आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

अपने ही वरदान से हाथ-पांव गंवा बैठे भगवान जगन्नाथ

Rakesh Jha

Rakesh Jha

Updated Mon, 06 Aug 2012 12:49 PM IST
god-Jagannath-lost-hand-and-feet-by-their-own-boon
भगवान जगन्नाथ तीनों लोकों के स्वामी हैं। इनकी भक्ति से लोगों की मनोकामना पूरी होती है लेकिन खुद इनके हाथ-पांव नहीं हैं। जगन्नाथ पुरी में जगन्नाथ जी के साथ बलदेव और बहन सुभद्रा की भी प्रतिमाएं है। जगन्नाथ जी की तरह इनके भी हाथ-पांव नहीं हैं। तीनों प्रतिमाओं का समान रूप से हाथ-पांव नहीं होना अपने आप में एक अद्भुत घटना का प्रमाण है।
जगन्नाथ जी के अद्भुत रूप के विषय में यह कथा है कि मालवा के राजा को भगवान विष्णु ने स्वप्न में कहा, "समुद्र तट पर जाओ वहां तुम्हें एक लकड़ी का लट्ठा मिलेगा उससे मेरी प्रतिमा बनाकर स्थापित करो।" राजा ने ऐसा ही किया और उनको वहां पर लकड़ी का एक लट्ठा मिला।

इसी बीच देव शिल्पी विश्वकर्मा एक बुजुर्ग मूर्तिकार के रूप में राजा के सामने आये और एक महीने में मूर्ति बनाने का समय मांगा। विश्वकर्मा ने यह शर्त रखी कि जब तक वह खुद आकर राजा को मूर्तियां नहीं सौप दे तब तक वह एक कमरे में रहेगा और वहां कोई नहीं आएगा।

राजा ने शर्त मान ली। लेकिन एक महीना पूरा होने से कुछ दिनों पहले मूर्तिकार के कमरे से आवाजें आनी बंद हो गयी तब राजा को चिंता होने लगी कि बुजुर्ग मूर्तिकार को कुछ हो तो नहीं गया। इसी आशंका के कारण उसने मूर्तिकार के कमरे का दरवाजा खुलावाकर देखा। कमरे में कोई नहीं था और मूर्तियों के हाथ पांव नहीं थे।

राजा अपनी भूल पर पछताने लगा तभी आकाशवाणी हुई कि यह सब भगवान की इच्छा से हुआ है, इन्हीं मूर्तियों को ले जाकर मंदिर में स्थापित करो। राजा ने ऐसा ही किया और तब से जगन्नाथ जी इसी रूप में पूजे जाने लगे।

विश्वकर्मा चाहते तो एक मूर्ति पूरी होने के बाद दूसरी मूर्ति का निर्माण करते लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और सभी मूर्तियों को अधूरा बनाकर छोड़ दिया। इसके पीछे भी एक कथा है। बताते हैं कि एक बार देवकी रूक्मणी और कृष्ण की अन्य रानियों को राधा और कृष्ण की कथा सुना रही थी।

उस समय छिपकर यह कथा सुन रहे कृष्ण, बलराम और सुभद्रा इतने विभोर हो गये कि मूर्तिवत वहीं पर खड़े रह गए। वहां से गुजर रहे नारद को उनका अनोखा रूप दिखा। उन्हें ऐसा लगा जैसे इन तीनों के हाथ-पांव ही न हों। बाद में नारद ने श्री कृष्ण से कहा कि आपका जो रूप अभी मैंने देखा है, मैं चाहता हूं कि वह भक्तों को भी दिखे। कृष्ण ने नारद को वरदान दिया कि वे इस रूप में भी पूजे जाएंगे। इसी कारण जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के हाथ-पांव नहीं हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

फिल्म 'अवतार' के 4 सीक्वल आएंगे, रिलीज डेट आई सामने

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

बंदर के पोज में क्यों बैठे हैं 'गुंडे', ट्विटर पर डाली फोटो

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

यूरिन इंफेक्शन से दूर रखेंगे ये सुपर फूड्स, ट्राई करके देखें

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

महिला बॉडीगार्ड ज्यादा रखने की कहीं ये वजह तो नहीं?

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

जानें कैसे 400 ग्राम दूध बचा सकता है आपको आने वाली दुर्घटनाओं से

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

द्रौपदी की एक प्रतिज्ञा से हुआ था कौरवों का अंत

 draupadi cheer haran in mahabharat
  • सोमवार, 17 अप्रैल 2017
  • +

तुलसीदास ने यहीं पर हनुमान प्रतिमा के सामने बैठकर लिखी थी चौपाइयां

hanuman jayanti special: chopiyan were written in front of hanuman idol
  • मंगलवार, 11 अप्रैल 2017
  • +

आज इस मंत्र से करें मां कूष्माण्डा की पूजा, मिलेगा संतान सुख

navaratri 2017 special mantra for who want child
  • शुक्रवार, 31 मार्च 2017
  • +

नवरात्र में इस मंत्र से करें पूजा, मिलेगा मनचाहा पति

navratri special mantra for Desired husband
  • शनिवार, 1 अप्रैल 2017
  • +

बांकेबिहारी मंदिर को पहली बार मिला इतना बड़ा दान

donation for bankebihari temple
  • सोमवार, 3 अप्रैल 2017
  • +

यह है स्वर्ग का पेड़, नीचे बैठने भर से दूर हो जाती है थकान, कहानी भी है बड़ी रोचक

The Story Of Parijaat Tree Of Kintoor, How It Came On Earth
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

मनचाही लड़की से शादी करनी है तो पूर्णिमा के दिन करें ये काम, तुरंत होगी बात पक्की

Do These Things To Get Married To Your Favourite Girl, Shighra Vivah Ke Upay
  • मंगलवार, 7 मार्च 2017
  • +

मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त चढ़ाते हैं ताले-चाभी, झट पूरी होती हैं मुरादें

Story Of Maa Bandi Devi Mandir In Varanasi
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

जाने बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर के दर्शन का नया समय

time change of banke bihari temple
  • बुधवार, 15 मार्च 2017
  • +

सरस्वती पूजा की संपूर्ण विधि और मुहूर्त

saraswati poojan vidhi
  • मंगलवार, 31 जनवरी 2017
  • +

रामेश्वरम में लगा है कुंभ 30 सितंबर को है मुख्य स्नान

kumbh mela in rameshwaram
  • शुक्रवार, 30 सितंबर 2016
  • +

मां के जयकारों से गूंजे कानपुर के देवी मंदिर

engaged in line of devotees on navratri devi temple
  • शनिवार, 1 अक्टूबर 2016
  • +

जगन्नाथपुरी की यात्रा पर जाएंगे 390 यात्री

390 passengers to visit Jagannathpuri
  • मंगलवार, 14 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top