आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

यहां मौजूद है महाभारत के रचयिता महर्षि व्यास की गुफा

Rakesh Jha

Rakesh Jha

Updated Fri, 03 Aug 2012 04:54 PM IST
mahabharat-writer-maharshi-ved-vyas-lived-vyas-gufa-mana-gaon
इस वर्ष गुरू पूर्णिमा 3 जुलाई को है। महर्षि वेदव्यास जी ने चारो वेदों को संकलित किया साथ ही इन्होंने अठारह पुराणों की रचना की। वेदव्यास जी ने गणेश भगवान को अपना लेखक बनाकर महाभारत नामक महाकाव्य लिखवाया। वेदों और पुराणों के रचनाकर होने के कारण इन्हें संसार का प्रथम गुरू माना जाता है। इनके जन्मदिन को गुरू पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।
महर्षि वेदव्यास जी ने जहां रहकर वेद, पुराणों एवं महाभारत की रचना की उस स्थान के विषय में मान्यता है कि यह स्थान भारत और चीन की सीमा के पास स्थित माणा गांव है। माणा गांव उत्तराखंड में अलकनंदा और सरस्वती के संगम स्थल केशव प्रयाग के तट पर बद्रीनाथ धाम से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यह एक छोटा सा गांव है जहां के लोग मई से लेकर अक्तूबर तक इस गांव में रहते हैं, इसके बाद गांव को छोड़कर कहीं और चले जाते हैं क्योंकि बाकी समय यह गांव बर्फ से ढका होता है।

इस गांव में एक ऊंची पहाड़ी पर बहुत ही सुन्दर गुफा है, ऐसी मान्यता है कि व्यास जी इसी गुफा में रहते थे। वर्तमान में इस गुफा में व्यास जी का मंदिर बना हुआ है। व्यास गुफा में व्यास जी के साथ उनके पुत्र शुकदेव जी और वल्लभाचार्य की प्रतिमा है। इनके साथ ही भगवान विष्णु की भी एक प्राचीन प्रतिमा है।

इस गुफा में प्रवेश करने पर शांति और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। गुफा के अंधकार को दूर करने के लिए एक दीपक जलता रहता है जो इस बात को दर्शाता है कि वेदव्यास जी ने ज्ञान की रोशनी से सांसारिक अंधकार को दूर करने का महान कार्य इसी गुफा में किया था।

व्यास जी द्वारा इस स्थान को अपना निवास स्थान बनाने का कारण यह माना जाता है कि इस स्थान के एक ओर भगवान विष्णु का निवास स्थान बद्रीनाथ धाम है। दूसरी ओर ज्ञान की देवी सरस्वती का नदी रूप में उद्गम स्थल है। व्यास गुफा के समीप ही भगवान विष्णु के चरण से निकली हुई अलकनंदा का संगम सरस्वती से हो रहा है।

ऐसी मान्यता भी है कि व्यास गुफा के पास से ही स्वर्ग लोक का रास्ता है, इसी रास्ते से पाण्डव स्वर्ग जा रहे थे लेकिन ठंड की वजह से चारों पाण्डव और द्रौपदी गल गयी सिर्फ युधिष्ठिर घर्म और सत्य का पालन करने के कारण ठंड को झेल पाये और सशरीर स्वर्ग पहुंच सके।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

क्या आपने देखा है अमीषा का ये ‘रेड अलर्ट’ फोटोशूट

  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

गैस्ट्रिक की समस्या से दिलाएगा छुटकारा गजब का ये आसन

  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

सोते समय अगर मुंह से बहती है लार तो ये उपाय दिलाएंगे छुटकारा

  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

मिलिए नेपाल के सुपरस्टार से जिसकी हर फिल्म होती है ब्लॉकबस्टर, लेता है मोटी फीस

  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

अब नहीं करनी पड़ेगी डाइटिंग..ये 5 तरीके चंद दिनों में घटाएंगे वजन

  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

Most Read

खुशखबरीः पूजा-पाठ पर नहीं पड़ेगी जीएसटी की आंच

GST: Puja samagri and havan samagri to be exempt
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +

कड़ी सुरक्षा के बीच ओडिशा में शुरू हुई जगन्नाथ यात्रा, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

jagannath rath yatra celebration begins today in puri
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हटाया अतिक्रमण

Encroachment removed from Panchal Ghat Bandha
  • शनिवार, 8 जुलाई 2017
  • +

यह है स्वर्ग का पेड़, नीचे बैठने भर से दूर हो जाती है थकान, कहानी भी है बड़ी रोचक

The Story Of Parijaat Tree Of Kintoor, How It Came On Earth
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

वर्षों बाद 25 मई को बन रहा है ये महासंयोग, छोटी सी पूजा से हर काम होगा पूरा

shani jayanti, vat savitri vrat and nautpa coincidence
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

लंबे समय बाद इस नक्षत्र में पड़ रहा है गंगा दशहरा, जानें पूजा करने का सही समय

ganga dussehra puja time and importance
  • शुक्रवार, 2 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!