आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सेलरी में बांट दिया सरकार से मिला विकास का रुपया

Shimla

Updated Sun, 02 Dec 2012 05:30 AM IST
शिमला। नवंबर की तनख्वाह के लिए नगर निगम सदन से पारित करवाए गए डिपाजिट वर्क की एफडी को प्री मेच्योर करवाने के फैसले को एमसी ने बदल दिया है। तनख्वाह देने के लिए अब एफडी को नहीं तोड़ा गया है। प्रदेश सरकार ने शहर के विकास के लिए नगर निगम को साढ़े पांच करोड़ की ग्रांट जारी की है। विकास के लिए मिली इस राशि से अब एमसी प्रशासन ने ढाई करोड़ की राशि निकालकर तनख्वाह दी है।
डिपाजिट वर्क की एफडी को बचाकर नगर निगम को फिलहाल राहत जरूर मिल गई है लेकिन डेवलपमेंट के लिए प्रदेश सरकार द्वारा दी गई 5.56 करोड़ की ग्रांट में से ढाई करोड़ तनख्वाह में खर्च कर एमसी की किरकिरी भी हुई है। ग्रांट के तहत जारी की गई राशि को प्रदेश सरकार ने नगर निगम को कार्य विशेष के लिए दिया है। इस राशि को विकास कार्यों के अलावा कहीं दूसरी जगह खर्च नहीं किया जा सकता। लेकिन नगर निगम को अफसरों और कर्मचारियों के वेतन के लाले पड़ गए हैं। इस स्थिति में कभी ग्रांट को वेतन पर खर्च किया जा रहा है तो कभी एफडी तोड़कर जुगाड़ किया जा रहा है।
--------
नौ करोड़ 70 लाख की देनदारी
नगर निगम की कुल देनदारियां नौ करोड़ 70 लाख रुपये है। निगम के मुख्य खातों में शेष राशि करीब 31.34 लाख रुपये है। कर्मचारियों का वेतन नेट सेलरी के सहारे चल रहा है लेकिन ग्रास सेलरी के तौर पर निगम पर देनदारी लंबित है। नगर निगम शिमला में 1298 अधिकारी और कर्मचारी हैं। इनमें नियमित कर्मियों के अलावा कांट्रेक्ट और डेलीवेज पर रखे गए कर्मी भी शामिल हैं। इसके अलावा पेंशन, सीपीएस अंशदान की राशि का भी मासिक भुगतान करना पड़ता है। इस पर मासिक दो करोड़ 56 लाख की राशि खर्च होती है।

हाउस टैक्स मिले तो नहीं रहेगी दिक्कत : मेयर
मेयर संजय चौहान का कहना है कि हाउस टैक्स की वसूली नहीं होने के चलते आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। मामला राज्य सरकार से उठाया गया है। उम्मीद है जल्द ही हल निकल आएगा। उन्होंने कहा कि इस बार तनख्वाह देने के लिए एफडी प्री मेच्योर करवाने के बजाय ग्रांट से कुछ राशि निकाली गई है। इसकी भरपाई करने के लिए एमसी प्रयासरत है। मेयर ने शहर के लोगों से भी अपील की है कि वे हाउस टैक्स जमा करवाने में अपनी सहभागिता बढ़ाएं।

हाउस टैक्स में फंसा नई-पुरानी प्रणाली का पेंच
किसी समय मुंबई नगर निगम को उधार देने वाले नगर निगम की आर्थिक हालत 2012 में खस्ता हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण हाउस टैक्स की वसूली नहीं होना बताया जा रहा है। यूनिट एरिया मेथड और पुरानी पद्धति के पेंच के कारण शहर में इस साल टैक्स वसूली नहीं हो पाई। एमसी को हाउस टैक्स से सालाना करीब छह करोड़ और प्रापर्टी टैक्स से चार करोड़ की आय होती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

अब ऐसा दिखने लगा है शाहरुख-काजोल का 'बेटा', ये काम कर कमा रहा पैसे

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

'तीन तलाक' ने उजाड़ दी थी मीना कुमारी की जिंदगी, ऐसा हो गया था उनका हाल

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

लगातार हिट देता है साउथ का ये सुपरस्टार, एक फिल्म की लेता है इतनी फीस

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

जिम जाने में आता है आलस तो घर में ही करें ये डांस हो जाएंगे फिट

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

बालों की देखभाल से जुड़ी इन बातों पर कभी न करें भरोसा नहीं तो होगा पछतावा

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

Most Read

राबड़ी देवी के समर्थन में उतरे सुशील मोदी, बीजेपी के कई नेता हैरान

Sushil Modi in support of Rabri Devi, many BJP leaders surprised
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

जानिए तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोला दारुल उलूम?

Darul Uloom from Deoband said on the divorce decision of three ...
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

मां-बाप ने डांटा तो घर से भाग न‌िकले नाबाल‌िग भाई-बहन, होटल पहुंचे तो...

minor brothers and sisters run from house after Parents scolded  
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

पीएम मोदी से पहले उदयपुर पहुंची जसोदा बेन, जानिए क्यों...

Jasoda Ben arrives at Udaipur before PM Modi
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

भूकंप के झटकों से डोला उत्तराखंड, दहशत में आए लोग

Earthquake in joshimath uttarakhand
  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

शिक्षाम‌ित्रों के हक में अखिलेश ने किया ट्वीट, निशाने पर सीएम योगी

akhilesh yadav tweets in favour of shikshamitra
  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!