
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पर्व मनाया जाता है। छठ पर्व में सूर्य भगवान की पूजा की जाती है फिर भी इसे सूर्य पूजा कहने की बजाय छठ पर्व के नाम से जाना जाता है। छठ पर्व के गीतों एवं भजनों में भी छठी मैया को प्रसन्न करने की प्रार्थना की जाती है। मान्यता है कि छठ मैया के प्रसन्न होने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। छठ मैया को आरोग्य सुख प्रदान करने वाला भी माना गया है। छठ मैया के इन्हीं गुणों के कारण सूर्य पूजा को छठ पर्व के रूप में मान्यता मिली।
इस संदर्भ में 'देवी भागवत पुराण' में एक कथा मिलती है। राजा प्रियव्रत विवाह के कई वर्षों बाद भी संतान सुख के लिए तरसते रहे। संतान सुख पाने के लिए इन्होंने सूर्य की उपासना की। सूर्य की कृपा से प्रियव्रत के घर बालक का जन्म हुआ लेकिन जन्म लेते ही बालक की मृत्यु हो गयी। प्रियव्रत बहुत दुःखी हुए। बालक के शव को लेकर  श्मशान पहुंचे। श्मशान में बच्चे के मृत शरीर को देखकर प्रियव्रत के अंदर जीने की इच्छा खत्म हो गयी। इसी समय प्रियव्रत के सामने एक देवी प्रकट हुई।

प्रियव्रत ने देवी की पूजा की और मृत बालक को जीवनदान देने की प्रार्थना करने लगे। प्रियव्रत की भक्ति से प्रसन्न होकर देवी ने राजा प्रियव्रत से कहा कि मैं ब्रह्माजी की मानस पुत्री देवसेना हूं। कुमार कार्तिकेय मेरे पति हैं। मूल प्रकृति के छठे अंश से उत्पन्न होने के कारण मैं षष्ठी कहलाती हूं। देवी ने प्रियव्रत के मृत बालक को पुनर्जीवित कर दिया। जिस दिन प्रियव्रत के मृत बालक को षष्ठी देवी ने जीवित किया वह कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि थी। षष्ठी देवी ने राजा से कहा कि तुम मेरी पूजा करो और अपनी प्रजा से भी मेरी पूजा करने के लिए कहो। इसके बाद राजा प्रियव्रत ने छठ पर्व किया। सूर्य की कृपा से प्राप्त बालक को षष्ठी देवी ने पुनर्जीवन दिया जिससे कार्तिक शुक्ल पष्ठी तिथि को सूर्य को अर्घ्य देकर छठ मैया की पूजा की जाती है।  

एक अन्य कथा के अनुसार कुमार कार्तिकेय का जन्म होने के बाद कार्तिकेय को सुरक्षित रखने के लिए अग्नि देव ने कुमार कार्तिकेय को गंगा को सौंप दिया। गंगा ने कार्तिकेय को सरकंडे के वन में रख दिया। इस वन में छह कृतिकाएं निवास करती थीं। कृतिकाओं ने कुमार कार्तिकेय को अपना पुत्र मान लिया और अपने साथ ले गईं। कृतिकाओं ने कार्तिकेय का पालन-पोषण किया। यही छह कृतिकाएं छठी माता कहलाती हैं। मान्यता है कि छोटे बच्चे जब तक अपने पैरों के अंगूठे को मुंह में नहीं डालते तब तक छठी माता बच्चों के साथ रहती हैं और उन्हें हंसाती रूलाती हैं यानी उनके साथ खेलती हैं।


  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

हीरोइन ने दिया ऐसा अल्टीमेटम फूट-फूटकर रोए थे शत्रुघ्न सिन्हा, ऐसा क्या हुआ था दोनों के बीच ?

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

पुरुषों को भी होता है ब्रेस्ट कैंसर, यकीं न हो तो पढ़ लीजिए खबर

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

पार्टियों में छाया अनुष्का-विराट का स्टाइल स्टेटमेंट, देखकर हो जाएंगे दीवाने

  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

हाथों का पसीना करता है शर्मिंदा, तो अपनाएं ये आसान तरीके

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

मूड बेहतर करने के साथ हड्डियां भी मजबूत करते हैं ये बीज, जानें कैसे

  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

Most Read

वर्षों बाद 25 मई को बन रहा है ये महासंयोग, छोटी सी पूजा से हर काम होगा पूरा

shani jayanti, vat savitri vrat and nautpa coincidence
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

अपरा एकादशीः आज रात कीर्तन के अलावा करें ये खास काम, धन की होगी बारिश

apara ekadashi vrat for financial status
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +

अक्षय तृतीयाः ऐसा नारियल होता है साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप , पूजा करने से होगा फायदा ही फायदा

akshaya tritiya: ekakshi coconut worship
  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

द्रौपदी की एक प्रतिज्ञा से हुआ था कौरवों का अंत

 draupadi cheer haran in mahabharat
  • सोमवार, 17 अप्रैल 2017
  • +

अक्षय तृतीया: इस बार दो दिन की होगी अक्षय तृतीया

akshaya tritiya: do you know akshaya tritiya will be celebrated two days
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

अक्षय तृतीयाः जानें सोना खरीदने के ये छह शुभ मुहूर्त

akshaya tritiya: good time for buy gold
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top