आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

ऐसे शुरू हुआ एकादशी व्रत

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

Updated Sat, 08 Dec 2012 05:47 PM IST
utpanna ekadashi vrat
एकादशी व्रत के बारे में आप जानते ही होंगे। हर महीने में दो एकादशी होती है- एक कृष्ण पक्ष की एकादशी और दूसरी शुक्ल पक्ष की एकादशी। लेकिन हो सकता है कि आप यह नहीं जानते हों कि एकादशी व्रत की शुरुआत कैसे हुई। एकादशी की शुरुआत के विषय में पुराणों में जो कथा मिलती है उसके अनुसार मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु के शरीर से एकादशी देवी का जन्म हुआ। इसलिए मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के नाम से जाना जाता है।
मुर नामक असुर से युद्घ करते हुए जब भगवान विष्णु थक गए तब बद्रीकाश्रम में गुफा में जाकर विश्राम करने लगे। मुर भगवान विष्णु का पीछा करता हुए बद्रीकाश्रम पहुंच गया। निद्रा में लीन भगवान को मुर ने मारना चाहा तभी विष्णु भगवान के शरीर से एक देवी का जन्म हुआ और इस देवी ने मुर का वध कर दिया।

देवी के कार्य से प्रसन्न होकर विष्णु भगवान ने कहा कि देवी तुम्हारा जन्म मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को हुआ है इसलिए तुम्हारा नाम एकादशी होगा। आज से प्रत्येक एकादशी को मेरे साथ तुम्हारी भी पूजा होगी। जो भक्त एकादशी का व्रत रखेगा वह पापों से मुक्त हो जाएगा।

मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को एकादशी देवी का अवतार हुआ था इसलिए सभी एकादशी में इसका बड़ा महत्व है। एकादशी देवी विष्णु की माया से प्रकट हुई थी। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति श्रद्घा भाव से उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखता वह मोहमाया के प्रभाव से मुक्त हो जाता है, छल-कपट की भावना उसमें कम हो जाती है और अपने पुण्य के प्रभाव से व्यक्ति विष्णु लोक में स्थान पाने योग्य बन जाता है।  

इस वर्ष यह एकादशी 9 दिसम्बर को है। जो लोग यह व्रत करना चाहते हैं उन्हें एकादशी के दिन प्रातः उठकर भगवान विष्णु एवं देवी एकादशी की पूजा करनी चाहिए। पूरे दिन निराहार रहकर संध्या पूजन के बाद फलाहार चाहिए। परनिंदा, छल-कपट, लालच, द्वेष से भावना मन में न लाएं। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाने के पश्चात स्वयं भोजन करें।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

कई बीमारियों का इलाज करता है शिव का प्रिय 'धतूरा'

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

पैरों को मोड़कर बैठना हो सकता है खतरनाक..अब गलती से भी न बैठें ऐसे

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

इस हीरो के बोल्ड सीन देख छूट गए थे सभी के पसीने, आज जी रहा गुमनामी की जिंदगी

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

Indian Couture Week 2017: राजस्थानी प्रिंसेस लुक में रैंप पर उतरीं दिया मिर्जा

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

इन खास मौकों पर हमेशा झूठ बोलती हैं लड़कियां, ऐसे करें पता

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

Most Read

खुशखबरीः पूजा-पाठ पर नहीं पड़ेगी जीएसटी की आंच

GST: Puja samagri and havan samagri to be exempt
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +

कड़ी सुरक्षा के बीच ओडिशा में शुरू हुई जगन्नाथ यात्रा, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

jagannath rath yatra celebration begins today in puri
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हटाया अतिक्रमण

Encroachment removed from Panchal Ghat Bandha
  • शनिवार, 8 जुलाई 2017
  • +

यह है स्वर्ग का पेड़, नीचे बैठने भर से दूर हो जाती है थकान, कहानी भी है बड़ी रोचक

The Story Of Parijaat Tree Of Kintoor, How It Came On Earth
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

वर्षों बाद 25 मई को बन रहा है ये महासंयोग, छोटी सी पूजा से हर काम होगा पूरा

shani jayanti, vat savitri vrat and nautpa coincidence
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

लंबे समय बाद इस नक्षत्र में पड़ रहा है गंगा दशहरा, जानें पूजा करने का सही समय

ganga dussehra puja time and importance
  • शुक्रवार, 2 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!