आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

अक्षय नवमीः आज भोजन करें आंवले के वृक्ष के नीचे

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

Updated Thu, 22 Nov 2012 10:42 AM IST
akshay navmi story and importance of amla
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी कहा जाता है। अक्षय नवमी का शास्त्रों में वही महत्व बताया गया है जो वैशाख मास की तृतीया का है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय नवमी के दिन किया गया पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है। इस दिन जो भी शुभ कार्य जैसे दान, पूजा, भक्ति, सेवा किया जाता है उनका पुण्य कई-कई जन्म तक प्राप्त होता है। इसी प्रकार इस दिन कोई भी शास्त्र विरूद्घ काम किया जाए तो उसका दंड भी कई जन्मों तक भुगतना पड़ता है इसलिए अक्षय नवमी के दिन ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे किसी को कष्ट पहुंचे।
अक्षय नवमी के दिन शास्त्रों में धातृ यानी आंवले के वृक्ष की पूजा करने का विधान बताया गया है। मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु एवं शिव जी का निवास होता है। इसलिए अक्षय नवमी के दिन प्रातः उठकर धातृ के वृक्ष के नीचे साफ-सफाई करनी चाहिए। आंवले के वृक्ष की पूजा दूध, फूल एवं धूप से करनी चाहिए।

इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाकर ब्राह्मणों को खिलाना चाहिए इसके बाद स्वयं भोजन करना चाहिए। भोजन के समय पूर्व दिशा की ओर मुंह रखें। शास्त्रों में बताया गया है कि भोजन के समय थाली में आंवले का पत्ता गिरे तो यह बहुत ही शुभ होता है। थाली में आंवले का पत्ता गिरने से यह माना जाता है कि आने वाले साल में व्यक्ति की सेहत अच्छी रहेगी।

धातृ के वृक्ष की पूजा एवं इसके वृक्ष के नीचे भोजन करने की प्रथा की शुरूआत करने वाली माता लक्ष्मी मानी जाती हैं। इस संदर्भ में कथा है कि एक बार माता लक्ष्मी पृथ्वी भ्रमण करने आयीं। रास्ते में भगवान विष्णु एवं शिव की पूजा एक साथ करने की इच्छा हुई। लक्ष्मी मां ने विचार किया कि एक साथ विष्णु एवं शिव की पूजा कैसे हो सकती है। तभी उन्हें ख्याल आया कि तुलसी एवं बेल का गुण एक साथ आंवले में पाया जाता है। तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है और बेल शिव को।

आंवले के वृक्ष को विष्णु और शिव का प्रतीक चिन्ह मानकर मां लक्ष्मी ने आंवले की वृक्ष की पूजा की। पूजा से प्रसन्न होकर विष्णु और शिव प्रकट हुए। लक्ष्मी माता ने आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाकर विष्णु और भगवान शिव को भोजन करवाया। इसके बाद स्वयं भोजन किया। जिस दिन यह घटना हुई थी उस दिन कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि थी। इसी समय से यह परंपरा चली आ रही है।

अक्षय नवमी के दिन अगर आंवले की पूजा करना और आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन बनाना और खाना संभव नहीं हो तो इस दिन आंवला जरूर खाना चाहिए। चरक संहिता के अनुसार अक्षय नवमी को आंवला खाने से महर्षि च्यवन को फिर से जवानी यानी नवयौवन प्राप्त हुआ था।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

akshay navmi amla tree

स्पॉटलाइट

गैंगरेपः स्कूल से लौट रही थी 9वीं की छात्रा, गन प्वाइंट पर उठा ले गए दो युवक

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

राम गोपाल वर्मा ने फिर शेयर की आपत्तिजनक फोटो

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

शादी के दिन लड़कों के दिमाग में चलती हैं ये बातें

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

INDIAN NAVY में 10वीं पास के लिए वैकेंसी, 45 हजार सैलरी

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

आपकी 'वेगन डाइट' कहीं आपको मोटा तो नहीं कर रही,जानें वजह

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

Most Read

कड़ी सुरक्षा के बीच ओडिशा में शुरू हुई जगन्नाथ यात्रा, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

jagannath rath yatra celebration begins today in puri
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

वर्षों बाद 25 मई को बन रहा है ये महासंयोग, छोटी सी पूजा से हर काम होगा पूरा

shani jayanti, vat savitri vrat and nautpa coincidence
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

लंबे समय बाद इस नक्षत्र में पड़ रहा है गंगा दशहरा, जानें पूजा करने का सही समय

ganga dussehra puja time and importance
  • शुक्रवार, 2 जून 2017
  • +

रमजान 2017ः इस देश में होगा सबसे लंबा रोजा, जानिए कितने घंटे का

ramadan 2017: longest and shortest fasting times around the world
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

इन जगहों पर वट पूर्णिमा के दिन होती है सावित्री की पूजा, जानें इसका फायदा

vat purnima vrat 2017
  • गुरुवार, 8 जून 2017
  • +

अपरा एकादशीः आज रात कीर्तन के अलावा करें ये खास काम, धन की होगी बारिश

apara ekadashi vrat for financial status
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top