आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

शनि से यूं ही नहीं लगता है डर

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

Updated Sat, 22 Dec 2012 02:53 PM IST
why people are afraid from shani dasha
नवग्रहों में सबसे मंद गति होने के कारण शनि महाराज सबसे लंबे समय तक एक ही राशि में टिके रहते हैं। इनकी दशा भी सबसे लंबी होती है। भगवान शिव ने शनि महाराज को नवग्रहों में न्यायाधीश का पद दिया है। शनि देव जो भी न्याय करते हैं उसका फल राहु केतु देते हैं।
शनि के न्याय में किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं होता है। इसलिए शनि के नाम से सामान्य व्यक्ति ही नहीं बल्कि राजे-महाराजे एवं देवताओं को भी भय होता है। एक बार तो शनिदेव के भय से महादेव भी कैलाश छोड़कर भाग गये, लेकिन शनि ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और शनि दशा के कारण महादेव को भी कष्ट का सामना करना पड़ा।

पुराणों में कथा है कि एक बार शिव ने शनि से पूछा कि क्या तुम्हारी दशा में मुझे भी कष्ट भोगना पड़ेगा। इस पर शनि ने उत्तर दिया कि प्रभु आपने ही मुझे न्यायाधीश बनाया है, मैं किसी के प्रति अन्याय नहीं करता। मेरी दशा में सभी को अपने कर्म का फल भुगतना पड़ता है, इससे न तो मनुष्य बच सकते हैं न ही देवी-देवता और आप। इसके बाद शनि देव ने शिव से कहा कि कल मैं आपकी राशि में आ रहा हूं। पूरे दिन मैं आपकी राशि में रहूंगा। 

शनि की बात सुनकर शिव ने सोचा कि शनि से बचने के लिए कुछ न कुछ उपाय तो करना होगा। अगले दिन सुबह भगवान शिव कैलास छोड़कर पृथ्वी पर आ गये और हाथी बनकर कोकिला वन में विचरने लगे। कोकिला वन शनि महाराज का वन है, शनि महाराज यहां निवास करते हैं। भगवान शिव ने सोचा कि शनि तो कैलास में रहेगा इसलिए मैं उसके ही वन में रहता हूं।

शाम होने पर शिव जी ने सोचा कि अब तो शनि मेरा इंतजार करके थक गया होगा और कैलाश से लौट रहा होगा। यह विचार करके शिव जी ने हाथी का रूप त्याग दिया और वास्तविक रूप में आ गये। इसके बाद शिव जी कैलाश की ओर चल पड़े। कैलाश पहुंचने पर देखा कि शनि अब भी कैलाश पर मौजूद है। शिव जी ने मुस्कुरा कर शनि से कहा कि मैं तुम्हारे प्रभाव से बचा रहा। शनि ने कहा कि प्रभु देव योनि से पशु योनी मैं आज आपको रहना पड़ा यह मेरी दशा का ही प्रभाव है।

भगवान शिव शनि के भेद-भाव रहित न्याय से प्रसन्न हुए और आशीर्वाद दिया। शनि से शिव ने कहा कि अब से तुम्हारी दशा का प्रभाव कैलाश क्षेत्र एवं मेरे भक्तों पर नहीं होगा। यही कारण है कि महामृत्युंजय मंत्र जप, शिव की नियमित पूजा करने वाले को शनि अपनी दशा में अधिक नहीं सताते हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

प्रियंका चोपड़ा ने लाइट जलाकर बनाए हैं संबंध, खुद किया खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

OMG: ये लड़की डॉक्टर से मांग लाई अपना कटा पैर, फिर दिखाए गजब के करतब

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका का सबसे जुदा अंदाज, किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही हैं

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS : स्वामी ओम के चलते सलमान ने लिया बड़ा फैसला, ऐसा अब तक नहीं हुअा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति सचिवालय में 10वीं पास के लिए बंपर भर्तियां, आवेदन जल्द करें

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

रामेश्वरम में लगा है कुंभ 30 सितंबर को है मुख्य स्नान

kumbh mela in rameshwaram
  • शुक्रवार, 30 सितंबर 2016
  • +

मां के जयकारों से गूंजे कानपुर के देवी मंदिर

engaged in line of devotees on navratri devi temple
  • शनिवार, 1 अक्टूबर 2016
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top