आपका शहर Close

उन्नति और सुख समृद्धि का पर्व है सूर्य षष्ठी व्रत

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

Updated Sat, 17 Nov 2012 11:18 AM IST
chaath vrat brings peace and prosperity
सूर्य षष्ठी व्रत वर्ष में दो बार होता है। एक चैत माह में और दूसरा कार्तिक माह में। इनमें कार्तिक मास के छठ का विशेष महत्व है। इसका कारण यह माना जाता है कि इन दिनों भगवान विष्णु जल में रहते हैं। सूर्य को भगवान विष्णु का प्रत्यक्ष रूप माना जाता है इसलिए इन्हें सूर्य नारायण भी कहते हैं।
सूर्य षष्ठी पर्व में नदी अथवा तालाब में कमर तक प्रवेश करके उगते एवं डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है इससे भगवान विष्णु के सूर्य रूप एवं जल में स्थित विष्णु के अप्रत्यक्ष रूप की पूजा एक साथ हो जाती है। इसलिए कार्तिक मास की सूर्य षष्ठी व्रत का विशेष महत्व है।

बिहार एवं पूर्वांचल में सूर्य षष्ठी पर्व को सभी पर्वों में विशेष महत्व दिया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र प्राचीन काल से कृषि प्रधान क्षेत्र रहा है। सूर्य को कृषि का आधार माना जाता है, क्योंकि सूर्य ही मौसम में परिवर्तन लाता है।

सूर्य के कारण ही बादल जल बरसाने में सक्षम होता है। सूर्य अनाज को पकाता है। इसलिए सूर्य का आभार व्यक्त करने के लिए प्राचीन काल से इस क्षेत्र के लोग सूर्य पूजा करते आ रहे हैं। वेदों में भी सूर्य को सबसे प्रमुख देवता के रूप में मान्यता प्राप्त है।

लेकिन सूर्य पूजा से सूर्य षष्ठी पर्व की शुरूआत कैसे हुई इस विषय में सूर्य पुत्र कर्ण से जुड़ी मान्यताएं हैं। सूर्य पुत्र कर्ण अंग देश का राजा था। अंग देश वर्तमान में बिहार का भागलपुर जिला है। कर्ण के आराध्य देव भगवान सूर्य थे। नियमित रूप से गंगा नदी में कमर तक प्रवेश करके कर्ण भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया करता था।

कर्ण ने अपने राज्य में सर्वप्रथम सूर्य षष्ठी पर्व की शुरूआत की। धीरे-धीरे इसका विस्तार होता गया और सूर्य षष्ठी पर्व पूरे बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाने लगा और अब यह पर्व भारत की सीमा को लांघकर विदेशों में भी मनाया जाने लगा है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

Comments

स्पॉटलाइट

पद्मावती का 'असली वंशज' आया सामने, 'खिलजी' के बारे में सनसनीखेज खुलासा

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

पत्नी को किस कर रहा था डायरेक्टर, राजकुमार राव ने खींच ली तस्वीर, फोटो वायरल

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

सिर्फ 'पद्मावती' ही नहीं, ये 4 फिल्में भी रही हैं रिलीज से पहले विवादों में

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

बेसमेंट के नीचे दफ्न था सदियों पुराना ये राज, उजागर हुआ तो...

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Most Read

जान‌िए मुस्लिमों के सबसे बड़े धार्मिक स्थल काबा की बनावट का राज

know about story of kaaba and how it was built the largest religious place of Muslims
  • बुधवार, 15 नवंबर 2017
  • +

शरीर का आकार होता है, लेकिन मन का नहीं, इससे जो चाहें करें

The body has a shape, but there is no shape of the mind
  • शनिवार, 11 नवंबर 2017
  • +

karva chauth 2017: जानिए कब दिखेगा चांद, कितने बजे का है पूजा का मुहूर्त

karva chauth 2017 when moon will  rise at night
  • रविवार, 8 अक्टूबर 2017
  • +

22 अक्तूबर से करें 4 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा, 8505 रुपये में रहना-खाना और घूमना

Jyotirlingas Journey From 22nd October
  • शुक्रवार, 29 सितंबर 2017
  • +

वर्षों बाद 25 मई को बन रहा है ये महासंयोग, छोटी सी पूजा से हर काम होगा पूरा

shani jayanti, vat savitri vrat and nautpa coincidence
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!