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जानिए आसन क्या है, कौन सा लाभदायक और कैसे होती है साधना

स्वामी प्रकाशमुनि

Updated Sat, 11 Nov 2017 08:39 AM IST
Asana means to sit in the body without meditation, without stability
आसन का अर्थ किसी तरह का शारीरिक अभ्यास नहीं है। इसका अर्थ ध्यान के लिए शरीर को स्थिरता से बिना हिलाए-डुलाए बैठना है। आशय सिर्फ बैठने की विधि से नहीं, उस स्थान और वातावरण से है, जहां ध्यान किया जाए। पातंजल योगदर्शन की मानें, तो शरीर को थकाने वाले अभ्यासों से, स्थिरता और सुविधा से बैठने पर ज्यादा आध्यात्मिक लाभ होता है।
इन निर्देशों को मानें तो योग साधना के लिए सिद्धासन, सर्वांगासन, पद्म्सन आदि पैरों को मोड़ने-तोड़ने के विधि-विशेष को नहीं मानना चाहिए, बल्कि उस वातावरण का संकेत समझना चाहिए, जहां उपासना या ध्यान धारण किया जाना है। साधना में मन न लगने, जी ऊबने , चित्त के चंचल रहने की शिकायत साधकों को प्रायः रहती है। इसके आंतरिक कारणों के अलावा वातावरण का प्रभाव खासतौर पर रहता है।
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