आपका शहर Close

'सरकारें चलवाती हैं आदिवासियों पर गोलियां'

समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर

Updated Mon, 20 Jan 2014 06:09 PM IST
governments got fire on tribals issue in Jaipur Literature Festival
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) में इस बार खास उत्साह नहीं नहीं आ रहा।
पांच दिवसीय आयोजन में समाप्ति के एक दिन पहले सोमवार तक पिछले वर्षों के मुकाबले कम भीड़-भाड़ रही। सहित्य के बजाय विवादों के लिए अधिक चर्चा में रहनेवाले इस उत्साव में इस बार कई नामी चेहरे दिखाई नहीं दिए।

साहित्यकार, कवि, निर्देशक, गीतकार गुलजार, साहित्यकार जावेद अख्तर जैसे व्यक्तित्व का इंतजार रहा, जो लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। इस बार खास तौर पर उन सत्रों का इंतजार किया जा रहा था, जिनमें ऑलम्पिक पदक विजेता मैरीकॉम उपस्थित रहतीं, लेकिन वे भी नहीं आईं।

पिछले सालों से लगातार विवाद छाए रहने के कारण जेएलएफ को साहित्य के बजाय विवादों के लिए अधिक जाना जाने लगा है। गुलजार, जावेद अख्तर जैसे शख्सियत के सत्रों में भीड़ समाती ही नहीं पाती थी।

हालांकि इस बार गीतकार, लेखक प्रसून जोशी और कलाकार इरफान खान के सत्रों का आकर्षण रहा। प्रख्यात साहित्यकारों में झुंपा लाहिड़ी, अमीषा त्रिपाठी जैसे लेखकों के सत्र में थोड़ी भीड़ देखी गई। लेकिन पिछले सालों जैसे नजारे नजर नहीं आए।

आदिवासियों का दर्द सामने रखा
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में ब्लू प्लेनेट एंड ग्रीन अर्थ सत्र में लेखक सुमन सहाय ने आदिवासियों का दर्द लोगों के सामने रखा।

सहाय ने कहा कि सरकारें खनिज संपदा के लिए आदिवासियों पर गोलियां चलवा रही हैं। मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ व आदिवासी बाहुल्य अन्य क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी के कारण आदिवासी संस्कृति समाप्त होती जा रही है, जिसका सीधा असर देश की हरित संपदा पर पड़ रहा है। सरकार को इनका संरक्षण करना चाहिए। अन्यथा ग्रीन अर्थ का नाम सिर्फ किताबों में ही रह जाएगा।

स्क्रिप्ट राइटरों का दर्द
परदे के पीछे सत्र में लेखिका शशि मित्तल ने मुंबई के विभिन्न स्क्रिप्ट राइटर का दर्द बयां किया।

उन्होंने कहा कि क्रिएटिव हैड और चैनल के दबाव के चलते रायटर को अपनी स्क्रिप्ट में बदलाव करना पड़ता है, जिसका परिणाम यह होता है कि लेखक मुख्य कहानी से भटक जाता है। अगर राइटर प्रयास करे, तो वह इस गुमनामी और परेशानी से बाहर आ सकता है।
Comments

स्पॉटलाइट

पद्मावती का 'असली वंशज' आया सामने, 'खिलजी' के बारे में सनसनीखेज खुलासा

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

पत्नी को किस कर रहा था डायरेक्टर, राजकुमार राव ने खींच ली तस्वीर, फोटो वायरल

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

सिर्फ 'पद्मावती' ही नहीं, ये 4 फिल्में भी रही हैं रिलीज से पहले विवादों में

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

बेसमेंट के नीचे दफ्न था सदियों पुराना ये राज, उजागर हुआ तो...

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Most Read

J&K: फुटबॉलर से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बना था माजिद, किया सरेंडर

footballer who joined LeT has surrendered before security forces in Kashmir
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

चुनाव आयोग का शरद यादव को करारा झटका, बोला- चुनाव चिन्ह तीर के असली हकदार नीतीश

Election commission recognizes Nitish Kumar led faction as JDU and gives them arrow symbol
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

संशोधित पेंशन का आदेश जारी, 120 से 200 रुपए तक बढ़ी पेंशन

Revised pension issued by up government
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

PoK पर फारूक के बिगड़े बोल, 70 साल में तय नहीं कर पाए अब कहते हैं ये हमारा हिस्सा है

Farooq Abdullah give reaction on POK
  • गुरुवार, 16 नवंबर 2017
  • +

सीमेंट और कोयला कारोबारियों के यहां आयकर का छापा

सीमेंट और कोयला कारोबारियों के यहां आयकर का छापा
  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!