आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

शनि प्रदोष व्रत से मिलती है शनि की असीम कृपा

राकेश/इंटरनेट डेस्क

Updated Fri, 26 Oct 2012 05:04 PM IST
shani pradosh vrat clears obstacles
प्रदोष व्रत हर महीने में दो होते हैं एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। यह व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। सोमवार के दिन त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इसे सोम प्रदोष व्रत कहते हैं और मंगलवार के दिन पड़ने पर भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। इन दोनों प्रदोष व्रतों के अलावा शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत का भी बड़ा महत्व है। शनिवार के दिन जब त्रयोदशी तिथि पड़ती है तब इसे शनि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनिप्रदोष व्रत शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के लिए उत्तम होता है। शनि प्रदोष व्रत करने वाले पर शनिदेव की असीम कृपा होती है। व्रत करने वाले को इस दिन प्रातः काल भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए इसके बाद शनि देव की पूजा। संध्या काल में सूर्यास्त के बाद रात होने से पहले गोधूली के समय शिव और शनि की पूजा करने से व्रत पूरा होता है। शनि प्रदोष व्रत के दिन ग्यारह बार दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करने से शनि के अशुभ प्रभाव के कारण जीवन में आ रही परेशानी में कमी आती है।

शनि प्रदोष व्रत की कथा है कि प्राचीन काल में एक नगर सेठ थे। सेठ जी के घर में सभी सुख-सुविधाएं थीं लेकिन संतान नहीं होने के कारण सेठ और सेठानी दुःखी थे। काफी सोच-विचार करके सेठ जी ने अपना काम नौकरों को सौंप दिया और खुद सेठानी के साथ तीर्थयात्रा पर निकल पड़े। अपने नगर से बाहर निकलने पर उन्हें एक साधु मिले जो ध्यानमग्न थे। सेठ जी ने सोचा कि क्यों न साधु से आशीर्वाद लेकर आगे की यात्रा की जाए।

सेठ और सेठानी साधु के निकट बैठ गये। साधु ने जब आंखें खोली तो उन्हें ज्ञात हुआ कि सेठ और सेठानी काफी समय से आशीर्वाद की प्रतीक्षा में बैठे हैं। साधु ने सेठ और सेठानी से कहा कि मैं तुम्हारा दुःख जानते हूं। तुम शनि प्रदोष व्रत करो इससे संतान सुख प्राप्त होगा। साधु ने प्रदोष व्रत की विधि भी बताई।

सेठ और सेठानी साधु से आशीर्वाद लेकर तीर्थयात्रा के लिए आगे चल पड़े। तीर्थ यात्रा से लौटने के बाद सेठ और सेठानी ने मिलकर शनि प्रदोष व्रत किया। व्रत के प्रभाव से कुछ समय बाद सेठानी गर्भवती हुई और सेठ जी के घर पुत्र का जन्म हुआ।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

शाहरुख को सुपरस्टार बना खुद गुमनाम हो गया था ये एक्टर, 12 साल बाद सलमान की फिल्म से की वापसी

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बिग बॉस ने इस 'जल्लाद' को बनाया था स्टार, पॉपुलर होने के बावजूद कर रहा ये काम

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून फ्लोरल रंग में रंगी नजर आईं प्रियंका चोपड़ा

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

'टाइगर जिंदा है' के सेट से सलमान और कैट की ये 'कैमिस्ट्री' लीक...

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

तीज पर मेहंदी लगाने से पहले जरूर सोच लें, कहीं गलती तो नहीं हो रही

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

Most Read

खुशखबरीः पूजा-पाठ पर नहीं पड़ेगी जीएसटी की आंच

GST: Puja samagri and havan samagri to be exempt
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +

कड़ी सुरक्षा के बीच ओडिशा में शुरू हुई जगन्नाथ यात्रा, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

jagannath rath yatra celebration begins today in puri
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हटाया अतिक्रमण

Encroachment removed from Panchal Ghat Bandha
  • शनिवार, 8 जुलाई 2017
  • +

यह है स्वर्ग का पेड़, नीचे बैठने भर से दूर हो जाती है थकान, कहानी भी है बड़ी रोचक

The Story Of Parijaat Tree Of Kintoor, How It Came On Earth
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

वर्षों बाद 25 मई को बन रहा है ये महासंयोग, छोटी सी पूजा से हर काम होगा पूरा

shani jayanti, vat savitri vrat and nautpa coincidence
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

लंबे समय बाद इस नक्षत्र में पड़ रहा है गंगा दशहरा, जानें पूजा करने का सही समय

ganga dussehra puja time and importance
  • शुक्रवार, 2 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!