आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पिण्डदान करने से घर आती है सुख-समृद्धि

राकेश/इंटरनेट डेस्क

Updated Fri, 05 Oct 2012 12:50 PM IST
do-pind-dan-during-sharadh-for-prosperity-and-happiness
शास्त्रों में कहा गया है कि पितृ का स्थान देवताओं के समान है। देवता अगर प्रसन्न हों लेकिन पितृ नाराज हों तो देवताओं से शुभ फल मिलने में बाधा आती है। इसलिए पितरों को प्रसन्न रखने में लिए श्राद्ध और पिण्डदान का नियम बनाया गया है। भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक के समय को श्राद्ध पक्ष कहा जाता है।
इस दौरान पितृगण धरती पर आते हैं और अपनी संतान से पिण्डदान एवं श्राद्ध का अंश प्राप्त कर संतुष्ट होते हैं। श्राद्ध पक्ष में जो लोग पितरों का तर्पण और पिण्डदान नहीं करते हैं पितर उनसे नाराज होते हैं। फलस्वरूप पितृ पूजा नहीं करने वालों को साल भर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
 
पितरों तक पहुंचता है श्राद्ध का अंश
गरूड़ पुराण के अनुसार पितरों के निमित्त किया गया श्राद्ध का अंश पितर जिस लोक में होते हैं उन तक पहुंच जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि पितरों का नाम और गोत्र लेकर मंत्र सहित जो अन्न जल अर्पित किया जाता है वह पितरों तक अलग-अलग रूप में पहुंचता है। अगर कर्मों के अनुसार पितृ देवलोक में होते हैं तो श्राद्ध का अंश उन्हें अमृत रूप में प्राप्त होता है।

गन्धर्व लोक में होने पर भोग्य रूप में, पशु योनि में होने पर तृण रूप में श्राद्ध का अंश पहुंचता है। यक्ष होने पर पेय पदार्थ के रूप में, सर्प योनि में होने पर वायु रूप में और दानव योनि में होने पर मांस रूप में श्राद्ध का अंश पितृ गणों तक पहुंचता है।

प्रेत योनि में गये पितरों के पास श्राद्ध का अंश रक्त रूप में तथा मनुष्य होने पर अन्न रूप में पहुंचता है। जिन पितृ गणों को मुक्ति मिल चुकी होती है उनके पास गया अंश आशीर्वाद बनकर श्राद्ध करने वाले के पास लौट आता है।

पितृ पूजा से लाभ
शास्त्रों में कहा गया है कि पितरों को संतुष्ट करने वाले व्यक्ति को कभी तकलीफ का सामना नहीं करना पड़ता है। जिनके पितर नाराज होते हैं उनकी कुण्डली में पितृ दोष पाया जाता है। पितृ दोष से पीड़ित व्यक्ति को संतान सुख में बाधा आती है। घर में कलह एवं आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हें प्रेत बाधा का भी सामना करना पड़ता है।

इसके विपरीत पितरों को संतुष्ट और प्रसन्न करने वालों को संतान सुख प्राप्त होता है। मान-सम्मान में वृद्धि होती है। धन संबंधी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है। पितरों की पूजा एवं श्राद्ध करने वालों को मृत्यु के बाद उत्तम लोक में स्थान प्राप्त होता है। शास्त्रों में लिखा है कि जो लोग पितरों को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं उन्हें स्वर्ग में स्थान नहीं मिलता है, क्योंकि उन पर पितृ ऋण चढ़ा रहता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

नहीं लिया है जियो प्राइम ऑफर, तो यह खबर कर देगी खुश

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

सलमान के चलते घुटनों पर बैठ फूट-फूटकर रोए थे करण जौहर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

पीरियड्स के दर्द से छुटकारा दिलाएगा पपीता, ये नुस्खे भी हैं कारगर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

ये हैं वो सस्ती कारें जिनका माइलेज है शानदार

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

दिल्ली पुलिस महिला कर्मियों के लिए रखेगी 'नाम शबाना' की स्पेशल स्क्रीनिंग

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

Most Read

यह है स्वर्ग का पेड़, नीचे बैठने भर से दूर हो जाती है थकान, कहानी भी है बड़ी रोचक

The Story Of Parijaat Tree Of Kintoor, How It Came On Earth
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

मनचाही लड़की से शादी करनी है तो पूर्णिमा के दिन करें ये काम, तुरंत होगी बात पक्की

Do These Things To Get Married To Your Favourite Girl, Shighra Vivah Ke Upay
  • मंगलवार, 7 मार्च 2017
  • +

मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त चढ़ाते हैं ताले-चाभी, झट पूरी होती हैं मुरादें

Story Of Maa Bandi Devi Mandir In Varanasi
  • शुक्रवार, 3 मार्च 2017
  • +

जाने बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर के दर्शन का नया समय

time change of banke bihari temple
  • बुधवार, 15 मार्च 2017
  • +

जगन्नाथपुरी की यात्रा पर जाएंगे 390 यात्री

390 passengers to visit Jagannathpuri
  • मंगलवार, 14 मार्च 2017
  • +

सरस्वती पूजा की संपूर्ण विधि और मुहूर्त

saraswati poojan vidhi
  • मंगलवार, 31 जनवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top