आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

दवा पर 60 फीसदी कमीशन खा रहे बिचौलिए

Shimla

Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
शिमला। दवा पर कमीशन का खेल मरीजों की जेब काट रहा है। जेनरिक और ब्रांडेड पर उठे हो- हल्ले पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन खुलकर सामने आ गई है। एसोसिएशन ने दो टूक शब्दों में कहा कि दवा का कमीशन सीएंडएफ, होल सेलर, रिटेलर और दूसरी स्कीम में बंट जाता है। इसमें 60 फीसदी कमीशन बिचौलिए सीधे तौर पर ले रहे हैं। दवा में प्राइस कंट्रोल न होने की वजह से यह गड़बड़झाला चला हुआ है। जब तक सरकार दवा के एमआरपी पर नियंत्रण नहीं करती, तब तक यह सब ऐसे ही चलता रहेगा।
एसोसिएशन ने साफ किया कि डाक्टर हमेशा मरीज के हित में दवा लिखता है। दो तरह के साल्ट होते हैं। मार्केट में एक साल्ट सस्ता आता है और दूसरा महंगा। सस्ते साल्ट से जेनरिक दवा बनती हैं और महंगा साल्ट ब्रांडेड कंपनियां इस्तेमाल करती हैं, लेकिन मेडिसन की क्वालिटी कंट्रोल बेहद जरूरी है। किसी भी दवा की क्वालिटी ही ठीक नहीं होगी तो मरीज कैसे ठीक होगा? एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अनिल ओहरी ने कहा कि डाक्टरों पर जेनरिक दवाओं को लिखने का जो दबाव बना रही है, इसमें मरीजों का भला हो या न हो लेकिन इसमें दवा कंपनियाें और केमिस्टों की चांदी हैं। डाक्टर पर्ची पर केवल साल्ट लिख कर देंगे। आगे मरीज को दवा केमिस्ट देगा। दवा की एमआरपी (मूल्य) पर नियंत्रण न होने की वजह से केमिस्ट अपने फायदे के लिए अधिक मूल्य वाली दवा मरीज को बेच देगा। इस स्थिति में डाक्टर क्या कर सकता है, जब तक सरकार दवा की क्वालिटी और कीमत पर नियंत्रण न करे तब तक इस तरह के निर्देश बेमानी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अनिल ओहरी और सचिव डा. रवि कांत डोगरा ने सरकार से आग्रह किया है मेडिसन का प्राइस कंट्रोल करें। तभी इस समस्या का स्थायी हल निकल पाएगा।

ब्रांडेड दवा पर किसको कितना कमीशन
सीएंडएफ - 5 फीसदी
होल सेलर- 10 फीसदी
रिटेलर- 20 फीसदी
दूसरी स्कीमों में - 25 फीसदी
(इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक)

प्राइस कंट्रोल करना हमारे बस में नहीं : स्वास्थ्य निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक डा. डीएस चंदेल ने कहा कि मेडिसन पर प्राइस कंट्रोल करना राज्य सरकार का नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का काम हैं। जेनरिक दवाओं की गुणवत्ता पर स्टेट ड्रग कंट्रोलर ही सही जानकारी दे पाएंगे। स्वास्थ्य निदेशालय की कोशिश है कि मरीजों को बेहतर उपचार और सस्ती दवा मिल सके। इस दिशा में काम कर रहे हैं।

साल्ट में कोई अंतर नहीं : ड्रग कंट्रोलर
स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना बिल्कुल गलत है। जेनरिक और ब्रांडेड दवा के साल्ट में कोई अंतर नहीं रहता। केवल दवा पर लगाया गया कंपनी का चिह्न अलग रहता है। जेनरिक दवा की क्वालिटी बेहतर है। केवल यहां हम दवा की क्वालिटी पर निगरानी रख सकते हैं। प्राइस कंट्रोल हमारे क्षेत्राधिकार से बाहर है।

मरीजों को मिल रही हैं सस्ती दवाएं : बंसल
प्रदेश दवा निर्माता संघ के संयुक्त सचिव राजेश बंसल ने कहा कि सरकार ने ब्रांड नेम पर एप्रूवल देना बंद कर दिया है। अब केवल जेनरिक पर ही स्वीकृति मिल रही है। मार्केट में दवा कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा है। इसका फायदा मरीजों को मिल रहा है। इन्हें सस्ती दवा उपलब्ध हो रही है। मार्केट में उपलब्ध होने वाली दवाओं की मूल्य सूची डाक्टरों के पास भी उपलब्ध रहती है। दवा निर्माताओं पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

GST लगने के बाद डेढ़ लाख रुपये घटी मित्सुबिशी पजेरो की कीमत

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

सिर जो तेरा चकराए तो...छुटकारा पाने के लिए कर लें ये उपाए

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

करोड़ों की फीस लेने वाली दीपिका पादुकोण ने पहने ऐसे सैंडल, आप कभी नहीं पहनना चाहेंगे

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

थायराइड की प्रॉब्लम दूर करती है गजब की ये मुद्रा

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

50 वर्षों बाद बन रहा है ऐसा संयोग, जानें खरीदारी का सही समय

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Most Read

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

5 साल की बेटी को नहला रही थी मां, दोनों को मिली खौफनाक मौत

5 year old and mother died after electrocuting
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Video: डीएम बोले- 'टॉयलेट नहीं तो अपनी वाइफ को बेच दो'

Aurangabad's DM Kanwal Tanuj has made a controversial statement during a public meeting
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

अखिलेश यादव की बैठक के दौरान सपा नेता उमाशंकर चौधरी को हार्टअटैक, मौत

sp leader uma shankar chaudhary died in akhilesh yadav meeting
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

खाना देख खुद को रोक न सकीं सीएम वसुंधरा राजे

cm vasundhara raje like food at dalits house
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!