आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

धरती पर आज से 9 दिन रहेगी मां दुर्गा

Rakesh Jha

Rakesh Jha

Updated Fri, 03 Aug 2012 04:55 PM IST
maa-durga-will-stay-on-earth-for-nine-days-during-gupt-navratri
मां दुर्गा आज से नौ दिनों के लिए पृथ्वी पर आ रही हैं। 28 जून को मां वापस अपने लोक लौट जाएंगी। साल में ऐसा चार बार होता है जब मां पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच आती हैं। पृथ्वी को माता का मायका माना गया है। माता हर बार नौ दिनों के लिए मायके आती हैं, इसलिए माता के आगमन से जाने के दिन तक को नवरात्र के नाम से जाना जाता है।
शास्त्रों में चार नवरात्र की चर्चा की गयी है। शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र को प्रकट नवरात्र कहा गया है। जबकि आषाढ़ और माघ के नवरात्र को गुप्त नवरात्र के नाम से जाना जाता है। आज से शुरू हो रहा नवरात्र गुप्त नवरात्र है। इसे शक्ति की उपासना के लिए उत्तम माना गया है। इस दौरान तंत्र-मंत्र की साधना का फल जल्दी मिलता है। 

मनोकामना पूरी करने वाली दस महाविद्याएं
इस नवरात्र में शुम्भ-निशुम्भ का वध करने वाली मां दुर्गा की महासरस्वती रूप की प्रधानता रहती है। शास्त्रों में महासरस्वती के साथ शाकंभरी देवी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

श्रृंग ऋषि ने कहा है कि जिस प्रकार चैत्र नवरात्र में विष्णु पूजा की और शारदीय नवरात्र में शक्ति के नौ रूपों की पूजा की प्रधानता रहती है, गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की पूजा का महत्व होता है। इनकी उपासना से धन-धान्य एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला ये दस महाविद्याएं हैं।

माता की पूजा करें, ग्रहों के शुभ फल पाएं
जिनकी कुण्डली में कोई ग्रह कमज़ोर हैं या शत्रु भाव में बैठकर हानि पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोगों को नवरात्र के इन दिनों में माता की उपासना करनी चाहिए। जिनका सूर्य अनुकूल नहीं है उन्हें शैल पुत्री की उपासना से लाभ मिलता है।

कूष्मांडा की पूजा से चन्द्रमा शुभ फल देने लगता है। मंगल जिनका प्रतिकूल है उन्हें स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। बुध को मजबूत बनाने के लिए कात्यायनी की साधना करें। महागौरी की पूजा से गुरू बलवान होकर शुभ फल देने लगता है। शुक्र को शुभ बनाने के लिए सिद्घिदात्री की पूजा करें।

कालरात्रि की भक्ति से शनि का कुप्रभाव समाप्त हो जाता है। राहु अगर कष्ट दे रहा है तो ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा करें और केतु के दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

मालदीव में छुट्टियां मना रही हैं निया शर्मा, हॉट तस्वीरें हुई वायरल

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

'हिन्दी मीडियम' में प्रिंसिपल की भूमिका में नजर आएंगी अमृता सिंह

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

हल्दी का ये नुस्खा छूमंतर करेगा पैरों की सूजन, आजमा कर देखें

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

VIDEO : 'टाइगर जिंदा है' का एक्शन सीन आया सामने

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

क्या सोनाक्षी के आगे नाचने को राजी होंगे युवराज-हेजल?

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

Most Read

यह है स्वर्ग का पेड़, नीचे बैठने भर से दूर हो जाती है थकान, कहानी भी है बड़ी रोचक

The Story Of Parijaat Tree Of Kintoor, How It Came On Earth
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

मनचाही लड़की से शादी करनी है तो पूर्णिमा के दिन करें ये काम, तुरंत होगी बात पक्की

Do These Things To Get Married To Your Favourite Girl, Shighra Vivah Ke Upay
  • मंगलवार, 7 मार्च 2017
  • +

जाने बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर के दर्शन का नया समय

time change of banke bihari temple
  • बुधवार, 15 मार्च 2017
  • +

मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त चढ़ाते हैं ताले-चाभी, झट पूरी होती हैं मुरादें

Story Of Maa Bandi Devi Mandir In Varanasi
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

जगन्नाथपुरी की यात्रा पर जाएंगे 390 यात्री

390 passengers to visit Jagannathpuri
  • मंगलवार, 14 मार्च 2017
  • +

सरस्वती पूजा की संपूर्ण विधि और मुहूर्त

saraswati poojan vidhi
  • मंगलवार, 31 जनवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top